हम में से बहुत से लोग सुबह उठते ही एड़ी में दर्द की शिकायत करते हैं और इससे लंबे समय तक परेशान रहते हैं। दरअसल, ये दर्द यूंही नहीं होता बल्कि, ये हमारे पैरों के कनेक्टिव टिशूज से जुड़ा हुआ है। इस कनेक्टिव टिशू को प्लांटर फेशिया (Plantar Fascia) कहते हैं। दरअसल, ये कनेक्टिव टिश्यू एड़ी को पैर के अगले हिस्से और उंगलियों से जोड़ती है। प्लांटर फेशिया लचीली होती है और पैर की हड्डियों को एक साथ जोड़कर पैर का आर्च यानी घुमावदार हिस्सा बनाती है और हमारे पैरों के लिए शॉक एब्जॉर्बर के रूप में काम करती है। इस बीमारी में यही टिशू प्रभावित हो जाती है जिससे कई सारी समस्याएं होने लगती है। आइए, डॉ. अभिषेक वैश से जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
प्लांटर फेशिआइटिस क्या है?
डॉक्टर अभिषेक वैश बताते हैं कि प्लांटर फेशिआइटिस पैरों की एक आम दर्दनाक समस्या है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। प्लांटर फेशिआइटिस तब होता है जब प्लांटर फेशिया पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है या ये जरूरत से ज्यादा खीच जाता है या कहें कि घिस जाता है। इसके रेशेदार पट्टी में सूजन आ जाती है। साथ ही, फेशिया अपना लचीलापन या मजबूती खो देती है और उसमें सूजन आ सकती है, जिससे दर्द होता है। समय के साथ ये दर्द बढ़ता जाता है और कई बार गंभीर रूप से परेशान करता है।
प्लांटर फेशिआइटिस का कारण क्या है?
प्लांटर फेशिआइटिस कई कारणों हो सकता है जैसे कि
- अगर आप लंबे समय तक खड़े होकर काम करते हैं तो आपकी एड़ी में सूजन आ सकती है और प्लांटर फेशिआइटिस की दिक्कत हो सकती है।
- अगर आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तब भी आपको ये दिक्कत हो सकती है।
- लंबे समय तक बिना चप्पल के रहना।
- फ्लैट हील या हाई हील वाली चप्पलों को पहनने की वजह से।
- अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है इससे भी इस कनेक्टिव टिशू पर असर हो सकता है जिससे एड़ी में दर्द की समस्या बढ़ सकता है।
- कई बार फ्रैक्चर की वजह से भी आपको प्लांटर फेशिआइटिस की दिक्कत हो सकती है।
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प्लांटर फेशिआइटिस के लक्षण क्या हैं?
प्लांटर फेशिआइटिस के लक्षणों पर कई बार हम ध्यान नहीं देते जबकि लंबे समय में ये आपको परेशान कर सकती है। जैसे कि शुरूआती लक्षणों की बात करें तो NIH की इस स्टडी में बताया गया है कि इस बीमारी में एड़ी के पास तेज दर्द होता है। ये चुभने जैसा दर्द होता है जो सुबह उठते ही आपको महसूस हो सकता है। इसके बाद
- सोने या बैठने के बाद खड़े होने पर दर्द होना। आमतौर पर कुछ मिनट चलने के बाद यह दर्द चला जाता है।
- एड़ी और पैरों के पास लगातार बना रहने वाला हल्का दर्द।
- प्रभावित पैर का इस्तेमाल करने या एड़ी पर दबाव डालने पर तेज या चुभने वाला दर्द।
- एक्सरसाइज या हिलने-डुलने से दर्द में कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है, लेकिन रुकते ही दर्द आमतौर पर बढ़ जाता है।
प्लांटर फेशिआइटिस से कैसे बचें?
डॉक्टर अभिषेक वैश बताते हैं कि प्लांटर फेशिआइटिस से बचने के लिए पहले आपको अपनी कुछ आदतों में बदलाव करना होगा। सबसे पहले आपको लंबे समय तक खड़े रहने से बचना होगा। उसके बाद आप कुछ इस प्रकार के टिप्स फॉलो कर सकते हैं
- सबसे पहले तो बढ़िया कुशन वाले चप्पल और जूतों का चुनाव करें।
- वजन कंट्रोल करें और इसके लिए डाइट का खास ख्याल रखें।
- प्लांटर फेशिआइटिस से बचने के लिए आप वॉक करें और पैरों की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।
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प्लांटर फेशिआइटिस का कोई इलाज है?
डॉक्टर अभिषेक वैश बताते हैं कि बुहत से लोग इस दिक्कत को लंबे समय तक सहते रहते हैं और जब ये स्थिति दर्दनाक हो जाती है तब डॉक्टर के पास जाते हैं। जबकि आपको पहले ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर आपको इस समस्या का सही इलाज बता सकते हैं। जैसे
- सबसे पहले तो आपको दर्द की दवा दे सकते हैं जिससे आप बेहतर महसूस करेंगे।
- दिन में 2 बार आप एड़ी पर बर्फ लगा सकते हैं जिससे दर्द कम होता है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं।
- सपोर्ट देने वाले जूते पहनना जो पैरों को मजबूत और अच्छी कुशनिंग दे।
निष्कर्ष:
इसके अलावा डॉक्टर का सुझाव है कि सैंडल, फ्लिप-फ्लॉप या दूसरे फ़्लैट जूते न पहनें जिनमें आर्च सपोर्ट न हो। नंगे पैर न चलें। साथ ही डॉक्टर बताते हैं कि अगर आपको ये दिक्कत है तो अपने ज्यादा से ज्यादा काम बैठकर करें ताकि एड़ी पर और प्रेशर न पड़े।
FAQ
घर पर प्लांटर फेशिआइटिस का इलाज कैसे करें?
प्लांटर फेशिआइटिस का इलाज आप घर पर नहीं कर सकते लेकिन आप कुछ ऐसे टिप्स अपना सकते हैं जिससे आपको दर्द से आराम मिले जैसे कि बर्फ के पानी में पैर रखें, इससे प्लांटर फेशिया को आराम मिलेगा और दर्द में कमी आ सकती है।सुबह उठते ही एड़ी में दर्द क्यों होता है?
डॉक्टर अभिषेक वैश बताते हैं कि सुबह उठते ही तमाम नसों में सिकुड़न रहती है और ब्लड सर्कुलेशन धीमा रहता है जिससे एड़ी में तेज दर्द हो सकता है।
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Aug 11, 2026 16:45 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Abhishek Vaish