
बच्चों में पित्त दोष बढ़ने के लक्षण: आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वात-पित्त-कफ, तीनों दोषों को बैलेंस रखना जरूरी है। अगर इनमें से कोई एक भी असंतुलित होता है तो इससे आपकी सेहत पर गहरा असर देखने को मिल सकता है। वात दोष, वायु और आकाश की ऊर्जा है और यह श्वास, हृदय की धड़कन, मांसपेशियों की गति और तंत्रिका तंत्र के कामकाज से जुड़ा हुआ है। पित्त दोष, अग्नि और जल की ऊर्जा है, जो पाचन, भूख, अवशोषण और ब्रेन की सेहत से जुड़ा हुआ है। अंत में कफ जल और पृथ्वी की ऊर्जा है, संरचना और सामंजस्य, तरल पदार्थ के संतुलन, सहनशक्ति और संतोष की भावना को नियंत्रित करता है। प्रत्येक बच्चे के शरीर में तीनों दोष होते हैं लेकिन जब इनमें से एक भी प्रभावित होता है तो सेहत से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। आज हम बात करेंगे डॉ. दीपक जोशी आयुर्वेद एक्सपर्ट, प्रवेक कल्प से कि बच्चों में पित्त दोष क्यों बढ़ता है, इसका कारण और लक्षण।
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बच्चों में पित्त दोष बढ़ने का कारण-Causes of pitta dosha in kids
डॉ. दीपक जोशी बताते हैं कि बच्चों में पित्त दोष का असंतुलन कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक उग्र लक्षणों के रूप में प्रकट होता है। पित्त दोष बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि सबसे पहले तो पित्त बढ़ाने वाली गर्म चीजों का सेवन। अगर आपका बच्चा गर्म, मसालेदार, खट्टे, नमकीन, तले हुए खाद्य पदार्थ और कैफीन युक्त चीजों का ज्यादा सेवन करता है तो इससे आपका पित्त दोष तेजी से बढ़ सकता है। इसके अलावा अगर पेट सही नहीं रहता तो इसका मतलब है कि पित्त दोष बढ़ा हो सकता है। ऐसे में इन लक्षणों पर को देखकर आप अच्छी तरह से समझ सकते हैं कि आपके बच्चे का पित्त बढ़ा हुआ है।

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बच्चों में पित्त दोष बढ़ने के लक्षण-Pitta dosha symptoms in kids
बच्चों में पित्त दोष बढ़ने के कई लक्षण हो सकते हैं जिनमें सबसे पहले आपको इस बात पर गौर करना है कि क्या आपके बच्चे को भूख लग रही है? अगर आपके बच्चे को भूख नहीं लग रही है तो उसका पाचन क्रिया प्रभावित हो सकता है और उसका पित्त दोष बढ़ा हुआ हो सकता है। इसके अलावा आपके बच्चे को एसिडटी, गैस की दिक्कत है या मेटाबॉलिज्म संबंधिक कोई भी समस्या है तो भी उसका पित्त दोष बढ़ा हुआ हो सकता है। इसके अलावा
- -जब बच्चे का पित्त बिगड़ जाता है, तो शारीरिक लक्षण अक्सर गर्मी, सूजन और चयापचय से संबंधित होते हैं।
- -सीने में जलन, पेट दर्द, दस्त, मतली आदि समस्या होने भी पित्त दोष बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं।
- -स्किन से जुड़ी समस्याएं जैसे चकत्ते, मुहांसे और एक्जिमा का होना भी पित्त दोष बढ़ने का लक्षण हो सकता है।
- -मुंह में छाले होना, आंखों में दर्द और लगातार सिर दर्द होना पित्त दोष बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं।
इसके अलावा ज्यादा गर्मी लगना, चिड़चिड़ापन, सूजन और पाचन संबंधी समस्याएं भी बच्चों में पित्त दोष बढ़ने के लक्षण हैं। इसके अलावा ज्यादा गुस्सा आना भी पित्त दोष वाले बच्चे के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप इन लक्षणों को पहचाते हुए बच्चों में पित्त दोष बढ़ने से रोकें।
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साथ ही कोशिश करें बच्चों को घर का बना खाना खिलाएं जिनमें तेल और मसाले कम हो। इसके अलावा अपने बच्चे को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने के लिए प्रेरित करें क्योंकि पानी शरीर को ठंडा करने के साथ डिटॉक्सीफाई करता है जिससे पित्त दोष की समस्या में कमी आती है।
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FAQ
मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे पित्त दोष है?
पित्त दोष बढ़ने से शरीर में गर्मी, जलन, गुस्सा, और पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा नींद न आना भी पित्त दोष की वजह से हो सकता है।पित्त दोष को दूर करने के क्या उपाय हैं?
पित्त दोष दूर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा खीरा खाएं और नारियल पानी। इसके अलावा लौकी और कद्दू जैसी चीजों का सेवन ज्यादा करें। इसके अलावा स्ट्रेस मैनेज करने के साथ अच्छी नींद लें।कौन सा भोजन पित्त को कम करता है?
साग, सब्जी और ज्यादा से ज्यादा प्लांट बेस्ड और ठंडी चीजों का सेवन पित्त कम करने में मदद कर सकता है। इससे पित्त ठंडा होता है। इसके अलावा ज्यादा तेल मसाले वाली चीजों के सेवन से बचें।
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Jan 04, 2026 16:47 IST
Published By : Pallavi Kumari
