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पीरियड के 1 हफ्ते बाद स्पॉटिंग होने का क्या मतलब है? जानें डॉक्टर से

What Does Spotting Mean After Period In Hindi: पीरियड्स एक हफ्ते बाद स्पॉटिंग होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। ऐसा ओव्यूलेशन की वजह से हो सकता है।

What Does Spotting Mean After Period In Hindi: पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना या फिर पीरियड्स खत्म होने के बाद ब्लीडिंग होना कोई नई समस्या नहीं है। कई महिलाओं को इस तरह की प्रॉब्लम होती है। कई बार पीरियड्स साइकिल के बीच स्पॉटिंग होने लगती है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स शुरू होने के कुछ दिनों पहले स्पॉटिंग होने लगती है। अक्सर महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं। हालांकि, यह समस्या अपने आप कुछ दिनों में ठीक भी हो जाती है। इसके बावजूद, यह जान लेना जरूरी है कि आखिर पीरियड्स खत्म होने के बाद स्पॉटिंग क्यों (periods ke baad spotting hona) होती है? खासकर, यह जानना तब और जरूरी हो जाता है, अगर किसी को रेगुलरली इस तरह की समस्या बनी रहती है। तो यहां हम आपको बता रहे हैं कि आखिर पीरियड्स के एक हफ्ते बाद स्पॉटिंग (periods ke baad bhi spotting hona) क्यों होती है? 

पीरियड्स के 7 दिन बाद ब्लीडिंग का कारण क्या है?- What Does Spotting Mean After Period In Hindi

What Does Spotting Mean After Period In Hindi

पीरियड्स के एक हफ्ते बाद स्पॉटिंग होना किसी तरह की कोई गंभीर समस्या नहीं है। युवा महिलाओं के साथ अक्सर ऐसा होता है। वृंदावन और नई दिल्ली स्थित मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की चिकित्सा निदेशक, स्त्री रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, युवा महिलाओं को पीरियड्स के बाद स्पॉटिंग या हल्की ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसा ओवुलेशन की वजह से होता है। ऐसा अमूमन पीरियड्स खत्म होने के 10 से 14 दिनों के बाद देखा जाता है। आमतौर पर एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में गिरावट होने की वजह से भी ऐसा हो सकता है। यह किसी तरह की समस्या नहीं है। इसे सामान्य ही समझा जाना चाहिए। इसके अलावा, कभी-कभी हार्मोनल इंबैलेंस के कारण भी पीरियड्स के एक सप्ताह बाद स्पॉटिंग देखी जा सकती है।

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पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होने का कारण- Causes Of Bleeding Between Periods In Hindi

Causes Of Bleeding Between Periods In Hindi

पीरियड्स का सामान्य साइकिल 21 से 35 दिनों का होता है। अगर किसी महिला को इस बीच दोबारा पीरियड्स हो जाते हैं, तो यह सही नहीं है। इसकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे-

  • जिन लड़कियों को हाल में पीरियड्स शुरू हुए हैं, उन्हें एक महीने में दो बार पीरियड्स हो सकते हैं।
  • मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं को भी एक माह में दो बार पीरियड्स हो सकते हैं।
  • कभी-कभी स्ट्रेस का स्तर बढ़ने की वजह से पीरियड्स के सामान्य साइकिल के बीच दोबारा ब्लीडिंग होने लगती है।
  • अगर कोई महिला हार्मोनल कंट्रासेप्टिव ले रही है, तो उसे भी इस समस्या से गुजरना पड़ सकता है।
  • कभी-कभी पीरियड्स के बाद वजाइनल ब्लीडिंग, योनि में चोट लगने या इंफेक्शन होने के कारण होता है।
  • एंडोमेट्रियोसिस एक गंभीर बीमारी है। अगर किसी महिला को एंडोमेट्रियोसिस है, तो उसे भी एक माह में दो बार ब्लीडिंग हो सकते हैं।
  • फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान एक माह में दो बार ब्लीडिंग होने की परेशानी देखी जा सकती है।

पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होने पर क्या करें?- What To Do If Bleeding Between Periods In Hindi

पीरियड्स के बीच अगर हल्की स्पॉटिंग हो, तो इसे लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है। लेकिन, अगर आपके साथ लगातार इस तरह की समस्या हो रही है यानी पीरियड साइकिल के बीच दोबारा ब्लीडिंग हो, तो इसे हल्के में न लें। बेहतर होगा कि डॉक्टर के पास जाएं। इसके साथ, अगर कोई अन्य लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से उनका भी जिक्र करें।

Image Credit: Freepik

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 29, 2024 14:57 IST

    Published By : Meera Tagore

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