इन 3 कारणों से हो सकता है डायरिया, डॉक्टर से जानें क्या हैं इसके लक्षण और घर पर कैसे करें डायरिया का इलाज

डायरिया वैसे तो स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य परेशानी है पर कई बार ये गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 16, 2020Updated at: Dec 16, 2020
इन 3 कारणों से हो सकता है डायरिया, डॉक्टर से जानें क्या हैं इसके लक्षण और घर पर कैसे करें डायरिया का इलाज

डायरिया (Diarrhea)पेट से जुड़ी आम परेशानियों में से एक है। इसमें पेट तका बाउल मूवमेंट डिस्टर्ब हो जाता है, जिसके कारण शरीर में तमाम तरह की परेशानियां हो जाती हैं।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अगर किसी को दिन में तीन से अधिक बार ज्यादा मात्रा में ढीला मल त्याग हो रहा है तो, इसे डायरिया का लक्षण माना जाना चाहिए। ये शरीर में कई कारणों से होता है। डायरिया के बारे में विस्तार से जानने और समझने के लिए हमने डॉ.विवेक पाल सिंह (Dr.Vivek Pal Singh) सलाहकार, आंतरिक चिकित्सा, बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से बात की। डॉ.विवेक पाल ने हमें डायरिया के कुछ आम कारणों और लक्षणों से अवगत करवाया। इसके साथ ही उन्होंने  डायरिया के कुछ घरेलू उपचारों को भी हमारे साथ शेयर किया। पर आइए सबसे पहले जानते हैं डायरिया क्या है?

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डायरिया क्या है?- what is diarrhea

डायरिया को आम भाषा में दस्त कहते हैं। ये तब होता है जब किसी व्यक्ति को ढीला या पानी का मल होता है। सामान्य पाचन के दौरान, पेट, ऊपरी छोटी आंत, अग्न्याशय और पित्ताशय की थैली द्वारा बड़ी मात्रा में पानी के रिलीज के साथ भोजन को तरल रखा जाता है। भोजन जो पचता नहीं है वह छोटी आंत और तरल रूप में कोलन तक पहुंचता है। निचली छोटी आंत और विशेष रूप से कोलन पानी को अवशोषित करता है, जो बिना पचे हुए भोजन को अधिक या कम ठोस मल में बदल देता है। पर जब  पेट और छोटी आंत ज्यादा पानी रिलीज करते हैं, तो इससे मल में पानी की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर खास कर ही कोलन इसे पचा नहीं पाता है, जिसकी वजह से डायरिया यानी दस्त होने लगती है। डायरिया दो प्रकार (types of diarrhea) का होता है।

1- एक्यूट डायरिया

एक्यूट डायरिया बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट के कारण होता है। यह आमतौर पर हफ्ते भर में ठीक हो जाता है।

2. क्रॉनिक डायरिया

क्रॉनिक डायरिया आंत की विभिन्न बीमारियों के कारण हो सकता है। इसमें पाचन-तंत्र की गंभीर गड़बड़ियां हो सकती है और इस कारण ये हफ्ते भर से ज्यादा दिनों तक हो सकता है। इसमें गंभीर इलाज की जरूरत होती है। 

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डायरिया के कारण- diarrhea causes in hindi

डायरिया यानी कि दस्त के सबसे आम कारणों की बात करें, तो ये

पर अगर इन्हें मेडिकल टर्म में समझें, तो दो तरह के वायरस खासतौर से डायरिया का संक्रमण फैलाते हैं। नोरो-वायरस (Norwalk virus)और रोटा-वायरस  (Rotavirus)। रोटावायरस आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा संक्रमित करते हैं। हालांकि ये वयस्कों को भी ये अपना शिकार बना सकते हैं, पर एडेनो-वायरस किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए डायरिया का कारण बन सकता है। इसके अलावा कुछ ई-कोलाई  (Escherichia coli) कई बार दस्त का कारण बनते हैं। बैक्टीरिया फूड इंफेक्शन का कारण भी बन सकते हैं। इसके अलावा नई दवा शुरू करना है भी दस्त का कारण बन सकता है क्योंकि कई दवाएं दस्त को ट्रिगर करती हैं।

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डायरिया के लक्षण- diarrhea symptoms

दस्त का मुख्य लक्षण वैसे तो दिन में तीन या अधिक बार ढीला, पानी से भरा मल निकलना है पर कई बार लोगों को इसके साथ अन्य लक्षण भी महसूस होते हैं।  जैसे कि

  • -शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी
  • - कमजोरी
  • - लो बीपी
  • - मूत्र की मात्रा में कमी 
  • -ऐंठन
  • -जी मिचलाना
  • -पेट में दर्द
  • कुछ संक्रमण के कारण होने वाले दस्त वाले लोगों में निम्नलिखित लक्षणों में से एक या अधिक हो सकते हैं:
  • -मल में खून
  • -बुखार और ठंड लगना
  • -चक्कर आना
  • -उल्टी
  • -दस्त के कारण डिहाइड्रेशन।
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डॉक्टर के पास कब जाएं?

