फटी हुई एड़ियां बहुत ही आम समस्या हैं। जब मौसम में बदलाव होता है या ठंड बढ़ने लगती है, तो एड़ियां भी फटने लगती हैं। अगर एड़ियों पर ध्यान न दिया जाए, तो सूखकर उनमें दरारें पड़ सकती हैं। शुरुआत में ये दरारें सिर्फ हल्की दिखाई देती हैं, लेकिन समय के साथ इनमें दर्द, जलन और कभी-कभी खून तक निकल सकता है। आमतौर पर लोग इसे ड्राई स्किन मानकर मॉइस्चराइजर लगा लेते हैं, लेकिन इसके फटने के कई कारण (cracked heels reasons) हो सकते हैं। इसे जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा (Cosmetologist and Skin Disease Specialist) से बात की।
एड़ियां फटने के 5 कारण
Harvard Health Publishing के मुताबिक, एड़ियों में पड़ने वाली इन दरारों को हील फिशर्स कहा जाता है। इसका कारण एड़ियों की त्वचा बहुत ज्यादा मोटी या सूखी होना है, लेकिन कुछ लोगों में एड़ियां फटने का कारण फंगल इंफेक्शन या कई अन्य बीमारियां भी हो सकती है।
Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “आमतौर पर एड़ियां फटने की सबसे आम वजह त्वचा में नमी की कमी हो सकती है। जब पैरों के तलवों और एड़ियों की स्किन पर लगातार दबाव पड़ता है, तो वहां ड्राई स्किन के कारण दरारे पड़ने लगती है। कई बार शरीर में पानी की कमी भी इसका कारण हो सकती है, लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं होता। इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
1. लंबे समय तक खड़े रहना
Dr. Karuna Malhotra का कहना है, “जो लोग कई घंटों तक लगातार खड़े होकर काम करते हैं, उनकी एड़ियों पर लगातार प्रेशर पड़ता है। खासतौर पर अगर जमीन सख्त हो और जूते भी पैरों को सपोर्ट न दें, तो एड़ी की त्वचा पर दबाव और घर्षण बढ़ सकता है। समय के साथ वहां मोटी त्वचा बनने लगती है और बहुत ज्यादा सूखने पर यही त्वचा फट सकती है।”
2. पैरों में फंगल इंफेक्शन
NHS Foundation Trust के अनुसार, कुछ लोगों के पैरों की स्किन में लालिमा, पपड़ी जमना और छोटे-छोटे लाल धब्बे होने लगते हैं। इस वजह से उन्हें खुजली होने लगती है। इसे एथलीट फुट कहा जाता है, जो फंगल इंफेक्शन के कारण हो सकता है। अगर इसका समय पर इलाज न हो, तो यह पैर के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकता है या उनमें फैल सकता है।
Dr. Karuna Malhotra ने सलाह दी कि ऐसे कुछ मामलों में इंफेक्शन एड़ी तक भी पहुंच सकता है और वहां दरारें तक बना सकता है। अगर ऐसे में गर्म और पसीने वाले जूते पहन लिए तो फंगल इंफेक्शन बहुत गंभीर हो सकता है। इसलिए फटी एड़ियों के साथ खुजली और लालिमा हों, तो इसे सिर्फ मॉइस्चराइजर से ठीक करने की कोशिश न करें। फंगल इंफेक्शन के लिए अलग इलाज की जरूरत हो सकती है।
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3. डायबिटीज या थायराइड
Dr. Karuna Malhotra का कहना है, “कुछ मामलों में बार-बार फटने वाली एड़ियों का कारण थायराइड हो सकता है। जिन मरीजों के शरीर में पर्याप्त मात्रा में थायराइड नहीं बन पाता और उनका वजन बढ़ता जाता है, ऐसे हाइपोथायरॉडिज्म के मरीजों को भी फटी एड़ियों की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीजों को भी एड़ियों की समस्या हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को एड़ियों की दरार को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उनके जख्म भरने में भी दिक्कत हो सकती है।”
4. मोटापा
Dr. Karuna Malhotra ने बताया कि जो लोग मोटापे से ग्रस्त होते हैं, उनकी एड़ियां फटने का रिस्क रहता है। दरअसल, एड़ी के नीचे मौजूद फैट पैड शरीर का भार संभालने में मदद करता है, लेकिन ज्यादा दबाव पड़ने पर आसपास की मोटी त्वचा में खिंचाव बढ़ सकता है। अगर वहां की स्किन पहले से ही रूखी या मोटी है, तो दरारें पड़ने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए लगातार फटने वाली एड़ियों के मामले में वजन और फुटवियर पर भी ध्यान देना जरूरी है।
5. पीछे से खुली चप्पल या सैंडल पहनना
Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “गर्मियों में या घर पर लोग अक्सर पीछे से खुली चप्पल पहनना पसंद करते हैं, लेकिन अगर आपकी एड़ियां पहले से सूखी हैं, तो ऐसे फुटवियर समस्या को बढ़ा सकते हैं। खुली चप्पल में एड़ी को पर्याप्त सपोर्ट नहीं मिलता और चलते समय पैर थोड़ा ज्यादा हिलता या रगड़ खाता है। इससे एड़ी पर दबाव और घर्षण बढ़ सकता है। इससे एड़ियां फट सकती हैं। कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ स्किन में भी बदलाव आ सकते हैं, जो एड़ियां फटने का कारण बन सकते हैं।”
फटी एड़ियों को कैसे ठीक करें?
