निर्मली (Nirmali) के बीज, जड़ और फल के 8 फायदे और कुछ नुकसान

निर्मली के सेवन से सेहत को कई फायदे हो सकते हैं। लेकिन इसके अधिकता सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकती है। जानें इसके फायदे और नुकसान

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Aug 16, 2021Updated at: Aug 16, 2021
निर्मली (Nirmali) के बीज, जड़ और फल के 8 फायदे और कुछ नुकसान

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं जो न केवल बीमारियों से छुटकारा दिलाती हैं बल्कि शरीर के विकास में भी बेहद उपयोगी हैं। ऐसी जड़ी बूटी का नाम है निर्मली। लोगों ने इसके बारे में बहुत कम सुना है। लेकिन आपको बता दें कि यह है यह चमत्कारी औषधि साबित हो सकती है। निर्मली शरीर से कई समस्याएं से सूजन, घाव, उल्टी, पेट दर्द, पथरी की समस्या, सर्दी जुकाम आदि से आपको बचा सकती है। इसे निर्मल के नाम से भी जाना जाता है। इंग्लिश में वाटर फिल्टर ट्री या क्लीयरिंग नट ट्री भी जानते हैं। निर्मली की जड़ हो या छाल, अर्क हो या फल ये चारों ही सेहते के लिए बेहद उपयोगी हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि निर्मली बी के सेवन से सेहत को क्या-क्या फायदे होते हैं साथ ही इसके नुकसान के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए हमने आयुर्वेद संजीवनी हर्बल क्लिनिक शकरपुर, लक्ष्मी नगर के आयुर्वेदाचार्य डॉ एम मुफिक (Ayurvedacharya Dr. M Mufik) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

 

1 - पेट की समस्या को करे दूर

आज के समय में पेट की समस्याएं होना आम बात है। लेकिन इसके कारण व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। ऐसे में निर्मली बीज पेट की समस्याओं को दूर करने में उपयोगी है। आप निर्मली के बीजों को पीसें और नाभि के आसपास लगाएं। ऐसा करने से पेट के कीड़े खत्म हो सकते हैं बल्कि पेट के कई रोगों से छुटकारा मिल सकता है।

2 - आंखों की समस्याओं से दिलाए छुटकारा

आंखों की कई समस्याओं को दूर करने में निर्मली बेहद उपयोगी है। बता दें कि अगर आपकी आंखों में दर्द रहता है या जलन रहती है तो निर्मली बीज को पानी में पीसें और उसमें सेंधा नमक मिलाएं। अब बनें मिश्रण को आंखों से बचाकर आंखों के आसपास लगाएं। ऐसा करने से आंखों की कई समस्याओं से फायदा मिल सकता है।

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3 - दस्त की समस्या से मिलेगी राहत

पेट की मुख्य समस्या दस्त और कब्ज होती हैं। बता दें कि निर्मली बीज दस्त और कब्ज दोनों को दूर करने में उपयोगी है। दस्त को दूर करने में आप निर्मली बीज को पीस लें और उसमें छाछ मिलाएं। अब बने मिश्रण का सेवन करें। ऐसा करने से दस्त की समस्या दूर होती है। वहीं कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए आप निर्मली बीजों का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इसके सेवन करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है।

4 - खांसी से मिलेगी राहत

निर्मली बीज खांसी से छुटकारा दिलाने में भी उपयोगी है। ऐसे में आप निर्मली के फल का गूदा निकालें और उसमें शहद को मिलाएं। अब बने मिश्रण को चाटें। ऐसा करने से खांसी से राहत मिलती है और गले की काफी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

5 - पथरी से दिलाए छुटकारा

पथरी की समस्या काफी दर्दनाक होती है। इसका दर्द व्यक्ति को काफी कष्ट दे सकता है। ऐसे में बता दें कि पथरी से छुटकारा दिलाने में निर्मली बीज आपके काम आ सकते हैं। आप निर्मली फल से काढ़ा बनाएं और उस काढ़े का सेवन करें। ऐसा करने से पथरी टूटना शुरू हो जाती है। हालांकि काढ़े की विधि के लिए आयुर्वेदाचार्य से संपर्क करें।

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6 - गठिया में लाभकारी

काफी लोग जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं। ऐसे में निर्मली इस समस्या को दूर करने में मददगार हैं। ऐसे में आप निर्मली की जड़ को तेल लें और उसे मंदी आंच पर पका लें। अब बनें मिश्रण को छानें और ठंडा करके मालिश करें। ऐसा करने से जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी। इससे अलग गठिया की समस्या को दूर करने में भी निर्मली आपके बेहद काम आ सकता है।

7 - घाव भरने में है उपयोगी

घाव को भरने में भी निर्मली बेहद उपयोगी है। बता दें कि निर्मली की जड़ या निर्मली के पत्तों को पीस लें और घाव पर लगाएं। ऐसा करने से घाव जल्दी भरते हैं। इससे अलग त्वचा के कई रोगों से भी छुटकारा मिल सकता है।

8 - मिर्गी को कर सकता है दूर

कई लोग मिर्गी की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे में आपको बता दें कि मिर्गी से छुटकारा दिलाने में निर्मली आपकी मदद कर सकते हैं। बता दें कि निर्मली फल के रस को अगर कान में डालेंगे या नाक के अंदर डालेंगे तो यह मिर्गी की समस्या को दूर किया जा सकता है।

निर्मली से होने वाले नुकसान

बता दें कि आयुर्वेद में किसी भी जड़ी बूटी का ज्यादा उपयोग सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। आयुर्वेदाचार्य हर जड़ी बूटी की तय मात्रा निर्धारित करते हैं। ऐसे में निर्मली भी अगर अधिक मात्रा में ली जाए तो देश को कई समस्याओं का सामना भी करा सकते हैं। ऐसे में सबसे पहले आयुर्वेदाचार्य से निर्मली बीज की तय सीमा से अधिक का शरीर में एलर्जी की समस्या भी पैदा कर सकती है। इससे अलग निर्मली के अधिक सेवन से चेहरे पर लाल चकत्ते या खुजली की समस्या भी हो सकती है।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि निर्मली के सेवन से कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। लेकिन इसकी अधिकता सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में निर्मली को अपनी डाइट में जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। अगर आप कोई स्पेशल डाइट फोलो कर रहे हैं या किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो निर्मली को अपनी डाइट में जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की राय जरूर लें। 

ये लेख आयुर्वेद संजीवनी हर्बल क्लिनिक शकरपुर, लक्ष्मी नगर के आयुर्वेदाचार्य डॉ एम मुफिक (Ayurvedacharya Dr. M Mufik) से बातचीत पर आधारित है।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ shutterstock से ली गई हैं।

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