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सर्दियों में Cracked Lips पर लगाएं घी, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें इसके 5 बड़े फायदे

Cracked Lips: सर्दियों में फटे होंठों पर घी लगाना काफी फायदेमंद होता है। इससे होंठ मॉइस्चराइज होते हैं, नमी बनी रहती है और होंठों का कालापन भी दूर होता है।

Cracked Lips: सर्दियों के दिनों में होंठों का फटना एक बहुत आम समस्या हो जाती है। विशेषकर, जो लोग बाइक से ट्रैवल करते हैं, चलती गाड़ी में हवा लगने की वजह से उनके होंठ फटने लगते हैं। अगर समय रहते होंठों की केयर न की जाए, तो होंठों से खून भी आना शुरू हो जाता है। ऐसे में कई लोग होंठों पर तरह-तरह के प्रोडक्ट्स यूज करते हैं या लिप बाम लगाते हैं। क्या आप जानते हैं कि होंठों को फटने से रोकने के लिए आप घी का इस्तेमाल कर सकते हैं? इससे होंठ सॉफ्ट हो जाते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि सर्दियों में फटे होंठों पर घी लगाने के क्या-क्या फायदे मिलते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से बात की। (Fate Hotho Par Kya Lagaye)

सर्दियों में होंठों पर घी लगाने के फायदे- Benefits Of Applying Ghee On Cracked Lips

applying ghee on lips during winter 01 (9)

डीप मॉइस्चराइजेशन: आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स की मानें, तो होंठों पर घी लगाना बहुत अच्छा होता है। इसमें फैटी एसिड, विटामिन A और E होता है, जिससे स्किन हाइड्रेट रहती है। यह स्किन को लंबे समय तक सॉफ्ट बनाए रखने में मदद करता है। NCBI की एक रिपोर्ट भी बताती है कि घी फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। 

बेहतर रिकवरी: एक्सपर्ट्स बताते हैं कि होंठ फटने पर न केवल दर्द का एहसास होता है, बल्कि कभी-कभी ब्लीडिंग भी होने लगती है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। नियमित रूप से घी लगाने से रिकवरी तेजी से होती है। असल में, घी में एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं, जो घाव को भरने में मदद करते हैं।

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नेचुरल बैरियर: सर्दियों में हमारी स्किन की नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान पहुंचता है। घी में ऐसे तत्व होते हैं जो इस लेयर को प्रोटेक्ट करते हैं, जिससे होंठों का नेचुरल मॉइस्चर लॉक होता है और सर्द हवाओं से बचाव होता है।

lips and cancer

एक्सफोलिएशन: फटे होंठों पर घी लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। इससे लिप्स एक्सफोलिएट होते हैं और डेड सेल्स रिमूव हो जाते हैं, जिससे होंठ ज्यादा सॉफ्ट बनते हैं। साथ ही, होंठों का नेचुरल ग्लो भी बढ़ता है

पिग्मेंटेशन में कमी: नियमित रूप से घी लगाने से होंठों के डार्क स्पॉट्स कम होते हैं और पिग्मेंटेशन में कमी आती है। घी में मौजूद विटामिन E स्किन टोन में सुधार करता है और डार्कनेस को दूर कर होंठों के रंग को बेहतर बनाता है

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निष्कर्ष

सर्दियों में होंठों का फटना एक ऐसी समस्या है जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान रहता है। इससे निपटने के लिए लिप्स की प्रॉपर केयर जरूरी है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, फटे होंठों पर घी लगाने का चलन काफी पुराना है। हालांकि, ध्यान रखें कि किसी भी चीज की अति सही नहीं है; हमेशा घी की पतली लेयर ही लगाएं। अगर आपको घी सूट न करे, तो इसके इस्तेमाल से बचें।

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FAQ

  • होंठों पर घी लगाने के क्या फायदे हैं? 

    होंठों पर घी लगाने से वे सॉफ्ट, हाइड्रेटेड और गुलाबी होते हैं। घी एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है जो फटे होंठों को ठीक करने और डेड सेल्स को हटाने में मदद करता है।
  • क्या घी फटे होंठों को ठीक करता है?

    जी हां, घी में विटामिन A, E और फैटी एसिड होते हैं, जो फटे होंठों को गहराई से रिपेयर करते हैं और उन्हें मॉइस्चराइज रखते हैं।
  • सर्दियों में फटे होंठों पर क्या लगाना चाहिए?

    फटे होंठों पर घी, नारियल तेल, शहद या एलोवेरा जेल जैसी नेचुरल चीजें लगानी चाहिए। ये होंठों की नमी बरकरार रखते हैं और उन्हें सॉफ्ट बनाते हैं।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Dec 18, 2025 14:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Dec 18, 2025 14:03 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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