मेडिटेशन करने पर खुद में दिखें ये 6 बदलाव तो, हो सकते हैं ये इसके नुकसान

मेडिटेशन को हमेशा मन को शांत करने की तकनीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इससे आपके शरीर पर कुछ नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। 

 
Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Sep 01, 2021 11:28 IST
मेडिटेशन करने पर खुद में दिखें ये 6 बदलाव तो, हो सकते हैं ये इसके नुकसान

स्ट्रेस या एंग्जायटी होने पर आम तौर पर लोग मेडिटेशन करने का सुझाव देते हैं। क्योंकि इस तकनीक से हमारा दिमाग शांत रहता है। हमारा मन भी मेडिटेशन करने से खुश रहता है और हमारा मूड भी स्थिर रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतने लाभ होने के बावजूद भी मेडिटेशन के आपके शरीर पर कुछ उल्टे असर देखने को मिल सकते है। हालांकि यह लक्षण आपको कभी कभार या केवल कुछ ही लोगों में देखने को मिलेंगे। लेकिन फिर भी आप इन रिस्क की चपेट में आ सकते हैं। तो आइए जानते हैं मेडिटेशन करने के नुकसान (Meditation side effects in hindi)

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Image credit: Fearless Soul

1. समाज के साथ ज्यादा ताल्लुक न रखना (Do not engage much with the society)

मेडिटेशन के दिमाग पर काफी पॉजिटिव असर होते हैं लेकिन कई बार इस तरह के नेगेटिव असर भी आप देख सकते हैं। मेडिटेशन करने से आप खुद के साथ ही इतने संतुष्ट हो जाते हैं कि आपको किसी अन्य की जरूरत ही नहीं होती। आप खुद को अकेले रखना पसंद करते हैं जिससे आपका सामाजिक कनेक्शन बिलकुल ही टूट जाता है जो अच्छा नहीं है।

2. मोटिवेशन की कमी (Lack Of Motivation)

हो सकता है मेडिटेशन करने से आपको अच्छा नतीजे न मिल सकें और उन्हीं उल्टे प्रभावों का एक नतीजा है मोटिवेशन की कमी। अधिक मेडिटेशन करने से मोटिवेशन और प्रेरणा की कमी आ सकती है। जो आपके सारे कामों को प्रभावित कर सकती है। मोटिवेशन की कमी होने के कारण आपके सारे काम ढंग से नहीं हो पाते हैं। जो आपके घरेलू काम और प्रोफेशनल लाइफ दोनों को ही एक बड़ा झटका दे सकता है।

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3. ज्यादा एंग्जायटी अटैक आना (More Anxiety Attacks) 

एक्सपर्ट्स की अक्सर इस बात पर बहस होती है कि मेडिटेशन से आप अधिक एंजाइटी का सामना कर सकते हैं। यह माना जाता है कि मेडिटेट करते समय आपको सभी बुरे विचार और ट्रॉमा आदि याद आ जाते हैं। जिस कारण कुछ लोगों को लाभ से अधिक नुकसान मिलता है और वह पहले से भी ज्यादा अधिक तनाव ग्रस्त हो जाते हैं।

4. स्लीप डिसऑर्डर की समस्या (Sleep Disorders) 

अपोलो क्लिनिक, फैलोशिप एंड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जनरल मेडिसिन डॉक्टर शीतल रेड्डी देसाई कहती हैं कि जो लोग अधिक मेडिटेशन करते हैं उन्हें नींद बहुत कम आती है। उनकी स्लीप साइकिल भी काफी डिस्टर्ब रहती है। मेडिटेशन से आपकी ध्यान लगाने की और जगे रहने की क्षमता बढ़ जाती है जिस कारण आप सोने में दिक्कत महसूस करते हैं। आपकी सर्काडियन रिदम बदल सकती है।

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6. कुछ शारीरिक लक्षण भी आपको देखने को मिल सकते हैं (Physical Symptoms) 

मेडिटेशन करने से आपको शारीरिक बीमारी जैसी भी कई समस्या देखने को मिल सकती है। जो लोग मेडिटेशन में अधिक लीन हो जाते हैं उनके शरीर में दर्द, सिर में दर्द, कमजोरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिजीज आदि देखने को मिलती हैं। कई बार आपको चक्कर आने जैसे लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं।

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मेडिटेशन करना आपकी मानसिक सेहत के लिए वाकई में काफी लाभदायक होता है। यह आपके शरीर को अंदर से भी स्वच्छ बनाने में लाभदायक होता है। लेकिन अगर आपको आज के आर्टिकल में बताए गए लक्षण मेडिटेशन के कारण देखने को मिलते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको मेडिटेट करना एक दम से ही बंद कर देना चाहिए। आप बीच बीच में कुछ समय का ब्रेक ले सकते हैं। आप दोबारा मेडिटेट करना चालू कर सकते हैं।

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