एक दूसरे को कम महत्व देने के कारण आपके रिश्ते में आ सकते हैं ये 5 बदलाव

किसी भी रिश्ते में जब पार्टनर एक दूसरे को महत्व देना बंद कर देते हैं तो, इससे आपका रिश्ता बुरी तरह से प्रभावित होने लगता है। आइए जानते हैं इसका कारण।

Monika Agarwal
मैरिजWritten by: Monika AgarwalPublished at: Sep 05, 2021
एक दूसरे को कम महत्व देने के कारण आपके रिश्ते में आ सकते हैं ये 5 बदलाव

जब आप किसी से मिलते हो तो आप उसकी बातें, उसके व्यक्तित्व की तरफ आकर्षित होते हैं। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि किसी भी रिश्ते में बंधने के बाद कुछ इच्छायें व महत्वकांक्षायें भी होती हैं और होनी भी जरूरी है। लेकिन जब महत्वाकांक्षायें नहीं होतीं तब आप कई बार एक रिश्ते में होने के बावजूद भी एक दूसरे के साथ वह इमोशनल जुड़ाव महसूस नहीं कर पाते। क्योंकि आप को किसी न किसी चीज की कमी महसूस होती रहती है। यह कमी असल में एक दूसरे को महत्व ना देने के कारण होती है।  ऐसे में अगर आप एक दूसरे को महत्व देते हैं और एक दूसरे की चाहत की कद्र करते हैं तो इससे रिश्ते में बोरियत नहीं होती। लेकिन महत्वकांक्षा की कमी है तो इससे आपके रिश्ते पर प्रभाव पड़ सकता है। जानिए कैसे? 

1. एक ही जगह पर अटका हुआ महसूस करना

अगर आप बहुत अधिक महत्वकांक्षी है तो आप हर चीज में किसी न किसी मौके को देखते हैं। अपने आप को प्रोडक्टिव बनाने में विश्वास रखते है। महत्वकांक्षी व्यक्ति अपने लाइफस्टाइल को भी हमेशा ऊपर उठाने और अपग्रेड करने में विश्वास रखता है। लेकिन अगर आप दोनों के अंदर एक लक्ष्य की कमी होगी तो आप एक ही स्थान पर अटके रहे जायेंगे और आपका कैरियर भी वहीं रहेगा।

2. प्राथमिकता बना पाने में कठिनाई 

अगर एक रिश्ते में एक पार्टनर बहुत अधिक कुछ कर जाने की महत्वकांक्षा रखता है और दूसरा केवल आलसी बना पड़ा रहता है। तो इसमें लक्ष्य को प्राथमिकता बना पाने में मुसीबत महसूस होगी। एक पार्टनर हमेशा समय और रिश्ते को अपग्रेड करने की सोचेगा तो दूसरा केवल वहीं अटका रहेगा, जहां वह था। रिश्ते के विकास के लिए और आप दोनों को जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए अपग्रेड होना भी आवश्यक होता है।

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3. रिश्ते में साहसी कार्यों की कमी होना 

अगर रिश्ते में महत्वकांक्षा की कमी होती है तो वहां पर साहस या एक प्रकार से कुछ नया कर गुजरने की चाह भी अपने आप ही खत्म हो जाती है। आपकी कुछ नया और डेयरिंग काम करने की इच्छा शक्ति खत्म हो जाती है। आप खुद को चैलेंज नहीं कर पाते हैं और अपने कंफर्ट जोन में ही खुद को धकेलते रहते हैं। जिससे आप आगे नहीं बढ़ पाते है। इससे आपका रिश्ता भी काफी बोरिंग हो जाता है।

4. झगड़ों का बढ़ना 

अगर आप दोनों में से कोई एक व्यक्ति अपने करियर को लेकर सचेत है तो वह अपने भविष्य को सुधारने के लिए प्रयास करेगा। जिससे वह दूसरे को ज्यादा समय नहीं दे पाएगा और इस वजह से आप दोनों के अंदर लड़ाई झगडे बढ़ने लग जायेंगे। इसी प्रकार आप दोनों के विभिन्न बातों पर मत भी अलग अलग होंगे। जिसके कारण आप में बहुत झगड़े देखने को मिल सकते हैं।

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5. मोटिवेशन की कमी

अगर आप में महत्वकांक्षा की कमी होगी तो आपका दूसरा पार्टनर आपको नीचा दिखा सकता है और आपके अंदर मोटिवेशन की एक कमी महसूस हो सकती है जो न आपके रिश्ते के लिए अच्छी होती है और न ही आपके करियर के लिए। आपके लिए हर समय खुद को मोटिवेट बनाए रखना एक मुश्किल काम लग सकता है।

तो, यह थे कुछ ऐसे प्रभाव जो एक लक्ष्य के न होने पर आपके रिश्ते पर पड़ सकते हैं। इसलिए आप को अपने साथ साथ ही अपने पार्टनर को भी महत्वकांक्षी बनाने में मदद करनी चाहिए। ताकि आपका रिश्ता हमेशा के लिए दिलचस्प बना रह सके और आप के बीच लड़ाई झगड़े भी न हो।

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