Why Are Some People Unable To Cry: आपने अपने आसपास ऐसे लोगों को जरूर देखा होगा जिन्हें किसी स्थिति में रोना नहीं आता है। हालांकि रोना न आना स्ट्रांग इमोशनल हेल्थ की ओर इशारा करता है। लेकिन अगर व्यक्ति को किसी भी स्थिति में रोना नहीं आता है, तो इसे नॉर्मल नहीं कहा जा सकता है। आंसू आना हमारे इमोशन से जुड़ा होता है। जब हम भावुक महसूस करते हैं तो हमारे आंसू अपने आप निकल आते हैं। वहीं, अगर व्यक्ति का हर स्थिति में नॉर्मल रिएक्ट करना सदमें में होने का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति को समझने और उनकी परेशानी जानने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं रोना न आना किन स्थितियों से जुड़ा हो सकता है? इस बारे में जानने के लिए हमने गंगाराम हॉस्पिटल की सीनियर साइकोलॉजिस्ट आरती आनंद से बात की।
इमोशनल ट्रॉमा- Emotional Trauma
इमोशनल ट्रॉमा से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए इमोशंस समझना मुश्किल हो सकता है। अगर कभी किसी को कोई इमोशनल ट्रॉमा रहा है, तो उसके लिए रोना मुश्किल हो सकता है। क्योंकि ऐसे में ब्रेन खुद को निगेटिव फीलिंग से बचाने की कोशिश करता है। इसलिए व्यक्ति किसी भी स्थिति में कुछ महसूस नहीं कर रहा होता है।
डिप्रेशन- Depression
डिप्रेशन के कारण भी व्यक्ति के लिए इमोशंस समझना मुश्किल हो सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति के इमोशंस उसके कंट्रोल में नहीं होते हैं। इसलिए उसे किसी भी स्थिति में हसना या रोना नहीं आता है। जैसे- कोई जॉक सुनाने पर न हंसना या बुरी खबर मिलने पर बुरा महसूस न करना। उसे महसूस नहीं होता है कि वो कब क्या महसूस कर पा रहा है।
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सोशल स्टिग्मा- Social Stigma
कुछ लोग बचपन से यही सीखकर बड़े होते हैं कि उन्हें किसी भी स्थिति में नहीं रोना है। खासकर लड़कों को कुछ लोग यही बोलकर बड़ा करते हैं। एक ही कमांड पर बार-बार काम करने से ब्रेन इमोशंस को महसूस नहीं कर पाता है। इसलिए कुछ लोग किसी भी स्थिति में दुख महसूस नहीं कर पाते हैं।
मेडिकल हेल्थ डिसऑर्डर- Mental Health Disorder
अगर व्यक्ति को कोई मेंटल डिसऑर्डर है तो उसके लिए इमोशंस फील करना मुश्किल हो सकता है। स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन या सदमा लगना ऐसी स्थितियां है, जिसमें व्यक्ति के इमोशंस उसके कंट्रोल में नहीं होते हैं। ऐसे में व्यक्ति अपने इमोशंस से डिस्कनेक्ट महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इन इमोशंस के कारण व्यक्ति की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है।
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मेडिकल रीजन- Medical Reasons
कुछ हेल्थ कंडीशंस में व्यक्ति के लिए रोना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, जेनेटिक कारणों और हार्मोनल इंबैलेंस के कारण भी इमोशनल हेल्थ पर फर्क पड़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति के दुख महसूस करने के बावजूद उसके आंसू नहीं आते हैं।
निष्कर्ष
हर किसी का इमोशंस एक्सप्रेस करने का तरीका अलग होता है। अगर कोई व्यक्ति किसी भी स्थिति में नहीं रो पाता है, तो यह साइकोलॉजिकल या हेल्थ कंडीशन से जुड़ा भी हो सकता है। अगर व्यक्ति कोई भी इमोशंस महसूस नहीं कर पा रहा है, तो यह किसी मेंटल डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति से खुलकर बात करने की कोशिश करनी चाहिए। उनकी परेशानी जानने और इमोशनली सप्पोर्ट देने की कोशिश करनी चाहिए।