
Celiac Disease In Children Symptoms In Hindi: बच्चों में सीलिएक डिजीज एक जेनेटिक और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (autoimmune disorders) है, जो गेंहू या अन्य ग्लूटेन से युक्त चीजों के सेवन से छोटी आंतों के नुकसान को पंहुचाता है। इसके कारण बच्चों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है और कई बार माता-पिता बच्चों में सीलिएक डिजीज के इन लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं। ऐसे में आइए हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स के हेपेटोलॉजिस्ट और चिकित्सीय एंडोस्कोपिस्ट के वरिष्ठ सलाहकार गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के डॉ. डी. चंद्रशेखर रेड्डी (Dr. D. Chandra Sekhar Reddy, Senior Consultant Gastroenterologist, Hepatologist and Therapeutic Endoscopist, Yashoda Hospitals, Hyderabad) से जानें बच्चों में सीलिएक डिजीज के क्या लक्षण हैं?
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बच्चों में सीलिएक डिजीज के लक्षण - Symptoms Of Celiac Disease In Children In Hindi
डॉ. डी. चंद्रशेखर रेड्डी के अनुसार, बच्चों में सीलिएक डिजीज की समस्या तब होती है, जब ग्लूटेन युक्त फूड्स को खाने से शरीर का इम्यून सिस्टम छोटी आंतों पर अटैक करती है। इसके कारण आंतों के स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है, साथ ही, इसके कारण पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है, जिससे बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ऐसे में बच्चों में इस समस्या के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बता दें, कुछ बच्चों में कोई साफ़ लक्षण नहीं दिखते। इससे सीलिएक बीमारी को आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है। अगर फ़ैमिली हिस्ट्री है या ग्रोथ से जुड़ी कोई अनजानी समस्या है, तो टेस्टिंग और भी ज़रूरी हो जाती है।
डॉ. डी. चंद्रशेखर रेड्डी बताते हैं कि, कुछ बच्चों को अक्सर पेट की समस्या होती है। सीलिएक बीमारी वाले बच्चों में लिवर टेस्ट में भी गड़बड़ी हो सकती है।
पाचन से जुड़ी समस्याएं
बच्चों में सीलिएक डिजीज की समस्या होने पर उनको दस्त होने, पेट में दर्द होने, सूजन आने, कब्ज होने, उल्टी, गैस बनने, ब्लोटिंग होने, उल्टी और मतली होने जैसी समस्याएं होती हैं और कुछ मामलों में डायरिया की समस्या भी हो सकती है। इसमें उनका मल पीला, भारी या बहुत बदबूदार दिख सकता है। ध्यान रहे, बच्चे में अगर ये लक्षण लगातार दिख रहे हैं। ये लक्षण इसलिए होते हैं क्योंकि छोटी आंत पोषण तत्वों को ठीक से सोख नहीं पाती है।
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एनीमिया की समस्या
सीलिएक डिजीज की समस्या के कारण बच्चों के शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया की समस्या हो जाती है, जो आसानी से ठीक नहीं होता है। इसके कारण बच्चों की त्वचा के पीला पड़ने, हाथों-पैरों के ठंडा होने, नाखून सफेद होने और बच्चों में अधिक थकान बनी रहने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, लंबाई में धीरे बढ़ना या प्यूबर्टी में देरी भी सीलिएक बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।
थकान और कमजोरी होना
सीलिएक डिजीज की समस्या के कारण शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता है। इसके लिए कारण बच्चों को शरीर में थकान और कमजोरी होने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
भूख न लगने
बच्चों को सीलिएक डिजीज की समस्या के कारण भूख न लगने की समस्या होती है, जो सीधे तौर पर बच्चों के वजन पर असर डालता है। इसके कारण बच्चों का वजन कम होने लगता है, जिसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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मुंह से जुड़ी समस्याएं
सीलिएक डिजीज में बच्चों के मुंह में छाले हो जाते हैं या उनके दातों के कमजोर होने या दांतों के इनेमल में खराबी आ जाती है। इसके कारण बच्चों को मुंह से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हड्डियों से जुड़ी समस्या
सीलिएक डिजीज एक गंभीर समस्या है। इसके कारण बच्चों को हड्डियों में कमजोरी आने या हड्डियों की डेंसिटी कम होने की समस्या भी हो सकती हैं, क्योंकि शरीर को काफी कैल्शियम और विटामिन-डी नहीं मिल पाता है।
बच्चों की ग्रोथ पर असर
डॉ. डी. चंद्रशेखर रेड्डी के अनुसार, बच्चों में सीलिएक डिजीज की समस्या होने पर आंतों के पोषक तत्वों को ठीक से सोख न पाने से बच्चों की ग्रोथ पर बुरा असर पड़ता है। बच्चों का वजन ठीक से नहीं बढ़ पाता है। इसी कारण बच्चे पतले, थके हुए और कमजोर दिख सकते हैं।
चिड़चिड़ापन होने की समस्या
सीलिएक डिजीज की समस्या में बच्चों के चिड़चिड़ा होने, चिड़चिड़ापन महसूस होने या उनके मूड में बदलाव आ सकता है। इसके कारण बच्चों को कई परेशानियां होती हैं।
स्किन से जुड़ी समस्याएं
कई बार बच्चों को डर्मेटाइटिस हर्पेटिफॉर्मिस (Dermatitis herpetiformis) नाम का बहुत खुजली वाला, छाले जैसा स्किन रैश बच्चों में सीलिएक डिजीज का एक और संभावित संकेत है।
निष्कर्ष
सीलिएक डिजीज की समस्या होने पर बच्चों को पाचन से जुड़ी समस्याएं होने, एनीमिया, थकान और कमजोरी होने, भूख न लगने, मुंह में छाले, दांतों के कमजोर होने, हड्डियों के कमजोर होने, बच्चों की ग्रोथ पर बुरा असर होने, चिड़चिड़ापन होने और स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में बच्चों के इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
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Nov 19, 2025 21:19 IST
Modified By : Priyanka SharmaNov 19, 2025 21:19 IST
Published By : Priyanka Sharma