Intestinal prolapse in hindi: आंत हमारे शरीर के कुछ सबसे जरूरी अंगों में से एक है। आंत के कामकाज करने की स्पीड इस बात को तय करती है हमारा खाना कितनी अच्छी तरह से पच सकता है, हमारा बॉवेल मूवमेंट कैसे है, पेट साफ हो रहा है या नहीं और आप कितनी तेजी से अपना वेट लॉस कर सकते हैं। इसके अलावा आंत शरीर को डिटॉक्स करने के साथ मल बनाने और इसे बाहर निकालने में भी अपनी भूमिका निभाते हैं। अगर हम ये कहें कि आंतों का कामकाज बिगड़ जाए या आंत ढीला पड़ जाए तब क्या? दरअसल, आज हम बात करेंगे आंत उतरने के बारे में। ये है क्या है, क्यों होता है और इसके लक्षण क्या हैं? जानते हैं इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से।
आंत उतरना क्या है और इसके लक्षण-What is Intestinal prolapse and Symptoms
Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि आंतों का प्रोलैप्स, जिसे रेक्टल प्रोलैप्स (rectal prolapse) भी कहते हैं, तब होता है जब आंत का एक हिस्सा गुदा से बाहर निकल आता है। इसके सामान्य लक्षणों में (symptoms of intestinal prolapse) में व्यक्ति की गुदा से उभरा हुआ हिस्सा दिखने लगता है। इससे
- -गुदा में बेचैनी
- -गुदा में दर्द या मलाशय में भारीपन महसूस हो सकता है।
- -लोगों को मल में बलगम या खून आना, बार-बार मल त्याग होना या ऐसा महसूस होना कि आंत पूरी तरह से खाली नहीं हुई है, जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- - कब्ज और दस्त असंयम तरीके से हो सकता है, जिसमें अनजाने में मल निकल जाता है।
- -कभी-कभी, प्रोलैप्स हुए हिस्से में जलन, खुजली या चुभन महसूस हो सकती है।
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आंत उतरने का कारण क्या है-Intestinal prolapse causes in hindi
डॉ. पूजा बताती हैं कि आंत उतरने के मुख्य कारणों में पुरानी कब्ज, मल त्याग के दौरान जोर लगाना, उम्र के साथ श्रोणि की मांसपेशियों का कमजोर होना, गर्भावस्था और बार-बार भारी सामान उठाना शामिल हैं। अन्य कारणों में तंत्रिका क्षति, दस्त या सिस्टिक फाइब्रोसिस या पुरानी खांसी जैसी चिकित्सीय स्थितियां शामिल हो सकती हैं जो पेट में दबाव बढ़ाती हैं। इस कारण से भी आपकी आंत उतर सकती है।

आंत उतरने से कैसे बचें-Intestinal prolapse prevention tips
आंतों के प्रोलैप्स से बचने के लिए, कब्ज से बचने के लिए फलों, सब्जियों और साबुत अनाजों से भरपूर फाइबर युक्त आहार लें। खूब पानी पिएं और पेट और श्रोणि की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए नियमित एक्सरसाइज करें। मल त्याग करते समय जोर न लगाएं और जब भी शौच की इच्छा हो, शौचालय जाएं।
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स्वस्थ वजन बनाए रखें और बार-बार बहुत भारी वस्तुएं उठाने से बचें क्योंकि मोटापा और ज्यादा वजन उठाने की वजह से भी ये दिक्कत परेशान कर सकती है। इसके अलावा कब्ज, दस्त और पुरानी खांसी का शीघ्र उपचार भी प्रोलैप्स के जोखिम को कम करने में सहायक होता है। अंत में डॉक्टर का यही सुझाव है कि अगर आपको आंतों के आस-पास या मलाशय के पास उभार या दर्द महसूस हो, तो समस्या बढ़ने से बचने के लिए शीघ्र ही डॉक्टर से बात करें।
FAQ
मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे आंत की समस्या है?
अगर आपको आंत से जुड़ी कोई समस्या है तो आपके पेट में ऐंठन, सूजन, गैस, मल में बदलाव जैसे कि कभी कब्ज तो तो कभी दस्त, पेट साफ न लगना जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। इसके अलावा भूख न लगना और अचानक वजन घटना भी इसकी वजह से महसूस हो सकता है। जी मिचलाना और उल्टी होना और लगातार थकान या कमजोरी भी इसका लक्षण है।आंतों को ठीक करने के लिए क्या खाएं?
आंतों को ठीक करने के लिए आपको फाइबर और फर्मेंटेड फूड्स का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा आप अपनी डाइट में प्रोसेस्ड फूड की मात्रा को कम करने की कोशिश करनी चाहिए।आंतों के लिए सबसे अच्छा फल कौन सा है?
आंतों के लिए सबसे अच्ठा फल है पपीता। इसके अलावा आ जामुन और आम जैसे फलों को भी खा सकते हैं आंत के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं।
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Jan 11, 2026 16:47 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 11, 2026 16:47 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai