चोट लगने पर बर्फ से सेंकने पर तुरंत मिलता है आराम और नहीं पड़ता नीला निशान, जानें सिंकाई का सही तरीका

चोट लगने पर बर्फ से स‍िकाई करने से घाव जल्‍दी भरता है, सूजन और दर्द कम होता है। आप भी जानें बर्फ की स‍िकाई करने का सही तरीका 

 
Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Sep 09, 2021 14:32 IST
चोट लगने पर बर्फ से सेंकने पर तुरंत मिलता है आराम और नहीं पड़ता नीला निशान, जानें सिंकाई का सही तरीका

अक्‍सर चोट लग जाने पर सब बर्फ की स‍िकाई करने की सलाह देते हैं पर क्‍या आपको पता है बर्फ की स‍िकाई करने के ल‍िए क्‍यों कहा जाता है? बर्फ की स‍िकाई करने से सूजन कम होती है, नसों को आराम म‍िलता है, चोट लग जाने पर ब्‍लड फ्लो रुक जाता है और उस जगह खून जम जाता है ज‍िसके कारण त्‍वचा लाल हो जाती है। बर्फ की स‍िकाई करने से चोट के आसपास के ह‍िस्‍से का ब्‍लड फ्लो अच्‍छा होता है। बर्फ की स‍िकाई करने से बहता खून भी रुक जाता है और मसल्‍स को आराम म‍िलता है। बर्फ की स‍िकाई करते समय आपको इस बात का ध्‍यान रखना चाह‍िए इंफेक्‍शन न हो। इस लेख में हम चोट पर बर्फ की स‍िकाई करने का सही तरीका और उसके फायदों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

ice pack on wound

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चोट लगने पर सबसे पहले क्‍या करें? (How to treat wound)

  • चोट लगने पर आपको सबसे पहले ये कोश‍िश करनी है क‍ि घाव को साफ करें, साफ पानी से आप घाव को साफ कर सकते हैं। 
  • इसके बाद उस जगह खून बह रहा है हो तो टाइट पट्टी बांधें और बांधने से पहले बर्फ से स‍िकाई करें। 
  • अगर अंदरूनी चोट है तो प्रभाव‍ित ह‍िस्‍से को क्‍लीन करके बर्फ से स‍िकाई करें और सूजन उतारें। 
  • सूजन को कम करने के उपाय में आप बर्फ का इस्‍तेमाल कर रहे हैं तो 15 म‍िनट से ज्‍यादा न करें, और अगले दो-दो घंटों में स‍िकाई दोबारा करें।

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ठंडी स‍िकाई के फायदे (Benefits of cold compress)

ice pack

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बर्फ की स‍िकाई के ल‍िए आपको इन बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए- 

  • चोट लगने पर खून का फ्लो उस जगह रुक जाता है, बर्फ की स‍िकाई करने से ब्‍लड फ्लो ठीक होता है। 
  • सूजन को कम करने से बर्फ की स‍िकाई फायदेमंद होती है, आप इसे अंदरूनी चोट को ठीक करने के ल‍िए इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 
  • मोच होने पर बर्फ की स‍िकाई कर सकते हैं, बर्फ की स‍िकाई करने से नसों को आराम म‍िलता है। 
  • बर्फ की स‍िकाई करने से बहता हुआ खून रुक जाता है। 

बर्फ की स‍िकाई करते समय क‍िन बातों का ध्‍यान रखें? (Points to remember while doing cold compress)

ice pack tips

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  • आपको इस बात का ध्‍यान रखना है क‍ि बर्फ से स‍िकाई करते समय एक ही जगह पर बर्फ न लगाएं इससे फ्रॉस्‍टबाइट की समस्‍या हो सकती है। 
  • अगर अंदरूनी चोट के साथ सूजन है तो आप प्रभावित क्षेत्र को ऊपर उठाने का प्रयास करें। 
  • स‍िकाई के ल‍िए आप प्रभाव‍ित क्षेत्र को दबाएं और पूरे क्षेत्र पर घुमाएं। 
  • अगर चोट बहुत गहरी है तो स‍िकाई करना ठीक नहीं है, इसके ल‍िए आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए। 
  • अगर लगातार स‍िकाई करने के कारण त्‍वचा सुन्‍न हो गई हो तो आप स‍िकाई को बंद कर दें।
  • जब भी आप बर्फ से स‍िकाई करें आपको इस बात का ध्‍यान रखना है क‍ि बर्फ को त्‍वचा पर डायरेक्‍ट नहीं लगाएं, आपको बर्फ को तौल‍िए में लपेटकर या कपड़े में बांधकर चोट पर लगाना चाह‍िए।