दस्त के अधिकांश एपिसोड हल्के और कम अवधि के होते हैं और डॉक्टर के ध्यान में लाने की आवश्यकता नहीं होती है। पर कुछ स्थितियां गभीर होती हैं और आपको उसमें डॉक्टर की जरूरत पड़ सकती है। जैसे कि

  • -उच्च बुखार (101 से अधिक तापमान)
  • -मध्यम या गंभीर पेट दर्द 
  • -खूनी दस्त जो गंभीर आंतों की सूजन का संकेत हैं।
  • -गंभीर अंतर्निहित बीमारी वाले व्यक्तियों में दस्त जिनके लिए डिहाईड्रेशन और अधिक गंभीर परेशानी बन सकती है। उदाहरण के लिए, मधुमेह, हृदय रोग और एड्स वाले व्यक्ति।
  • -गंभीर दस्त जिसमें 48 घंटों के बाद कोई सुधार नहीं दिखाता हो।
  • -मध्यम या गंभीर डिहाईड्रेशन
  • -लंबे समय तक उल्टी जो, तरल पदार्थों के सेवन को मौखिक रूप से रोकती है।
  • - गर्भवती महिलाओं में तीव्र दस्त
  • -एंटीबायोटिक दवाओं के एक कोर्स को पूरा करने के दौरान या उसके तुरंत बाद होने वाले दस्त।
  • -ट्रेवलिंग के बाद या पहाड़ों में शिविर लगाने से दस्त, क्योंकि आपको Giardia इंफेक्शन हो सकता है।
  • -पुराने दस्तों जैसे कि कोलाइटिस या क्रोहन रोग के रोगियों में विकसित होने वाला दस्त।

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दस्त से बचने का उपाय

  • -दस्त बचने के लिए आपको साफ पानी पीना चाहिए या अपने पानी को गर्म करके और छान कर पिएं।
  • -खाना बनाने के पहले उसे अच्छे से धो लें और इसे सही से पका कर ही खाएं।
  • -मांस को अच्छी तरह से पकाएं।
  • -भोजन करने से पहले हाथ धोएं।
  • -इंफेक्शन को रोकने के लिए रसोई की सतहों को साफ करें।
  • -फलों और सब्जियों का सेवन करने से पहले उन्हें धो लें।
  • -बासी और खराब चीजों को खाने से बचें
  • -बाथरूम का उपयोग करने, डायपर बदलने या किसी बीमार व्यक्ति की सेवा करते वक्त सफाई का खास ध्यान रखें।

दस्त का घरेलू इलाज-home remedies for diarrhean in hindi

दस्त के घरेलू उपचार में मुख्य रूप से आपको ओआरएस या इसी तरह के तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए, जो कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरी करे। दरअसल, निर्जलीकरण का इलाज या रोकथाम करने के लिए, आपको खो हुए हाईड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स को बदलने की आवश्यकता है। खासकर अगर आपको तेज दस्त है। हालांकि,डिहाईड्रेशन के उपचार और रोकथाम में बहुत सारा पानी पीना महत्वपूर्ण है, लेकिन आपको ऐसे तरल पदार्थ भी पीने चाहिए जिनमें इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जैसे कि 

  • -कैफीन मुक्त शीतल पेय
  • -फलों के रस
  • -नारियल पानी पिएं। ये शरीर में हाइड्रेशन लायगा और इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करेगा।
  • - ग्लूकोज।

इन सबके अलावा बार-बार मल की आवृत्ति होने पर डॉक्टर द्वारा बताए गए एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करें। दस्त से बचाव का एक खास तरीका यही है कि आप अपनी डाइट और अपनी लाइफस्टाइल को ठीक करें। अगर आपको को पुरानी बीमारी है, जिसकी दवा चल रही है तो उसमें आपको दस्त की परेशानी हो रही है, तो इसके लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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