इसबगोल के ऐसे प्रयोग से वजन होगा कम, कब्‍ज होगा छूमंतर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 22, 2018
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Quick Bites

  • दवाई के रूप में ईसबगोल का इस्तेमाल।
  • पेट से जुड़ी समस्याओं को करता है दूर।
  • पानी और दूध में मिलाकर होता है सेवन।

आधुनिक इलाज के दौर में 'इसबगोल' का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल हो रहा है। यह लगभग तीन फुट ऊंचे पौधे का बीज होता है। यह बीजों के ऊपर सफेद भूसी होती है। इसबगोल के बीजों एवं भूसी में काफी मात्रा में म्युसिलेज पाया जाता है जिसके अंदर मुख्य रूप से जाईलोज, एरेविनोज रैमन्नोज और गैलेक्टोज आदि पाए जाते हैं। अतिसार, पेचिश जैसे पेट की समस्याओं में 'इसबगोल' की भूसी का इस्तेमाल किया जाता है, इसकी खासियत यह है कि इसका साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

कब्ज, दस्त, जोड़ों के दर्द, मल में रक्त, पाचनतंत्र संबंधी गड़बड़ी, शरीर में पानी की कमी, मोटापा व डायबिटीज में इसबगोल काफी फायदेमंद होता है। जोड़ों के दर्द, कब्ज व पाचनतंत्र को दुरूस्त करने के लिए रात के खाने के बाद एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच इसबगोल की भूसी लेने से लाभ होता है। दस्त के दौरान रक्तस्राव हो या लंबे समय से कब्ज हो तो आधा कप पानी के साथ इसकी भूसी लें। 20 मिलीलीटर की मात्रा में एक गिलास पानी में मिला लें और एक चम्मच इसबगोल के बीज साथ में लें। इससे आंतों में होने वाली रूकावट व संक्रमण दूर होता है। तो आइए विस्‍तार से जानते हैं इसबगोल के फायदों के बारे में...

इसबगोल के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ 

वजन कम करे

अक्‍सर पेट यानी आपकी आंतों में मौजूद वेस्‍टेज की वजह से ही शरीर में फैट बढ़ने लगता है, जब तक आपका पेट साफ नहीं होगा तब तक आप स्‍वस्‍थ नहीं रह सकते है। पेट साफ न होना वजन बढ़ने का कारण बनता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन नियंत्रित रहे तो रात को सोते समय कुछ दिनों तक इसबगोल का सेवन कर सकते हैं। फाइबर युक्‍त इसबगोल के सेवन से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।  

कब्‍ज से दिलाए छुटकारा

कब्‍ज एक ऐसी समस्‍या है जिससे ज्‍यादातर लोग पीडि़त होते हैं। कब्‍ज के कारण सिरदर्द और आलस्‍य की समस्‍या होना आम बात है, इसलिए कब्‍ज से छुटकारा पाना बहुत जरूरी है। अगर आप भी चाहते हैं कि कब्‍ज से आपको छुटकारा मिले तो रात को सोते समय दो चम्‍मच इसबगोल गुनगुने पानी से ले सकते हैं। इससे सुबह आपका पेट पूरी तरह से साफ हो जाएगा और दिनभर कब्‍ज की समस्‍या से मुक्‍त रहेंगे। इसे आप 4 से 5 दिन लगातार ले सकते हैं। यह पुरानी से पुरानी कब्‍ज को खत्‍म कर देता है। 

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ह्रदय को रखे स्‍वस्‍थ्‍ा 

इसबगोल में फाइबर से भरा होता है, जिसके सेवन से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कम होता है जो ह्रदय संबंधी बीमारियों का नाश करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। जैसा कि डॉक्‍टर भी यही सलाह देते हैं कि खाने में फाइबर ज्‍यादा और फैट कम होने से यह ह्रदय संबंधी बीमारियों से रक्षा करता है। इसके अलावा ह्रदय संबंधी समस्‍या के पीछे कब्‍ज और एसिडीटी भी एक बड़ी वजह होती है, इसलिए इसबगोल के सेवन से इससे छुटकारा पा सकते हैं।  

बवासीर का करे नाश 

बवासीर की सबसे बड़ी वजह पेट में कब्‍ज का होना है, पुराने कब्‍ज की वजह से लोग पाइल्‍स यानी बवासीर के शिकार हो जाते हैं। जो लोग दर्दभरे बवासीर से परेशान हैं वह फाइबर युक्‍त इसबगोल का सेवन कर सकते हैं। इससे बवासीर काफी हद तक ठीक हो सकता है। यह गुदा द्वार के दरारों को भरता है और फैले हुए गुदा को खींचता है। 

डायरिया से रखे दूर 

क्‍या आप इस बात की कल्‍पना कर सकते हैं कि किसी एक होम रेमे‍डीज से आपका कब्‍ज और डायरिया दोनों ठीक हो जाए, तो ऐसा हो सकता है। इसबगोल के सेवन से इन दोनों समस्‍याओं में आराम मिल सकता है। इसबगोल को दही के साथ खाने से पेट संबंधी समस्‍या से छुटकारा मिल सकता है।

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ईसबगोल के इस्तेमाल का तरीका

ईसबगोल की भूसी का असर होने में 10-12 घंटे लग जाते हैं, इसलिए शाम को छह बजे के करीब लेंगे तो सुबह समय से मोशन हो सकेगा। जब कब्ज ठीक हो जाए, तो यह प्रयोग बंद कर दें। आधे ग्लास पानी में एक चम्मच 5 मिनट तक भिगो कर पी लें और इस के बाद एक ग्लास पानी और पी लें। इसे खाने के 1 घंटे बाद लेना बेहतर है। वजन घटाने के लिए दिन में 3 बार खाने से आधा घंटा पहले लेना उचित है। दमा की शिकायत में सुबह-शाम दो-दो चम्मच ईसबगोल की भूसी गर्म पानी के साथ लेने से यह शिकायत दूर हो जाती है। ईसबगोल के बीजों को लेना हो तो इन्हें पीसना नहीं चाहिए। ईसबगोल के बीज शांतिदायक और शीतल होते हैं। इनसे पेट की अनावश्यक गर्मी दूर होती है।

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