बर्फ की जगह ठंडी स‍िकाई के अन्‍य व‍िकल्‍प (Options for cold compress)

ice pack for wounds

(image source:omh)

अगर क‍िसी कारण से आपके घर में मौजूद फ्र‍ीजर में बर्फ मौजूद नहीं है तो आप इन चीजों के इस्‍तेमाल से भी ठंडी स‍िकाई कर सकते हैं- 

  • आप फ्र‍िज में रखे ठंडे मटर से भी चोट की ठंडी स‍िकाई कर सकते हैं, मटर का पैकेट हो पूरे पैकेट को चोट पर रखकर स‍िकाई करें नहीं तो मटर को पॉल‍िथ‍िन में भरकर उससे भी स‍िकाई कर सकते हैं।
  • मटर की तरह कोई भी जमी या ठंडी सब्‍जी हो तो उसे आप पॉल‍िथ‍िन या कपड़े में लपेटकर स‍िकाई करें, जैसे कॉर्न, भ‍िंडी आदि। 
  • बाजार में म‍िलने वाले आइस पैक में जेल होता है, आप उसे फ्रीजर में जमाकर रखें और जरूरत पड़ने पर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 
  • चावल से भी आप चोट की ठंडी स‍िकाई कर सकते हैं। चावल को प्‍लास्‍ट‍िक के बैग में डालकर उसे फ्रीजर या फ्र‍िज में रखें, चावल से काफी देर तक स‍िकाई की जा सकती है। 
  • अगर आपके पास ऊपर द‍िए गए व‍िकल्‍प मौजूद नहीं है तो आप तौल‍िए से भी स‍िकाई कर सकते हैं, तौल‍िए को आप ठंडे पानी में भ‍िगोकर उसे चोट पर लगाएं तो चोट ठीक होगी पर साफ तौल‍िए का इस्‍तेमाल करें।

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चोट लगी है तो इन बातों का ध्‍यान रखें (Points to remember if you have wound)

  • अगर हाथ में सूजन है तो आपको उस ह‍िस्‍से को सीधा रखने के बजाय ऊपर से नीचे की ओर यानी एल‍िवेटेड फॉर्म में रखना है। इससे इंजरी जल्‍दी ठीक हो जाती है। 
  • एक्‍सरसाइज के बाद नस ख‍िंचना या मोच आने की श‍िकायत होने पर भी आप बर्फ की स‍िकाई कर सकते हैं। 
  • केवल ठंडी स‍िकाई करना काफी नहीं है, चोट लगने पर आप प्रभाव‍ित ह‍िस्‍से को ज्‍यादा मूव न करें और ज्‍यादा से ज्‍यादा आराम करें। 
  • आपको बर्फ की स‍िकाई के ल‍िए केवल आइस क्‍यूब ही लेने चाहिए, कुछ लोग क‍िसी भी बर्तन में आइस जमाकर उसका इस्‍तेमाल करते हैं पर इस तरह से जमी बर्फ के कोने नुकीले होते हैं ज‍िससे आपकी चोट में दर्द में बढ़ सकता है इसल‍िए चि‍कने कोनों वाली आइस क्‍यूब का ही इस्‍तेमाल करें।

डॉक्‍टर को कब द‍िखाएं? (When to see doctor)

कभी-कभी चोट बहुत गहरी होती है ज‍िसका पता टेस्‍ट के ब‍िना पता लगाना नामुमक‍िन होता है, उसके ल‍िए डॉक्‍टर एक्‍सरे या सीटी स्‍कैन करवाते हैं। अगर आप चोट या घाव वाले ह‍िस्‍से को मूव नहीं कर पा रहे हैं या दर्द बहुत तेज है तो हो सकता है क‍ि मसल्‍स को नुकसान पहुंचा हो या फ्रैक्‍चर हो ऐसे में आप देरी न करके तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें। अगर प्रभाव‍ित ह‍िस्‍सा सुन्‍न होने के साथ-साथ दर्द भी हो रहा है तो भी आपको डॉक्‍टर को द‍िखाना चाह‍िए। 

अगर दर्द कम नहीं होता है या खून बहना बंद नहीं होता है तो आपको तुरंत च‍िकित्‍सा सहायता लेनी चाह‍िए, गहरी चोट लगने पर भी केवल बर्फ की स‍िकाई काफी नहीं है, आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए, गलत ठंग से स‍िकाई करने से इंफेक्‍शन भी हो सकता है इसल‍िए आप स‍िकाई करते समय सावधानी बरतें। 

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