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रोज हल्‍दी पानी से कुल्‍ला करने पर मिलते हैं कई जबरदस्त फायदे

Turmeric Gargle Benefits: हल्‍दी में एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं। सादे पानी के बजाय आप हल्‍दी के पानी से कुल्‍ला करें। जान‍िए इसके फायदे। 

Haldi Pani Se Kulla Karne Ke Fayde: व्यक्तिगत स्वच्छता के ल‍िए कुल्‍ला करना फायदेमंद होता है। ज्‍यादातर लोग कुल्‍ला करने के ल‍िए सादे पानी का इस्‍तेमाल करते हैं। लेक‍िन उससे मुंह के बैक्‍टीर‍िया खत्‍म नहीं होते। पानी में हल्‍दी म‍िलाकर कुल्‍ला या गरारे कर सकते हैं। हल्‍दी केवल रसोई तक सीम‍ित नहीं है। इसके इस्‍तेमाल से आप सेहत से जुड़ी कई समस्‍याओं को दूर सकते हैं। इससे ओरल हाइजीन बेहतर होगी और गट हेल्‍थ के ल‍िए भी हल्‍दी का पानी फायदेमंद होता है। हल्‍दी में एंटीबैक्‍टीर‍ियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं। इस लेख में हम हल्‍दी पानी से कुल्‍ला करने के फायदे और तरीका जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

haldi pani se kulla karna

हल्‍दी पानी से कुल्‍ला कैसे करें?

  • हल्‍दी पानी से कुल्‍ला करने के ल‍िए सबसे पहले 1 ग‍िलास पानी को गरम करें। 
  • इस पानी में आधा चम्‍मच हल्‍दी म‍िलाएं। आप चाहें, तो 1 टीप्‍सून नमक भी म‍िला सकते हैं।
  • जब पानी गुनगुना हो जाए, तो उससे आप कुल्‍ला या गरारे कर सकते हैं।

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कोव‍िड में करें हल्‍दी के गरारे 

कोव‍िड के दौरान संक्रमण शरीर के कई ह‍िस्‍सों को प्रभाव‍ित करता है ज‍िनमें से एक गला भी है। कोव‍िड संक्रमण की चपेट में आने के बाद गले में दर्द, खराश, खाना गुटकने में परेशानी और बलगम आना आद‍ि लक्षण नजर आने लगते हैं। इन लक्षणों से छुटकारा पाने के ल‍िए आप द‍िन में 2 से 3 बार हल्‍दी पानी के गरारे कर सकते हैं।   

मुंंह के छालों का इलाज 

मुंह में छालों की समस्‍या दूर करने के ल‍िए छालों का इलाज कर सकते हैं। छालों की समस्‍या दूर करने के ल‍िए 1 ग‍िलास सादे पानी में चुटकी भर हल्‍दी म‍िला लें। फ‍िर इस पानी से कुल्‍ला करेंगे, तो छालों से जल्‍दी आराम म‍िलेगा। हल्‍दी पानी का इस्‍तेमाल करने से हफ्ते भर में छाले कम हो जाएंगे। 

गले की खराश दूर होगी 

बदलते मौसम में अक्‍सर लोगों को गले में खराश की समस्‍या हो जाती है। गले में खराश होने के कारण गले में रूखापन महसूस होता है। इन समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए हल्‍दी फायदेमंद मानी जाती है। हल्‍दी पानी से कुल्‍ला करेंगे, तो गले का संक्रमण दूर होगा। हल्‍दी की मदद से रेस्‍प‍िरेटरी ट्रैक्‍ट में जमा बलगम साफ करने में मदद म‍िलती है।

मुंह की बदबू दूर होगी 

हल्‍दी के पानी से कुल्‍ला करेंगे, तो मुंह की बदबू से छुटकारा म‍िलेगा। हल्‍दी के पानी से कुल्‍ला या गरारे करने से मुंह के वायरस और बैक्‍टीर‍िया खत्‍म होते हैं। इससे मसूड़े और दांत भी स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं। हल्‍दी का पानी कभी भी तैयार क‍िया जा सकता है। ओरल हेल्‍थ को बेहतर बनाने के ल‍िए कुल्‍ला करना एक पुराना नुस्‍खा है।   

द‍िन में क‍ितनी बार कुल्‍ला करें? 

वैसे तो ज‍ितनी बार आप कुछ खाते हैं सादे पानी से कुल्‍ला करना चाह‍िए। वहीं एक द‍िन में 4 से 5 बार हल्‍दी पानी का कुल्‍ला कर सकते हैं। जब भी कुल्‍ला या गरारे करें, उसके बाद 1 घंटे तक कुछ न खाएं। आमतौर पर खाने के बाद ही गरारे करने की सलाह दी जाती है। ज्‍यादा गरम पानी से गरारे या कुल्‍ला करने से बचना चाह‍िए। हल्‍दी से गरारे करने के साथ-साथ आप हल्‍दी पानी की भाप भी ले सकते हैं।

Haldi se kulla karne ke fayde: हल्‍दी के पानी से कुल्‍ला या गरारे करने से मुंह की बदबू दूर होती है। गले के संक्रमण से छुटकारा म‍िलता है। छालों का इलाज करने के ल‍िए भी हल्‍दी के पानी से कुल्‍ला कर सकते हैं। 

image credit: caishayurveda.org, firstforwomen.com 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Oct 08, 2022 10:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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