
स्ट्रेच मार्क्स को देखकर अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि इसका कारण मोटापा या तेजी से बढ़ा हुआ वजन है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई बार ऐसे लोगों की जांघों पर भी स्ट्रेच मार्क्स दिखने लगते हैं जिनका वजन न तो बढ़ा है और न ही घटा। ऐसे में मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बिना वजन बढ़े भी स्ट्रेच मार्क्स क्यों हो जाते हैं। दरअसल, स्ट्रेच मार्क्स त्वचा की गहराई में मौजूद कॉलजन और इलास्टिन फाइबर के कमजोर होने के कारण बनते हैं। जब स्किन पर अचानक खिंचाव आता है या उसकी लचीलापन कम हो जाती है, तो वह अपनी सामान्य स्थिति बनाए नहीं रख पाती और उस पर हल्की गुलाबी, बैंगनी या भूरे रंग की धारियां उभरने लगती हैं। ये निशान शुरुआत में गहरे होते हैं, लेकिन समय के साथ हल्के पड़ जाते हैं। इस लेख में KARA - Dermatology Solutions & Aesthetic Centre की फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा से जानिए, बिना वजन बढ़े जांघों पर स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं?
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बिना वजन बढ़े जांघों पर स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं? - Stretch Marks On Thighs Without Weight Gain
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा बताती हैं कि शरीर में हार्मोन का असंतुलन, खासकर कॉर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन का बढ़ना, स्किन के कोलेजन और इलास्टिन को कमजोर कर देता है। इससे स्किन का लचीलापन कम हो जाता है और हल्का खिंचाव भी स्ट्रेच मार्क्स का कारण बन सकता है। यह स्थिति किशोरावस्था, प्रेग्नेंसी या हार्मोनल डिसऑर्डर में आम है। इसके अलावा किशोरावस्था में शरीर तेजी से विकसित होता है। हड्डियों और मांसपेशियों की ग्रोथ के कारण जांघों और कूल्हों पर अचानक खिंचाव आ सकता है, भले ही वजन न बढ़े। यही वजह है कि कई किशोरों में स्ट्रेच मार्क्स दिखाई देते हैं।
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1. जीन के कारण
स्ट्रेच मार्क्स आने में जेनेटिक्स भी अहम भूमिका निभाते हैं। अगर परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या रही है, तो यह दूसरों की तुलना में जल्दी हो सकती है।
2. त्वचा का प्रकार
जिन लोगों की त्वचा बहुत ड्राई होती है या जिनमें प्राकृतिक नमी की कमी रहती है, उनकी त्वचा जल्दी फटने लगती है। ऐसे लोगों को स्ट्रेच मार्क्स का खतरा ज्यादा होता है, भले ही उनका वजन सामान्य ही क्यों न हो।
3. दवाइयों का असर
कुछ दवाइयां, लंबे समय तक लेने से स्किन को कमजोर कर सकती हैं। इससे स्किन पतली होकर खिंचाव झेलने में असमर्थ हो जाती है और स्ट्रेच मार्क्स बनने लगते हैं।
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4. ज्यादा एक्सरसाइज
कई बार जिम में ज्यादा वर्कआउट या मांसपेशियों की अचानक ग्रोथ से भी स्ट्रेच मार्क्स बन सकते हैं। खासकर जांघों और बाजुओं पर यह समस्या देखने को मिलती है।
स्ट्रेच मार्क्स कैसे कम करें? - How to reduce stretch marks
- नियमित मॉइश्चराइजिंग करें, इसके लिए एलोवेरा, कोकोआ बटर या विटामिन E युक्त क्रीम का इस्तेमाल करें।
- पर्याप्त पानी पीने से त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है।
- बैलेंस डाइट लें, प्रोटीन, विटामिन C और जिंक स्किन को हेल्दी बनाते हैं।
- नियमित एक्सरसाइज करें, लेकिन अचानक मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव न डालें।
- लेजर और मेडिकल ट्रीटमेंट भी स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए करवाए जा सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेकर माइक्रोनीडलिंग, लेजर थेरेपी या केमिकल पील करवा सकते हैं।
निष्कर्ष
स्ट्रेच मार्क्स को सिर्फ मोटापे से जोड़कर देखना सही नहीं है। यह हार्मोनल बदलाव, किशोरावस्था, दवाओं, जेनेटिक कारणों या ड्राई स्किन से भी हो सकते हैं। हालांकि यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं होते, लेकिन अगर बार-बार और अचानक बन रहे हैं तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही खानपान, मॉइश्चराइजिंग और जरूरत पड़ने पर मेडिकल ट्रीटमेंट से इन्हें कम किया जा सकता है।
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FAQ
क्या जांघों पर स्ट्रेच मार्क्स होना किसी बीमारी का संकेत है?
ज्यादातर मामलों में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन अगर अचानक बहुत ज्यादा स्ट्रेच मार्क्स बनने लगें तो यह हार्मोनल डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है।क्या स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह से खत्म किए जा सकते हैं?
घरेलू उपाय और क्रीम से इन्हें हल्का किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह मिटाना मुश्किल होता है। मेडिकल ट्रीटमेंट जैसे लेजर थेरेपी और माइक्रोनीडलिंग से इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है।क्या स्ट्रेच मार्क्स सिर्फ महिलाओं में होते हैं?
स्ट्रेच मार्क्स पुरुषों और महिलाओं दोनों में हो सकते हैं। किशोरावस्था, बॉडीबिल्डिंग, हार्मोनल बदलाव और आनुवंशिक कारण दोनों लिंगों में इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।
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Jan 04, 2026 10:17 IST
Published By : Akanksha Tiwari