NHS Foundation Trust ने एड़ियों को फटने से बचाने के लिए ये सलाह दी है।
- हफ्ते में एक या दो बार फुट फाइलर की मदद से एड़ियों की सख्त त्वचा को घिसकर निकालें।
- नहाने के बाद रोजाना अपने पैरों पर गाढ़ी मॉइश्चराइजिंग हैंड या फुट क्रीम लगाएं।
- अगर पैरों की स्किन बहुत ज्यादा रूखी है, तो बंद जूते पहनें।
- एक बार जूते पहनने के बाद उन्हें अच्छी तरह सूखने का समय दें , ताकि इंफेक्शन फैलने की संभावना कम हो सके।
- अगर संभव हो, तो जूते बदल-बदलकर पहनें।
- रोजाना साफ जुराबें पहनें।
- कॉटन की जुराबें पहनें ताकि पसीना या नमी कम हो।
- पैरों की उंगलियों के बीच अतिरिक्त क्रीम नहीं लगानी चाहिए।
- रोजाना पैरों को कुछ समय के लिए खुली हवा में रखने की कोशिश करें।
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डॉक्टर की सलाह
Dr. Karuna Malhotra सलाह देती है कि अगर एड़ियां हल्की सूखी हैं और मॉइस्चराइजर लगाने से ठीक हो रही हैं, तो आमतौर पर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती। अगर एड़ियों की दरारें गहरी हैं, चलने में दर्द, खून या पस आए, आसपास लालिमा और सूजन बढ़ रही है या समस्या बार-बार लौट रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासतौर से डायबिटीज और थायराइड के मरीजों को पैरों की खास देखभाल करनी चाहिए।
निष्कर्ष
फटी एड़ियों को सिर्फ ड्राई स्किन मानकर इग्नोर न करें। कई बार सही फुटवियर, रेगुलर मॉइस्चराइजिंग और पैरों को साफ और सूखा रखने से समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। अगर एड़ियों बार-बार फट रही हो और साथ में सूजन और दर्द हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं, ताकि समय पर इसका इलाज हो सके।
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FAQ
एड़ियों की दरारों में प्यूमिस स्टोन या स्क्रबर का इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
स्क्रबर से एड़ियों को बहुत जोर से या सूखी त्वचा पर कभी न रगड़ें। ऐसा करने से गहरी दरारें और छिल सकती हैं, जिससे खून आने या इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। स्क्रबर का इस्तेमाल हमेशा पैर भिगोने के बाद ही हल्के हाथों से करें।क्या गुनगुने पानी में सिरका या नमक डालकर पैर भिगोना फटी एड़ियों में फायदेमंद है?
सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड डेड स्किन कोशिकाओं को ढीला करता है और एंटी-बैक्टीरियल का काम करता है। 10 से 15 मिनट पैर भिगोने के बाद मॉइश्चराइजर लगाने से दवा त्वचा के अंदर गहराई तक पहुंच पाती है।
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Current Version
Sep 09, 2026 20:11 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
