शादी से पहले फोटोशूट की तरह कपल्स अब करा रहे है प्री-मैरिज काउंसिलिंग, जानें इसके फायदे

प्री-मैरिज काउंसिलिंग की मदद से आप शादी के पहले अपने पार्टनर के बारे में कई बातों को समझ पाते हैं। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariUpdated at: Mar 03, 2022 04:22 IST
शादी से पहले फोटोशूट की तरह कपल्स अब करा रहे है प्री-मैरिज काउंसिलिंग, जानें इसके फायदे

आज के समय में युवा शादी के निर्णय को काफी सोच समझकर लेना चाहते है ताकि आने वाले समय में वह शादी से जुड़ी तमाम स्थितियों के लिए तैयार हो। जैसे-जैसे हमारे समाज और युवाओं ने तरक्की की, शादी को लेकर उनकी सोच में भी बदलाव आया है। अब शादी के लिए भले माता-पिता आपके लिए हमसफर की तलाश करें लेकिन अंतिम निर्णय आप अपनी प्राथमिकताओं के हिसाब से लेते है। इसके लिए लोग एक-दूसरे से मिलते है और उन्हें जानने-समझने की कोशिश करते है। इसी क्रम में एक तरीका है कपल थेरेपी, जिसकी मदद से अब युवा शादी से पहले प्री-मैरिज काउंसिलिंग का सहारा ले रहे हैं। इससे वह विभिन्न प्रश्नों पर अपनी होने वाले साथी की राय और जिंदगी के तमाम मुद्दों पर काउंसलर की मदद से चर्चा करते है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में दोनों के बीच वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बैठाने में परेशानी न हो और आपस में वह समस्याओं को सुलझा सके। आइए इस लेख में प्री-मैरिज काउंसिलिंग के बारे में विस्तार से जानते है। 

क्या है प्री-मैरिज काउंसिलिंग

प्री-मैरिज काउंसिलिंग में युवा शादी के बाद आने वाले तमाम विषयों पर चर्चा करते है। इसके माध्यम से वह अपने साथी के साथ पैसों से लेकर बच्चों के जन्म से जुड़ी कई अहम बातों पर चर्चा करते हैं। साथ ही एक-दूसरे के व्यवहार और कमजोरियों को जानने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा काउंसिलिंग की मदद से आप एक-दूसरे के स्वभाव और कमियों को भी समझते है ताकि भविष्य में आपको परेशानी न हो। काउंसलर के सामने इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है ताकि शादी और रिश्ते को लेकर उनके मन में संशय की स्थिति न हो। इसकी मदद से आपका एक सुखद और बेहतर वैवाहिक जीवन की रूपरेखा तैयार करते है। हालांकि प्री-मैरिज काउंसिलिंग ज्यादातर उच्च-मध्यम वर्ग के लोगों में प्रचलित है।

प्री-मैरिज काउंसिलिंग के फायदे

प्री-मैरिज काउंसिलिंग के कई फायदे है। इससे आपको शादी के बारे में एक-दूसरे की राय समझने में मदद मिलेगी। 

1.  दोनों के बीच अच्छा संवाद स्थापित होता है

कई बार हम आपस में अपनी परेशानी और दिक्कतों को लेकर बात नहीं कर पाते है लेकिन काउंसलर या थेरेपिस्ट की मदद से एक-दूसरे से खुलकर बात करते है। काउंसिलिंग की मदद से आप बिना अपने पार्टनर से कई अनकही चीजों के बारे में बात कर पाते है और इसका फायदा वैवाहिक जीवन में भी मिलता है, जिसकी मदद से आप गुस्से या पार्टनर पर हावी हुए बिना अपनी बात कह सकेंगे। 

2. समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है

कई बार एक रिश्ता सिर्फ इसलिए टूट जाता है कि हम उसके समाधान की बजाय केवल समस्याओं पर ध्यान देते है और अपनी गलती मानने से कतराते हैं लेकिन काउंसलर आपको न केवल किसी जटिल मुद्दे पर समस्या के समाधान को लेकर बात करते है बल्कि आपको पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देने के लिए भी प्रेरित करते है ताकि आपके रिश्ते में कलह-कलेश कम हो और आपका रिश्ता सुखद रहे। 

premarital-counselling

Image Credit- Freepik

3. पॉजिटिव चीजों पर ध्यान दें

कई कपल केवल अपने रिश्ते की कमियों पर ध्यान देते है। वह शिकायत करते है कि तुम ऐसे नहीं हो या तुम वैसे नहीं हो। प्री-मैरिज काउंसिलिंग आपको रिश्ते में पॉजिटिव रहना सिखाता है ताकि आप अपने साथी की कमियों की जगह अच्छाई पर ध्यान दें और शिकायत करने की बजाय उनसे खुलकर बात करें या उन चीजों को स्वीकार करने की कोशिश करें।

4. आक्रामक व्यवहार खत्म करने में मददगार

रिश्ते में कई बार किसी एक साथी के व्यवहार की वजह से भी चीजें खराब हो जाती है। पति के अधिक शराब पीने या मारने-पीटने के कारण या फिर पत्नी के गुस्सैल स्वभाव ऐसे ही कुछ उदाहरण है, जिसके कारण शादी के बाद रिश्ते टूट जाते है। प्री-मैरिज काउंसिलिंग की मदद से युवा अपने इस व्यवहार पर नियंत्रण पा सकते है और अपनी कमियों को दूर कर सकते है। इससे आपको शादी के बाद इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है। 

premarital-counselling

Image Credit- Freepik

5. निर्णय लेने की क्षमताओं का विकास

काउंसिलिंग की मदद से जोड़ों के निर्णय लेने की क्षमता का विकास भी होता है। आप शादी, पैसों और बच्चों के बारे में भी अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकते है और एक-दूसरे के साथ न्यायसंगत तरीके से बात कर सकते है। आपस में खुलकर बात करने और काउंसलर की मदद से आपको एक निर्णय पर पहुंचने में परेशानी नहीं होती है। 

इसे भी पढ़ें- शादी के लिए पहली बार मिलने जा रहे हैं लड़के से, तो इन 5 बातों पर जरूर दें ध्यान

प्री-मैरिज काउंसिलिंग का प्रभाव

1. अपने साथी को समझने की कोशिश 

शादी से पहले प्री-मैरिज काउंसिलिंग की सहायता से आपको अपने साथी को समझने में मदद मिलती है। इससे आप उनके विश्वास, मूल्यों, अपेक्षाओं, प्रेरणाओं, प्राथमिकताओं और दिनचर्या को आसानी से समझ पाते है और यह एक स्वस्थ रिश्ते के लिए बेहद जरूरी है।  

premarital-counselling

Image Credit- Freepik

2. झूठी अपेक्षाओं से बचना 

लड़के या लड़कियां शादी को लेकर कई सपने सजाते है लेकिन वह शादी के बाद आने वाली तमाम समस्याओं और वैवाहिक जीवन की जटिलताओं पर विचार नहीं करते है। ऐसे में शादी के बाद जब ये समस्याएं आती है, तो उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पाती है और असंतोष व्यक्त होने लगता है लेकिन प्री-मैरिटल काउंसिलिंग से आप यथार्थवादी अपेक्षाएं रखते है न कि काल्पनिक अपेक्षाओं में जीते हैं। इससे आप साथी की ताकत और कमजोरियों को समझ पाते हैं। 

3. भविष्य के लिए योजना

इसकी सहायता से आपको अपने वैवाहिक जीवन से संबंधित योजनाओं को बनाने में मदद मिलती है। ताकि आप अपने किसी भी निर्णय को लेकर आश्वस्त रहें और आने वाली जिंदगी खुशहाल रहे।

Disclaimer