एक्सरसाइज के बाद माउथवॉश से कभी न करें कुल्ला, बॉडी बनेगी नहीं और बढ़ेगा ब्लड प्रेशर

जर्नल फ्री रेडिकल बायोलॉजी एंड मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक पानी के बजाए एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश से कुल्ला करने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर कम करने वाली एक्सरसाइज का प्रभाव कम हो जाता है।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Sep 05, 2019Updated at: Sep 05, 2019
एक्सरसाइज के बाद माउथवॉश से कभी न करें कुल्ला, बॉडी बनेगी नहीं और बढ़ेगा ब्लड प्रेशर

जर्नल फ्री रेडिकल बायोलॉजी एंड मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक, ओरल बैक्टीरिया द्वारा नाइट्राइट संश्लेषण इसलिए बेहद जरूरी है कि हमारा शरीर एक्सरसाइज के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता हैं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि पानी के बजाए एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश से कुल्ला करने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर कम करने वाली एक्सरसाइज का प्रभाव कम हो जाता है, जो कि ह्रदय स्वास्थ्य के लिए ओरल बैक्टीरिया के महत्व को दर्शाता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ प्लाईमाउथ के प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक राउस बेस्कोस ने कहा, ''वैज्ञानिक पहले से ही जानते हैं कि एक्सरसाइज के दौरान रक्त वाहिकाएं खुल जाती हैं क्योंकि नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन रक्त वाहिकाओं के व्यास को बढ़ा देता है और सक्रिय मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ा देता है।''

जर्नल फ्री रेडिकल बायोलॉजी एंड मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने दो मौकों पर 23 स्वस्थ व्यस्कों को कुल 30 मिनट तक ट्रेडमिल पर दौड़ने को कहा। जिसके दो घंटे बाद उनके शरीर पर हुए प्रभावों की जांच की गई।   

एक मौके पर एक्सरसाइज के 30, 60 और 90 मिनट बाद उनसे किसी तरल पदार्थ व एंटी-बैक्टीरियल, प्लसीबो और मिंट फ्लेवर वाले पानी से कुल्ला करने को कहा गया। ऐसा करने के बाद उनका ब्लड प्रेशर मांपा गया और फिर एक्सरसाइज से पहले व 120 मिनट बाद उनके खून के नमूने लिए गए।

इसे भी पढ़ेंः 10 साल से चिप्स, बर्गर खा रहा 17 साल का बच्चा हुआ अंधा और बहरा, डॉक्टरों ने बताई ये वजह

अध्ययन में पाया गया कि वे प्रतिभागी, जिन्होंने प्लसीबो से कुल्ला किया, उनके एक्सरसाइज के एक घंटे बाद सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में 5.2 एमएमएचजी की कमी देखी गई। हालांकि जिन लोगों ने एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश से कुल्ला किया उनमें एक्सरसाइज के एक घंटे बाद औसत सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में माइनस 2 एमएमजीएच दर्ज किया गया।   

सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को हाई ब्लड प्रेशर के रूप में परिभाषित किया जाता है और यह स्थिति तब होती है जब हमारा ह्रदय सिकुड़ता है और रक्त को शरीर में धकेलता है।

परिणामों से पता चलता है कि रिकवरी के पहले घंटे में एक्सरसाइज द्वारा ब्लड प्रेशर में कमी का प्रभाव 60 फीसदी  से अधिक तक कम हो गया और जिन प्रतिभागियों ने एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का प्रयोग किया उनमें एक्सरसाइज के दो घंटे बाद प्रभाव पूरी तरह से समाप्त हो गया।

इसे भी पढ़ेंः दिन का 1 सेब आपको रख सकता है निमोनिया से कोसो दूर, शोधकर्ताओं ने किया दावा

यूनिवर्सिटी ऑफ प्लाईमाउथ के प्रोफेसर और अध्ययन के सह लेखक क्रेग कटलर ने कहा, "इन निष्कर्षों से पता चलता है कि ओरल बैक्टीरिया द्वारा नाइट्राइट संश्लेषण इसलिए बेहद जरूरी है ताकि हमारा शरीर रिकवरी की पहली अवधि में एक्सरसाइज के प्रति कैसे प्रतिक्रिया दिखाता है, लो ब्लड प्रेशर को बढ़ावा देता है और अधिक मांसपेशियों में ऑक्सीजन को बढ़ाता है।"

कटलर ने कहा, "वास्तव में, यह ओरल बैक्टीरिया रक्त वाहिकाओं को खोलने के लिए बेहद जरूरी है। अगर उन्हें हटा दिया जाए तो नाइट्राइट का उत्पादन नहीं हो पाएगा और वाहिकाएं अपनी वर्तमान स्थिति में रहेंगी।''

कटलर ने कहा, "मौजूदा अध्ययन दर्शाते हैं कि एक्सरसाइज को एक तरफ रखें क्योंकि एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश वास्तव में आराम की स्थिति में ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं, इसलिए यह अध्ययन किया गया और एक्सरसाइज पर माउथवॉश के प्रभाव को दिखाया गया।"

Read more articles on Health News in Hindi

Disclaimer