वैलेंटाइन वीक में चॉकलेट डे (Chocolate Day 2025) आने वाला है और इस मौके पर चॉकलेट प्रेमियों के बीच चॉकलेट को लेकर कई चर्चा होती हैं। चॉकलेट का ही एक हेल्दी वर्जन है डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)। इसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इससे जुड़े कई मिथक भी प्रचलित हैं। कुछ लोग मानते हैं कि इसमें कैलोरी नहीं होती, जबकि अन्य सोचते हैं कि यह तुरंत ब्लड प्रेशर को कम कर सकती है या डिप्रेशन को पूरी तरह ठीक कर सकती है। इन धारणाओं की सच्चाई क्या है? क्या डार्क चॉकलेट वास्तव में सेहत के लिए वरदान है, या यह केवल एक मीठे की क्रेविंग को संतुष्ट करने का साधन है? इस लेख में हम डार्क चॉकलेट से जुड़े 5 सबसे आम मिथकों और उनकी सच्चाई पर चर्चा करेंगे। जानिए कि क्या वास्तव में डार्क चॉकलेट आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती है, या यह केवल भ्रम का हिस्सा है। साथ ही, हम उन पोषण संबंधी तथ्यों पर भी नज़र डालेंगे जो इसे हेल्दी या अनहेल्दी साबित कर सकते हैं। आइए इन मिथकों की तह तक पहुंचें और जानें कि डार्क चॉकलेट आपके लिए कितनी फायदेमंद है। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने लखनऊ के न्यूट्रिवाइज क्लीनिक की न्यूट्रिशनिस्ट नेहा सिन्हा से बात की।
मिथक 1: डार्क चॉकलेट में कैलोरीज नहीं होतीं- No Calories in Dark Chocolate
सच्चाई: यह पूरी तरह गलत है। डार्क चॉकलेट में भी कैलोरीज होती हैं, हालांकि यह सफेद या मिल्क चॉकलेट की तुलना में कम होती है। 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा कोको वाली डार्क चॉकलेट में प्राकृतिक चीनी और फैट की मात्रा कम होती है, जिससे इसमें कम कैलोरीज होती हैं। वजन कंट्रोल करने के लिए इसे संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए।
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मिथक 2: डार्क चॉकलेट तुरंत ब्लड प्रेशर कम करती है- Dark Chocolate Reduces BP
सच्चाई: डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो समय के साथ हाई बीपी को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह कोई जादुई इलाज नहीं है। इसका असर तत्काल नहीं होता और संतुलित आहार के साथ इसे खाना जरूरी होता है।
मिथक 3: डार्क चॉकलेट है डिप्रेशन का इलाज- Dark Chocolate Cures Depression
सच्चाई: यह बात सही नहीं है। डार्क चॉकलेट में सेरोटोनिन बढ़ाने वाले तत्व जरूर होते हैं, जो मूड सुधारने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह कोई निश्चित इलाज नहीं है। गंभीर डिप्रेशन के इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
मिथक 4: सिर्फ महंगी डार्क चॉकलेट ही हेल्दी होती है- Healthy Dark Chocolate is Costly
सच्चाई: लोग अक्सर यह सोचते हैं कि सस्ती डार्क चॉकलेट हेल्दी नहीं होती। हेल्दी डार्क चॉकलेट खाने के लिए उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। महंगी चॉकलेट में बेहतर गुणवत्ता हो सकती है, लेकिन हेल्दी होने के लिए जरूरी है कि उसमें कम से कम 70 प्रतिशत कोको हो। अगर आपकी खरीदी हुई डार्क चॉकलेट में 70 प्रतिशत कोको है, तो मतलब आप हेल्दी चॉकलेट खा रहे हैं।
मिथक 5: डार्क चॉकलेट पूरी तरह से शुगर-फ्री होती है- Dark Chocolate in Sugar Free
सच्चाई: ज्यादातर डार्क चॉकलेट में थोड़ी मात्रा में शुगर होती है, खासकर 50-70 प्रतिशत कोको वाली चॉकलेट में। 85 प्रतिशत से ज्यादा कोको वाली चॉकलेट में शुगर बहुत कम होती है। इसलिए शुगर की मात्रा चेक करने के साथ-साथ लेबल में कोको की मात्रा भी चेक कर लें।
डार्क चॉकलेट को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हैं, लेकिन सही जानकारी के साथ इसे संतुलित मात्रा में खाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
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