Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

फटी एड़ियों की गहरी दरारों को भरने के लिए मलाई और घी क्यों सबसे बेस्ट हैं? डॉक्टर से जानें

कई लोग फटी एड़ियों की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे में मलाई और घी इससे राहत देने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिलती है। आइए लेख में जानें।

ज्यादातर लोग फटी एड़ियों की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण एड़ियों के रूखी होने और दरारें पड़ने लगती है, लेकिन इसके कारण लोगों को जलन, दर्द और चलने में परेशानी होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे राहत के लिए बहुत से लोग महंगी क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कोई बार लाभ नहीं मिलते हैं। ऐसे में बहुत से लोग घरेलू उपाय के तौर पर घी और मलाई का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये फटी एड़ियों के लिए कैसे फायदेमंद है और इनका इस्तेमाल कैसे करें? ऐसे में आइए इस बारे में आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जाने।

फटी एड़ियां की समस्या क्यों होती हैं?

आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, जब एड़ियों की त्वचा में नमी की कमी होने लगती है, तब यह सूखकर हार्ड हो जाती है और धीरे-धीरे उसमें दरारें पड़ने लगती हैं। लंबे समय तक नंगे पैर चलना, कम पानी पीना, बहुत गर्म पानी से पैर धोना, लंबे समय तक खड़े रहने और त्वचा की नियमित सफाई न करने से भी इस समस्या के कारण हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: एप्सम सॉल्ट और फिटकरी: फटी एड़ियों से लेकर मांसपेशियों में दर्द तक, इन 4 घरेलू उपचार में करें इस्तेमाल

मलाई एड़ियों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकती है?

आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा का कहना है, मलाई में नेचुरल फैट और नमी देने वाले तत्व होते हैं, जो स्किन को सॉफ्ट बनाने में मदद कर सकते हैं। जब इसे साफ एड़ियों पर हल्के हाथों से लगाया जाता है, तो यह त्वचा की ऊपरी परत को नरम रखने में मदद करती है। ऐसे में इसके नियमित इस्तेमाल से स्किन का रूखापन कम हो सकता है और त्वचा पहले की तुलना में ज्यादा सॉफ्ट महसूस हो सकती है। हालांकि, यह किसी दवा का विकल्प नहीं है और इसका असर व्यक्ति की त्वचा की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

why are malai and ghee the best for filling the deep cracks of cracked heels know from ayurvedic doctor 1 (4)

घी क्यों माना जाता है अच्छा ऑप्शन?

आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं, घी नेचुरल रूप से स्किन को चिकनाई देता है। यह ड्राई स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाने में मदद कर सकता है, जिससे स्किन की नमी लंबे समय तक बनी रह सकती है। रात में सोने से पहले साफ एड़ियों पर थोड़ी मात्रा में घी लगाकर मोजे पहनने से स्किन को नमी देने में मदद मिल सकती है। अगर दरारें बहुत गहरी हों या उनमें इंफेक्शन हो, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

मलाई और घी का सही इस्तेमाल कैसे करें?

आयुर्वेदिक डॉ. चंचल आगे कहती हैं, सबसे पहले पैरों को हल्के गुनगुने पानी से धोकर अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद तौलिये से पैरों को सुखा लें। अब थोड़ी मात्रा में मलाई या घी लेकर एड़ियों पर धीरे-धीरे मालिश करें। रात में लगाने के बाद सूती मोजे पहनना बेहतर माना जाता है, ताकि नमी लंबे समय तक बनी रहे। ऐसा करने से ड्राई स्किन की समस्या से राहत देने और एड़ियों को सॉफ्ट बनाए रखने में मदद मिलती है।

इसे भी पढ़ें: फटी एड़ियों के कारण रहते हैं परेशान? महुआ का तेल आएगा काम

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?

आयुर्वेदिक डॉ. चंचल के अनुसार, अगर एड़ियों से खून निकल रहा हो या तेज दर्द हो जैसी समस्या हो, तो घरेलू उपायों को अपनाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें फटी एड़ियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है। साथ ही, रोजाना पैरों की सफाई करना, मॉइस्चराइजर का नियमित इस्तेमाल करना और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

निष्कर्ष

मलाई और घी दोनों ही नेचुरल प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें हेल्दी फैट्स होते हैं। ऐसे में इनका इस्तेमाल करने से एड़ियों की स्किन को नेचुरली सॉफ्ट और हाइड्रेटेड बनाए रखने मं मदद मिलती है। इससे इस समस्या में आराम देने में मदद मिलती है, लेकिन ध्यान रहे, एड़ियों के फटने की समस्या महसूस होने या इनसे जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और एड़ियों का खास देखभाल करें।

All Images Credit- Freepik

Read Next

पेट साफ करने के लिए त्रिफला कैसे लें? आयुर्वेदाचार्य से जानें सही तरीका और फायदे

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 30, 2026 23:43 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Jun 30, 2026 23:43 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Chanchal Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content