
Fat Loss Journey In Hindi: ''लोग मेरे मोटापे का मजाक बनाते थे। उन्हें मैं कुछ कह नहीं सकती थी लेकिन मुझे सबसे अलग होने का एहसास परेशान करता था। पारिवारिक समस्याओं के कारण मैं मानसिक तनाव का शिकार हो गई थी। मैं सारा गुस्सा, खाने से शांत करती थी। खाने को मैंने तनाव घटाने की गोली की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जब भी मैं उदास होती, कुछ न कुछ खा लेती थी। लेकिन इस आदत के चलते वजन दिन पर दिन बढ़ता चला गया। मेरा वजन 108 किलो हो गया था। वजन से परेशान होकर मैंने जिम जाने का फैसला किया। लेकिन जिम जाने के साथ मैंने सही डाइट नहीं ली। पूरे दिन छाछ पीती थी, केवल उबले चने खाने लगी। इसके कारण कमजोरी बढ़ने लगी और कमजोरी दूर करने के लिए दोबारा खाना शुरू कर दिया। वजन बढ़ गया और मैं फिर हार गई, लेकिन कहते हैं न कि कोई भी चीज तब तक आपको नहीं हरा सकती जब तक आप खुद हार न मान जाओ। मैंने हार नहीं मानी और वजन कम करके दिखाया।'' कुछ ऐसी कहानी है चंचल मल्होत्रा कि जिन्होंने 58 किलो वजन कम किया है। आगे जानते हैं चंचल को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा।
ओनलीमायहेल्थ की 'फैट टू फिट' सीरीज में आज हम जानेंगे मुंबई निवासी 31 वर्षीय चंचल की कहानी जिनका वजन कभी 127 किलो हुआ करता था लेकिन आज वो अपनी फिटनेस और वेट लॉस टिप्स के लिए जानी जाती हैं। चंचल का मानना है खूबसूरती से ज्यादा जरूरी है फिट और हेल्दी रहना। इंस्टाग्राम पर लोग उनके फिटनेस वीडियोज को बेहद पसंद करते हैं और उनके ऑनलाइन सेशन्स में जुड़ना पसंद करते थे। जानते हैं चंचल की कहानी उन्हीं की जुबानी।
स्लिप डिस्क के कारण 8 महीने बेड पर रही
चंचल ने बताया, ''मेरा बढ़ता वजन मेरे लिए एक दिन परेशानी का कारण बन गया। वेट लॉस करने के लिए मैंने जिम जाना शुरू किया लेकिन कुछ भी अच्छा नहीं रहा। ट्रेनर के कहने पर मैंने कॉर्ब्स पूरी तरह से छोड़ दिया। वजन तो कम हो रहा था लेकिन किस्मत ने एक बार फिर मुझे बड़ा झटका दिया। एक दिन वेट लिफ्टिंग करने के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ। जब डॉक्टर से सलाह ली तो पता चला मुझे स्लिप डिस्क हो गया है। स्लिप डिस्क के कारण डॉक्टर ने मुझे पूरे 8 महीने केवल बेड रेस्ट करने के लिए कहा।''
घर पर कसरत और योग शुरू किया
चंचल ने बताया, ''बीमारी में मुझे 8 महीने लेटकर गुजारने थे। मन में वजन बढ़ने की चिंता पहले से ही चल रही थी। तनाव कम करने के लिए मैं फिर से ज्यादा खाने लगी थी। लेकिन वजन बढ़कर 127 किलो हो गया। मुझे 4xl साइज के कपड़े लेने पड़ते थे। एक दिन मैंने तय किया कि ऐसे नहीं चलेगा। मुझे खुद को बदलना ही होगा। मैंने घर पर ही हल्की एक्सरसाइज और योग करना शुरू किया। डाइट में ज्यादा बदलाव नहीं किया, केवल पोर्शन साइज कम कर दिया। जो चीज मैं पहले 2 की मात्रा में खाती थी उसे मैंने 1 कर दिया। पोर्शन कम करने से वजन कम होने लगा। इसके अलावा वॉक के जरिए भी वजन घटाने में मुझे मदद मिली है। मैं नियम से रोजाना पैदल चलती थी।''
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आज भी फैट शेमिंग का शिकार होती हूं
चंचल ने आगे बताया, ''वजन कम करने में मुझे 2 साल का वक्त लगा। मैंने कई बार वजन घटाया और बढ़ाया है। लेकिन मेरी जर्नी बेहद मुश्किल रही है। हालांकि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें इतनी समस्याओं से न गुजरना पड़े इसलिए अब मैं लोगों को जानकारी देने का काम करती हूं। मैं अपने चैनल के जरिए लोगों को आसान कसरत और डाइट से जुड़े टिप्स देती हूं ताकि उन्हें वजन कम करने के सही तरीके के बारे में बता सकूं। आज भी मैं फैट शेमिंग का शिकार होती हूं। पहले लोग मुझे देखकर कहते थे कि मैं बहुत मोटी दिखती हूं, लेकिन अब लोग मुझे देखकर कहते हैं कि मैं कमजोर हो गई हूं। लेकिन इन बातों का अब मुझ पर असर नहीं होता। मैं हर दिन कसरत करती हूं और फिट रहने की कोशिश करती हूं।''
ये थी चंचल मल्होत्रा की कहानी जिसमें उन्होंने हमारे साथ अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर की। आपकी कहानी भी कुछ ऐसी ही है तो हमारे साथ साझा करना न भूलें। आपकी कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है।