Signs Of A Blood Clot In The Head In Hindi: जब शरीर का कोई ब्लड वेसल डैमेज हो जाता है और वहां से खून बहने लगता है, तब ब्लड क्लॉटिंग होती है। ब्लड क्लॉटिंग को खून के थक्के बनना कहते हैं। एक एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसकी मदद से खून बहना बंद हो जाता है। वैसे तो यह ब्लड क्लॉटिंग हमारे शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। लेकिन, कभी-कभी यह प्रक्रिया बहुत ही घातक और जानलेवा साबित हो सकती है। जैसे अगर हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे हार्ट में रक्त प्रवाह बंद हो जाता है यानी ब्लड क्लॉटिंग हो जाती है, तो यह जोखिमभरा और खतरनाक हो सकता है। आपको बता दें कि ब्लड क्लॉटिंग शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। ब्रेन में भी यह समस्या देखी जा सकती है। ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग को रोकने के लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों के बारे में हमें पता हो। यहां हम आपको इसी के संदर्भ में जरूरी बातें बता रहे हैं। इस बारे में हमने फरीदाबाद स्थित फोर्टिस अस्पताल में निदेशक-न्यूरोलॉजी डॉ.विनित बंगा से बात की।
ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग क्यों होती है?- What Is Blood Clotting In The Head In Hindi
ब्रेन में ब्लड क्लॉट होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे हार्ट से संबंधित समस्या, सिर या गर्दन में चोट, मोटापा, स्मोकिंग, क्लॉटिंग डिस्ऑर्डर, हार्ट ब्लड प्रेशर और हार्ट डिफेक्ट के कारण ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग हो सकती है। इसकी अनदेखी करना पूरी तरह से जान को जोखिम में डालना होता है। ऐसा किसी के साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग से जुड़ लक्षणों के बारे में जानें और समय पर अपना इलाज करवाएं।
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ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग के लक्षण- What Are The First Signs Of A Blood Clot In The Head In Hindi
सिरदर्द होना
ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग होने पर व्यक्ति को तीव्र सिरदर्द हो सकता है। यह दर्द असहनीय होता है। यहां तक कि व्यक्ति आराम करने के लिए बिस्तर पर लेटता है या सोने की कोशिश करता है, तो सिरदर्द और बढ़ जाता है। ब्लड क्लॉटिंग के कारण हो रहा सिरदर्द को मैनेज करना बहुत मुश्किल लगता है। इस कंडीशन में किसी तरह की दवा न लें, बल्कि साथ में जो भी हों, उनकी मदद से डॉक्टर के पास जाएं।
धुंधला दिखना
अगर आपको तीव्र सिरदर्द होने के साथ-साथ अचानक धुंधला नजर आने लगे, तो यह भी ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग का लक्षण हो सकता है। आपको बता दें कि ऐसा अचानक होता है। इसका आंखों की रोशनी से कोई संबंध नहीं है। लेकिन, ब्रेन में हो रही क्लॉटिंग इसके लिए जिम्मेदार है। यहां तक कि ब्लड क्लॉटिंग के कारण कभी-कभी व्यक्ति को चीजें देखने में काफी दिक्कतें आने लगती है। वह चीजों को जज नहीं कर पाता और पास की रखी चीजों को भी सही तरह से देख नहीं पाता है।
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चक्कर आना
ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग के कारण व्यक्ति को तेज सिरदर्द होने के साथ-साथ चक्कर भी आने लगते हैं। ब्लड क्लॉटिंग होने पर व्यक्ति को महसूस होता है कि वह बैलेंस नहीं कर पा रहा और उस हर क्षण लग राह है कि वह गिर जाएगा। ऐसी स्थिति में मरीज को खड़े नहीं रहना चाहिए। किसी की मदद से उन्हें बैठ जाना चाहिए और जब तक थोड़ा रिलैक्स महसूस न हो, तब तक यहां-वहां चलने-फिरने से बचना चाहिए। हालांकि, ऐसा तभी होगा जब आप एक्सपर्ट से अपना ट्रीटमेंट करवाएंगे।
बेहोश होना
ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग होने पर व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। असल में, ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग की वजह से ब्रेन में सही तरह ब्लड फ्लो नहीं हो पाता है। ऐसे में व्यक्ति अपने कॉन्शियसनेस को खो देता है, जिस वजह से वह बेहोश हो सकता है। असल में, ब्लड फ्लो बाधित होने के कारण ब्रेन तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं जाता है, जिससे शरीर में दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। आपको बता दें कि ब्रेन में ब्लड फ्लो के बाधित होने से ब्रेन स्थाई रूप से डैमेज हो सकता है।
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