प्रवाल भस्म के फायदे और इस्तेमाल करने का तरीका

प्रवाल भस्म के सेवन से स्वास्थ्य को कई फायदे हो सकते हैं। इसके सेवन से शरीर को ठंडक प्रदान होती है। साथ ही कई अन्य फायदे होते हैं।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Aug 23, 2021Updated at: Aug 23, 2021
प्रवाल भस्म के फायदे और इस्तेमाल करने का तरीका

प्रवाल भस्म को मूंगे से तैयार किया जाता है। प्रवाल भस्म में प्रवाल पिष्टी के समान ही औषधीय गुण पाए जाते हैं। इस भस्म को तैयार करने के लिए आग का इस्तेमाल किया जाता है। आग पर तैयार यह भस्म स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद है। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल कई तरह की परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि प्रवाल भस्म शीतलन का गुण पाया जाता है, जो हाइपरएसिडिटी, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, कैल्शियम की कमी और पित्त की अधिकता को कम किया जाता है। इसका इस्तेमाल मोनोपॉज से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए किया जा सकता है। 

एक दिन में प्रवाल भस्क की कितनी ले सकते हैं खुराक (Dose and Uses of Prawal Bhasma)

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि आप प्रवाल भस्म की दिन में दो बार 125 से 250 मिलीग्राम खुराक ले सकते हैं। एक दिन में 250 मिलीग्राम से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन न करें। आप चाहें तो इसका सेवन दूध, घी, मक्शन और शहद के साथ कर सकते हैं।

प्रवाल भस्म से सेहत को होने वाले फायदे (Prawal Bhasma Benefits)

1. जलन करे कम

शरीर में अम्ल और पित्त की अधिकता को दूर करने में प्रवाल भस्म फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इसमें पेट के अम्ल को कम करने का गुण होता है। शरीर में पित्त की अधिकता, सिर दर्द, पित्त की वजह से होना वाला जलन और हाइपरएसिडिटी के लक्षणों को कम करने का गुण रखता है। प्रवाल भस्म के सेवन से पेट में जलन और ब्लीडिंग की परेशानी को कम किया जा सकता है। अगर आप गर्म दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो साथ में इसका सेवन कर सकते हैं।

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2. बुखार में है फायगेमंद

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि प्रवाल भस्म में ज्वरनाशक गुण पाया जाता है। यह एक ऐसी आयुर्वेदिक दवाई है, जो एसिटामिनोफेन की तरह बुखार को कम करने में मददगार होता है। इसके सेवन से आप मस्तिष्क के तापमान को कम कर सकते हैं। 

3. शरीर को दिलाए ठंडक

प्रवाल भस्म के इस्तेमाल से वात, पित्त और कफ दोषों को दूर किया जा सतता है। पित्त रोगों को दूर कर शरीर को ठंडक प्रदान करने में प्रवाल भस्म काफी गुणकारी पाया जाता है। इसके सेवन से शरीर में शीतलता आती है। जिन लोगों को शरीर में गर्मी या जलन बनी रहती है, उनके लिए यह बहुत ही फायदेमंद है।

4. पीलिया का इलाज

आयुर्वेचार्य के मुताबिक, पीलिया रोगियों के लिए प्रवाल भस्म काफी गुणकारी हो सकता है। इससे पीलिया रोग को दूर करने में काफी आसान है। क्योंकि इसमें शरीर को ठंडक प्रदान करने का गुण होता है। पीलिया रोगियों को इसका सेवन शहद के साथ करना चाहिए। लेकिन ध्यान रखें कि डॉक्टर के सलाहनुसार ही इसका सेवन करेँ। 

5. छाती के भारीपन

सर्दी-जुकाम की वजह से छाती में भारीपन की परेशानी को दूर करने में प्रवाल भस्म फायदेमंद है सकता है। इसका सेवन करने के लिए शहद को हल्का सा गर्म करें। इसके बाद इसमें प्रवाल का थोड़ा सा भस्म मिलाकर चाटें। इससे छाती में भारीपन की परेशानी कम होगी।

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6. कैल्शियम का है प्रमुख स्त्रोत

प्रवाल भस्म में कैल्शियम भरपूर रूप से होता है। इसके अलावा यह मैग्नीशियम जैसे अन्य खनिज से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से आप हड्डियों में ऐंठन की परेशानी को दूर कर सकते हैं। साथ ही अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है, तो इसका सेवन किया  जा सकता है। यह हड्डियों को मजबूत करने में असरकारी है। बढ़ती उम्र के बच्चों को प्रवाल भस्म का सेवन कराना चाहिए। इससे उनकी हड्डियों का विकास बेहतर तरीके से होता है। साथ ही इससे दांतों और कोशिकाओं की झिल्ली का विकास सही से हो सकता है।

प्रवाल भस्म का नुकसान (Side Effect of Prawal Bhasma)

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि प्रवाल भस्म का सेवन डॉक्टर के सलाहनुसार ही करें। अगर आपके ब्लड में कैल्शियम का स्तर बढ़ गया है, तो इसका सेवन न करें। इसके अलावा अपनी जरूरत से ज्यादा इसका सेवन करने से बचें। 

आयुर्वेदाचार्य के मुताबिक प्रवाल भस्म स्वास्श्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका सेवन करने से पहले चिकित्सीय परामर्श जरूर लें। वरना आपकी समस्या बढ़ने का खतरा रहता है। 

Image Credit - Pixabay

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