Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Vaish , Orthopaedician

जोड़ों के दर्द से हैं परेशान? छुटकारा पाने के लिए अपनाएं R.I.C.E. मेथड, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

Is R.I.C.E. Good For Joint Pain: अक्सर जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए राइस मेथड अपनाएं। जानें, यह तरीका क्या है और इससे कैसे आराम मिलता है।

R.I.C.E. Method To Reduce Joint Pain: जैसे-जैस सर्दियां बढ़ती हैं, आपने नोटिस किया होगा कि जोड़ों का दर्द भी बढ़ जाता है। विशेषकर, अधिक उम्र के लोगों को इस तरह की समस्या ज्यादा होती है। कई बार दर्द इतना ज्यादा हो जाता है कि असहनीय हो जाता है। ऐसी कंडीशन में चलना-फिरना औ रोजमर्रा के कामकाज करना भी मुश्किल हो जाता है। क्या आप जानते हैं कि जोड़ों के दर्द से छुटकारा पान के लिए राइस मेथड काफी कारगर साबित होता है। सवाल है, राइस मेथड है क्या? और यह किस तरह काम करता है? आइए, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश से हम जानते हैं कि राइस मेथड की मदद से जोड़ों के दर्द से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है? और यह कितना कारगर है?

क्या है राइस मेथड?- What Is The R.I.C.E. Trick For Joint Pain

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राइस एक मेथड है, जिसकी मदद से जोड़ो के दर्द से राहत मिल सकती है। राइस का मतलब होता है, रेस्ट, आइस, कंप्रेशन और एलिवेशन। जोड़ों में लगी छोटी-मोटी इंजुरी को दूर ने के लिए हम राइस मेथड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका कोई नुकसान भी नहीं है। हां, अगर किसी को जोड़ों या हड्डियों में गहरी चोट आई है, तो उन्हें राइस मेथड अप्लाई करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। कई बार गहरी चोट का इलाज इस मेथड से किया जाना संभव नहीं है।

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राइस मेथड से जोड़ों का दर्द कैसे कम होता है?- How To Do The R.I.C.E.Method Properly

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R- यानी रेस्ट

अगर आपके घुटनों या शरीर के किसी अन्य जोड़ में दर्द हो गया है, तो इसकी अनदेखी न करें। इस स्थिति में आप पर्याप्त रेस्ट करें। खासकर, चोट लगने के बाद शुरुआती 24 से 48 घंटे काफी उपयोगी होते हैं। इस दौरान रेस्ट करने से जोड़ में मौजूद चोटिल टिश्यूज रिकवर होने लगते हैं। इससे धीरे-धीरे दर्द का स्तर कम हो जाता है।

I- यानी आइस

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जैसे ही जोड़ों में चोट लगती है, तो आपको इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, अपने चोटिल हिस्से में आइस पैक लगाएं। ऐसा दिन में कई बार करें। प्रत्येक बार 20 मिनट के लिए आइसिंग करें। इससे दर्द कम होता है, सूजन में कमी आती है। हां, इस बात का ध्यान रखें कि बर्फ सीधे प्रभावित हिस्से में न लगाएं। इसके बजाय, आप बर्फ को कपड़े में लपेट लें। इसके बाद इस बर्फ का उपयोग चोट पर करें। बर्फ को सीधे प्रभावित हिस्से में लगाने से स्किन डैमेज हो सकती है।

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C- यानी कंप्रेशन

विशेषज्ञों की मानें, तो चोट लगने पर उसे कंप्रेस करना जरूरी होता है। कंप्रेस करने का मतलब है कि चोट पर दबाव बनाएं। इसके अलावा, इलास्टिक बैंडेज का उपयोग करें। इससे स्वेलिंग कम होती है और चोटिल हिस्से को सपोर्ट भी मिलता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि चोट को टाइटली न बांधें। इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और सूजन, दर्द आदि समस्या बढ़ सकती है।

E- यानी एलिवेशन

जब जोड़ों में चोट लगे, तो दर्द और सूजन को कम करने के लिए प्रभावित हिस्से को अपने शरीर के स्तर से ऊंची जगह पर रखें। उदाहरण के रूप में समझें, जैसे घुटने में चोट लगी है। ऐसे में आप कुछ देर के लिए लेट जाएं और अपने चोटिल पैर को तकिए पर रखें। ऐसे में पैरों में जमा एक्सेस फ्लूइड हार्ट की तरफ फ्लो करेगा, जिससे चोट की सूजन कम होगी। साथ ही, दर्द के स्तर में भी कमी आएगी

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निष्कर्ष

राइस मेथड छोटी-मोटी चोट से रिकवरी के लिए बहुत ही लाभकारी है, लेकिन इसे गंभीर चोटों के लिए अप्लाई न करें। अगर एक्सीडेंट हो गया है या कहीं सीरियस चोट लग गई है, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। हां, अगर छोटी चोट के लिए आप राइस मेथड अप्लाई कर रहे हैं, तो कुछ ही दिनों में आपको दर्द से आराम मिलने लगेगा। आप चाहें, तो राइस मेथड में ‘पी’ को भी शामिल कर सकते हैं। पी का मतलब होता है प्रोटेक्शन ऑफ दी इंजर्ड पार्ट। इस प्रक्रिया के तहत जिस भी हिस्से में चोट लगी होती है, उसको अच्छी तरह से प्रोटेक्ट करना होता है, ताकि प्रभावित हिस्से में इंफेक्शन या किसी तरह की चोट दोबारा न लगे। इस तरह आपका राइस मेथड भी प्राइस मेथड में बदल जाता है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • कौन सी बीमारी से जोड़ों में दर्द होता है?

    कई बार बढ़ती उम्र के कारण जोड़ों में दर्द होता है। खासकर, बीमारियों की बात करें, तो ऑस्टियोआर्थराइटिस, रुमेटीइड अर्थराइटिस के कारण जोड़ों में दर्द हो सकता है। वहीं, चोट लगना, संक्रमण, मोच, और विटामिन डी की कमी भी जोड़ों में दर्द का कारण बनते हैं।
  • जोड़ों के दर्द को तुरंत कैसे ठीक करें?

    जोड़ों में दर्द क्यों हो रहा है, इस बात का पता लगाने के बाद ही इसका इलाज किया जा सकता है। सामान्य चोट लगने पर गर्म और ठंडी सिकाई, ओवर-द-काउंटर दवाएं लें और पर्याप्त रेस्ट करें। अगर बढ़ते वजन के कारण जोड़ों में दर्द है, तो वेट को कंट्रोल करने की कोशिश करें।
  • जोड़ों का दर्द किसकी कमी से होता है?

    जोड़ों का दर्द कई तरह के पोषक तत्वों की कमी से हो सकता है, जैसे कैल्शियम और विटामिन डी। ध्यान रखें कि इनकी कमी की वजह से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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