मूत्र असंयमिता (पेशाब न रोक पाना) की समस्‍या को दूर करते हैं ये आहार और एक्‍सरसाइज

Urinary Incontinence: मूत्र असंयमिता (पेशाब न रोक पाना) एक गंभीर समस्‍या है। हालांक‍ि, इसे जीवनशैली में परिवर्तन कर सुधार कर सकते हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiUpdated at: Aug 17, 2020 22:37 IST
मूत्र असंयमिता (पेशाब न रोक पाना) की समस्‍या को दूर करते हैं ये आहार और एक्‍सरसाइज

मूत्र असंयमिता (पेशाब न रोक पाना) एक आम समस्या है, विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं के साथ ये अक्‍सर देखने को मिलता है। यह अक्‍सर खांसी या छींकने के दौरान मूत्र के रिसाव (Urine Leakage) की समस्‍या बनता है। कभी-कभी, पेशाब करने की इच्छा भी अचानक मूत्र के रिसाव का कारण बनता है।

मूत्र असंयमिता (Urinary Incontinence) को आमतौर पर रोजमर्रा की आदतों और कुछ अंदरूनी चिकित्सा स्थितियों जैसे कि मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) और कब्‍ज या शारीरिक समस्‍या जैसे रजोनिवृत्ति, हिस्टेरेक्टॉमी या गर्भावस्था से शुरू होते हैं। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम के माध्‍यम से मूत्र असंयमिता को दूर करने के कुछ सुझाव दिया है। उन्‍होंने कुछ डाइट और एक्‍सरसाइज के बारे में बताया है।

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मूत्र असंयमिता (Urinary Incontinence) के लिए डाइट टिप्‍स

  • सुबह-सुबह खजूर का सेवन करना चाहिए। 
  • अंकुरित और पके हुए मूंग का सेवन करना चाहिए। 
  • नाश्ते, दोपहर और रात के खाने में एक चम्‍मच देसी घी का सेवन। 

एक स्वस्थ आहार बनाए रखने के साथ, रूजुता दीवेकर ने मूत्र क्रिया को नियंत्रित करने के लिए निम्‍नलिखित के बारे में बताया है: 

स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग: 

इसमें वे एक्‍सरसाइज शामिल हैं जो स्‍ट्रेंथ और एंड्यूरेंस को बनाए रखने में मदद करते हैं। ये कई मांसपेशी समूहों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

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किगल एक्‍सरसाइज: 

ये पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए सरल क्लिंच-एंड-एक्सरसाइज हैं, जो गर्भाशय, मूत्राशय, छोटी आंत और मलाशय को सहारा देती हैं।

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योग आसन, विशेष रूप से ताड़ासन: 

ताड़ासन को माउंटेन पोज़ भी कहते हैं। यह सीधे खड़े होकर किया जाता है। इस एक्‍सरसाइज में श्‍वसन पैटर्न पर ध्‍यान देना शामिल है। 

यदि आपको कभी-कभी मूत्र रिसाव का सामना करना पड़ रहा है, तो ये जीवनशैली में बदलाव इस समस्‍या से छुटकारा पा सकते हैं।

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