सिरदर्द को नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक, इन लक्षणों से समझें अपने सिरदर्द का कारण

हर बार सिरदर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देना या दवा खाकर ठीक कर लेना सही नहीं है। कुछ सिरदर्द खतरनाक भी हो सकते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jan 22, 2020Updated at: Jan 22, 2020
सिरदर्द को नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक, इन लक्षणों से समझें अपने सिरदर्द का कारण

सिरदर्द इतनी आम समस्या है कि बहुत सारे लोगों ने इसे 'बीमारी' समझना ही बंद कर दिया है। आमतौर पर लोग सिरदर्द के कारणों को नहीं समझना चाहते हैं। देखा जाता है कि सिरदर्द की समस्या होने पर कोई तेल, बाम लगाकर या दर्द निवारक दवा का सेवन करके इससे छुटकारा पा लिया जाता है। कुछ सिरदर्द, जिनका कारण तनाव या चिंता होते हैं, वो अपने आप ठीक हो जाते हैं। मगर कई सिरदर्द ऐसे भी होते हैं, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। आइए हम आपको बताते हैं सिरदर्द के कुछ आम कारण और इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें।

कंप्यूटर विजन सिरदर्द (Computer Vision Headaches)

आजकल बहुत सारे लोगों का काम बिना लैपटॉप या कंप्यूटकर के नहीं हो पाता है। ऐसे लोग जो रोजाना लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें कंप्यूटर विजन हेडेक होने की संभावना ज्यादा होती है। इस तरह के सिरदर्द का कारण कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन की स्क्रीन से निकलने वाली लाइट होती है। इस तरह के सिरदर्द को आप निम्न लक्षणों से पहचान सकते हैं।

  • धुंधली दिखना या एक के बजाय दो दिखना
  • आंखों में लालपन
  • थकान
  • गर्दन दर्द

सिरदर्द के साथ अगर इन चारों में से कोई लक्षण महसूस हो, तो इसका कारण कंप्यूटर विजन हेडेक हो सकता है। इस तरह के सिरदर्द से बचने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करने के दौरान ब्लू लाइट फिल्टर वाले चश्मे पहनकर बैठें। इसके अलावा आप डेस्क लैम्प का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे कंप्यूटर की स्क्रीन से आपकी आंखों तक आने वाला प्रकाश बंट जाता है और आपकी आंखों पर इसका प्रभाव कम पड़ता है।

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जाइंट सेल अर्टराइटिस हेडेक (Giant Cell Arteritis Headaches)

अगर सिरदर्द के साथ-साथ आपको अपने जबड़ों में भी दर्द महसूस होता है, तो जाइंट सेल आर्टराइटिस का संकेत हो सकता है। इस समस्या को आप निम्न लक्षणों से पहचान सकते हैं।

  • वजन घटना
  • धुंधला दिखना यो दो दिखना
  • बुखार
  • स्कैल्प (खोपड़ी) की त्वचा सामान्य से ज्यादा मुलायम महसूस होना

आमतौर पर ऐसा सिरदर्द 50 साल की उम्र के बाद होता है। ऐसा सिरदर्द खतरनाक हो सकता है इसलिए लक्षणों के दिखने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी है। अगर ये सिरदर्द लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो व्यक्ति के आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।

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सर्वाइकोजेनिक सिरदर्द (Cervicogenic Headaches)

सर्वाइकोजेनिक सिरदर्द भी एक अलग तरह का सिरदर्द है। ये सिरदर्द के साथ-साथ आपको गर्दन के पिछले हिस्से में भी दर्द महसूस होता है। इसका खतरा उन लोगों होता है, जो लोग आमतौर पर सही पोश्चर नहीं रखते हैं। गर्दन के पिछले हिस्से और खोपड़ी की लाइनिंग के बीच में एक प्वाइंट आता है, जिसे सर्वाइकल स्पाइन या C2 जंक्शन कहते हैं। इसी जगह पर होने वाला दर्द सर्वाइकोजेनिक सिरदर्द है। इस समस्या को आप निम्न लक्षणों से पहचान सकते हैं।

  • ऊपरी श्वासनली में पीछे गर्दन और खोपड़ी के बीच में अकड़न (Tightness) महसूस होना।
  • गर्दन के सामने वाली मांसपेशियों में परेशानी महसूस होना
  • आपकी छाती की मांसपेशियों में तनाव
  • कंधे के हिस्से में कठोरता

इस तरह का सिरदर्द भी बहुत खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने के बजाय आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, जिससे कि वो जरूरी इलाज शुरू कर सकें।

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