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अंगों में सही ढंग से खून न पहुंचने पर होता है वैस्कुलर डिजीज, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

शरीर के सर्कुलेटरी सिस्टम में फैट, कोलेस्ट्रॉल और प्लाक जमा होने से वैस्कुलर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है, जानें वैस्कुलर डिजीज के लक्षण और बचाव। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 16, 2022Updated at: Jul 16, 2022
अंगों में सही ढंग से खून न पहुंचने पर होता है वैस्कुलर डिजीज, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

शरीर में मौजूद रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं और इनका काम शरीर में ब्लड सर्कुलेट करना होता है। इन रक्त वाहिकाओं में खराबी आने या नुकसान पहुंचने पर आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इन ब्लड वेसल्स का काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को भी शरीर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाना होता है। ब्लड वेसल्स से जुड़ी बीमारी को वैस्कुलर डिजीज (Vascular Disease in Hindi) या संवहनी रोग के नाम से जाना जाता है। वैस्कुलर डिजीज होने पर आपको दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का भी खतरा रहता है। वैस्कुलर डिजीज की वजह से शरीर का सर्कुलेटरी सिस्टम प्रभावित होता है। आइए विस्तार से जानते हैं वैस्कुलर डिजीज के लक्षण, कारण, इसके खतरे और बचाव के टिप्स।

वैस्कुलर डिजीज के लक्षण (Vascular Disease Symptoms in Hindi)

वैस्कुलर डिजीज या संवहनी रोग ऐसी स्थिति है, जिसकी वजह से आपकी रक्त वाहिकाएं या नसें गंभीर रूप से प्रभावित होती हैं। इसकी वजह से धमनियों, नसों और वाहिकाओं में परेशानियां पैदा  होती हैं। बाबू ईश्वर शरण अस्पताल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ आर के यादव के मुताबिक वैस्कुलर डिजीज या संवहनी रोग कई तरह के होते हैं और इस बीमारी में दिखने वाले लक्षण भी इसके प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।

Vascular Disease Symptoms

  • पैरों में दर्द और ऐंठन।
  • पेट दर्द, मतली, उल्टी, दस्त और वजन कम होना।
  • हार्ट फेलियर और किडनी से जुड़ी परेशानियां।
  • हाथ-पैर की उंगलियों का रंग बदलना।
  • आंख और गर्दन में दर्द।
  • कंधे में दर्द और झुनझुनी।
  • हाथ-पैर सुन्न होना।
  • खांसी के साथ खून आना और सीने में दर्द।
  • सांस लेने में तकलीफ।
  • स्किन का रंग लाल होना।
  • हाई ब्लड प्रेशर।
  • दिल की धड़कन का अनियमित होना।

वैस्कुलर डिजीज के कारण (Vascular Disease Causes in Hindi)

वैस्कुलर डिजीज की शुरुआत ब्लड वेसल्स या रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जमने से होती है। लेकिन सिर्फ इसी कारण से यह समस्या नहीं होती है। वैस्कुलर डिजीज के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं-

  • हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से वैस्कुलर डिजीज का खतरा।
  • धूम्रपान और तंबाकू का अधिक सेवन।
  • हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या।
  • लंबे समय तक डायबिटीज का शिकार होने पर।
  • गंभीर चोट और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने पर।
  • आनुवांशिक कारणों से वैस्कुलर डिजीज का खतरा।
  • लंबे समय तक डायबिटीज का शिकार होने पर।
  • गंभीर इन्फेक्शन की वजह से धमनियों को नुकसान।
  • शरीर में खून के थक्के जमने के कारण।

वैस्कुलर डिजीज के खतरे को कम करने के टिप्स (Vascular Disease Prevention Tips in Hindi)

वैस्कुलर डिजीज ऊपर बताये गए किसी भी कारण की वजह से हो सकती है। ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाओं) में प्लाक जमा होने के कारण यह समस्या शुरू होती है। इस स्थिति से बचने के लिए आपको नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए और डाइट व जीवनशैली में बदलाव जरूर करने चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थ जो वैस्कुलर डिजीज के खतरे को कम करते हैं उन्हें डाइट में जरूर शामिल करें। वैस्कुलर डिजीज से बचने के लिए आप इन बातों का ध्यान जरूर रखें-

  • शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर न बढ़ने दें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • हार्ट के लिए हेल्दी फूड्स को डाइट में शामिल करें।
  • दिनभर घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करने से बचें। ऐसी स्थिति में हर 1 घंटे बाद थोड़ी देर वाक करें।
  • तंबाकू उत्पाद और स्मोकिंग की लत से बचें।

वैस्कुलर डिजीज होने पर आपको उम्र भर यह समस्या बनी रह सकती है। इसकी वजह से आपको दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। वैस्कुलर डिजीज के खतरे को कम करने के लिए आप ऊपर बताई गयी बातों का ध्यान रखें।

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