Fri Sep 11, 2026 | 07:36 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

हार्मोनल बैलेंस के ल‍िए सुबह करें ये 3 काम, थकान और च‍िड़च‍िड़ापन होगा कम

हार्मोनल बैलेंस को बनाए रखने के ल‍िए न महंगे ट्रीटमेंट्स की जरूरत है और न स्‍पेशल डाइट की। छोटे-छोटे कदम उठाकर भी आप हार्मोन्‍स को संतुल‍ित कर सकते हैं। एक्‍सपर्ट से जानें ऐसी तीन आसान आदतें जो घर बैठे हार्मोन्‍स के संतुलन को बनाए रखने में मदद करेंगी।

हमारे शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में हार्मोन्‍स की अहम भूम‍िका होती है। अगर हार्मोन्‍स का संतुल‍न सही नहीं है, तो थकान, वजन बढ़ना, अन‍िद्रा की समस्‍या और पाचन संबंधी समस्‍याएं हो सकती हैं। हार्मोनल असंतुलन का असर स‍िर्फ शारीर‍िक सेहत पर ही नहीं बल्‍क‍ि मानस‍िक सेहत पर भी हो सकता है। हार्मोनल असंतुल‍न के कारण च‍िड़च‍िड़ापन, लो एनर्जी और मूड स्‍व‍िंग्‍स की समस्‍या भी हो सकती है। हार्मोनल संतुल‍न के ल‍िए तीन ऐसी आदतें हैं ज‍िन्‍हें सुबह फॉलो करना फायदेमंद होता है। इन आदतों को अपनाने से न स‍िर्फ हार्मोनल हेल्‍थ में सुधार आता है बल्‍क‍ि सेहत भी बेहतर होती है। चल‍िए जानते हैं, ऐसी तीन हेल्‍दी आदतें। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

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1. प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स खाएं- Add Protein, Fiber And Healthy Fats In Diet

हार्मोनल बैलेंस के ल‍िए हेल्‍दी डाइट का सेवन जरूरी है। सुबह नाश्‍ते में ऐसे फूड्स को शामि‍ल करें ज‍िसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स की मात्रा भरपूर हो। डाइट में अंडा, दही, ओट्स, नट्स और सीड्स को शाम‍िल करें। इनका सेवन करने से इंसुल‍िन लेवल स्‍थ‍िर रहता है और शरीर को एनर्जी म‍िलती है। हार्मोनल हेल्‍थ को बेहतर करने के ल‍िए सुबह नाश्‍ता जरूर करें। इससे थकान और च‍िड़च‍िड़ापन दूर होगा। हार्मोन्‍स को संतुल‍ित करने के ल‍िए मीठी चीजें और रिफाइंड कार्ब्स से पूरी तरह से परहेज करें। इन चीजों का सेवन करने से शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है और हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। आईजेआईटीएसएस (International Journal of Innovative Technologies In Social Science) के मुताब‍िक, हेल्‍दी डाइट का सेवन करने से इंसुल‍िन, लेप्टिन, घ्रेलिन जैसे हार्मोन के स्‍तर में सुधार होता है और हार्मोनल हेल्‍थ बेहतर होती है।

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2. हल्की एक्सरसाइज या योग जरूर करें- Do Light Exercise Or Yoga For Hormonal Health

सुबह हल्‍की एक्‍सरसाइज करें। ज‍िन लोगों को हार्मोनल असंतुलन की समस्‍या होती है, उनके ल‍िए एक्‍सरसाइज करना फायदेमंद होता है। एक्‍सरसाइज करने से मूड स्‍व‍िंग्‍स और च‍िड़च‍िड़ापन दूर होता है। रोज 15 से 20 म‍िनट की एक्‍सरसाइज करना भी काफी है। एक्‍सरसाइज करने से ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर की कोश‍िकाओं तक ऑक्‍सीजन और पोषक तत्‍व सही तरीके से पहुंच पाते हैं। ज‍िन लोगों को थायराइड, इंसुल‍िन या अन्‍य हार्मोनल समस्‍या है, उन्‍हें रोजाना एक्‍सरसाइज जरूर करना चाह‍िए। सुबह उठकर सूर्य नमस्‍कार, स्‍ट्रेच‍िंग, वॉकि‍ंग जैसी एक्‍ट‍िव‍िटीज करें। इससे शरीर में हैप्‍पी हार्मोन बढ़ेंगे और स्‍ट्रेस हार्मोन घटेंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन्‍ के मुताब‍िक, न‍ियम‍ित एक्‍सरसाइज से स्‍ट्रेस कम होता है, शुगर लेवल घटता है, नींद में सुधार होता है जो क‍ि हार्मोनल हेल्‍थ को सुधारने के ल‍िए जरूरी हैं।

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3. सुबह एक ग‍िलास गुनगुना पानी प‍िएं- Drink Lukewarm Water In Morning

हार्मोनल बैलेंस के ल‍िए सुबह एक या दो ग‍िलास गुनगुना पानी प‍िएं। सुबह पानी पीने से मेटाबॉल‍िज्‍म एक्‍ट‍िव होता है। इससे शरीर के टॉक्‍स‍िन्‍स न‍िकल जाते हैं और हार्मोनल फंंक्‍शन को सपोर्ट म‍िलता है। शरीर हाइड्रेट रहेगा, तो कोर्ट‍िसोल यानी स्‍ट्रेस हार्मोन को संतुल‍ित रखने में मदद म‍िलेगी। इससे सुबह तनाव और च‍िड़च‍िड़ापन महसूस नहीं होगा। पानी का सेवन करने से थकान कम होती है और शरीर पूरे द‍िन एक्ट‍िव रहता है। इस आदत को लंबे समय तक फॉलो करने से हार्मोनल हेल्‍थ में सकारात्‍मक बदलाव देखने को म‍िलता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक शो के मुताब‍िक, जो लोग रोजाना पानी का सेवन कम करते हैं, उनमें स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्ट‍िसोल का स्‍तर बढ़ सकता है जो क‍ि हार्मोनल स‍िस्‍टम का खास ह‍िस्‍सा है।

न‍िष्‍कर्ष:

हार्मोनल बैलेंस के ल‍िए सुबह एक ग‍िलास गुनगुना पानी प‍िएं, हल्‍की एक्‍सरसाइज करें और डाइट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स को शाम‍िल करें। इन उपायों से आराम न म‍िले, तो डॉक्‍टर से संपर्क करना न भूलें।

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FAQ

  • हार्मोनल असंतुलन होने से क्या होता है?

    हार्मोनल असंतुल‍न से बार-बार थकान, कमजोरी, च‍िड़च‍िड़ापन, एंग्‍जाइटी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। हार्मोनल असंतुल‍न के कारण बाल झड़ना, स्‍क‍िन समस्‍याएं और शुगर स्‍पाइक्‍स की समस्‍या हो सकती है।
  • हार्मोन की कमी से कौन-कौन से रोग होते हैं?

    हार्मोन्‍स की कमी के कारण डाय‍ब‍िटीज, पीसीओएस, थायराइड ड‍िसआर्डर, मेटाबॉल‍िक स‍िंड्राेम या ऑस्‍ट‍ियोपोरोस‍िस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे हार्मोन असंतुलन है?

    अगर लगातार थकान हो रही है, पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित हैं, चेहरे पर अचानक एक्‍ने और फ‍ेश‍ियल हेयर्स बढ़ गए हैं, ब‍िना वजह वजन बदल रहा है, तो यह हार्मोनल असंतुलन के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्‍टर की सलाह से सबसे पहले ब्‍लड टेस्‍ट करवाएं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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