Doctor Verified

सारकोमा (बोन कैंसर) की पुष्टि के लिए कौन-कौन से टेस्‍ट होते हैं? डॉक्‍टर से जानें

सारकोमा की पुष्टि के लिए एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन, बायोप्सी और पीईटी स्कैन जैसे टेस्ट किए जाते हैं। समय पर जांच से इलाज संभव है।
  • SHARE
  • FOLLOW
सारकोमा (बोन कैंसर) की पुष्टि के लिए कौन-कौन से टेस्‍ट होते हैं? डॉक्‍टर से जानें

जुलाई का महीना, सारकोमा और बोन कैंसर अवेयरनेस मंथ 2025 (Sarcoma and Bone Cancer Awareness Month 2025) के रूप में मनाया जाता है, ताकि लोगों को हड्डी के कैंसर (Bone Cancer) और उससे जुड़े लक्षणों की पहचान के प्रति जागरूक किया जा सके। लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्‍प‍िटल मैनेजमेंट के एचओडी डॉ राजेश हर्षवर्धन ने बताया क‍ि सारकोमा भी हड्डी के कैंसर (Bone Cancer) का एक प्रकार है। सारकोमा एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार का कैंसर है, जो हड्डियों (बोन सारकोमा) या सॉफ्ट टिशू में होता है। बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों में यह कैंसर तेजी से फैल सकता है, इसलिए समय पर पहचान और सही जांच जरूरी है।
बोन कैंसर के लक्षण- जैसे लगातार हड्डियों में दर्द, सूजन, चलने में परेशानी या हड्डी का अचानक टूट जाना- शुरुआत में सामान्य मांसपेशियों के दर्द जैसे लग सकता है, लेकिन अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सारकोमा की पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं होती, इसके लिए कई तरह की मेडिकल जांच की जाती हैं। ये जांचें न केवल कैंसर की पुष्टि करती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि यह कितना फैला है और कौन-सा टाइप है। आइए जानते हैं किन जांचों की मदद से सारकोमा की सटीक पहचान की जाती है।


इस पेज पर:-


1. शारीरिक परीक्षण- Physical Examination For Cancer Detection

डॉक्टर सबसे पहले प्रभावित हिस्से की सूजन, गांठ, गर्माहट और दर्द की जांच करते हैं। साथ ही यह देखा जाता है कि क्या हड्डी का आकार असामान्य लग रहा है या मूवमेंट में रुकावट हो रही है। यह शुरुआती आंकलन, इलाज के बारे में जानकारी देते हैं।

इसे भी पढ़ें- हड्डी के कैंसर vs जोड़ों का दर्द: लक्षणों का फर्क कैसे पहचानें? जानें डॉक्टर से

2. एक्स-रे- X-Ray For Cancer Detection

बोन कैंसर की पहचान के लिए सबसे पहले इमेजिंग जांच एक्‍स-रे से होती है। इसमें हड्डियों की बनावट और किसी प्रकार की असामान्यता, जैसे कि ट्यूमर या हड्डी का घिसना, देखा जाता है। हालांकि यह प्राथमिक जांच है, लेकिन इससे केवल शुरुआती संकेत मिलते हैं।

3. एमआरआई- MRI For Cancer Detection

mri-sarcoma-test

अगर ट्यूमर, हड्डी के आसपास के सॉफ्ट टिशू तक फैल चुका है, तो उसकी जानकारी एमआरआई से मिलती है। यह स्कैन, हड्डियों और टिशूज के बारे में जानकारी देता है और यह भी बताता है क‍ि मरीज को सर्जरी की जरूरत है या नहीं।

4. ब्लड टेस्ट- Blood Test For Cancer Detection

सारकोमा की आशंका होने पर डॉक्‍टर ब्‍लड टेस्‍ट भी करवाते हैं। ब्‍लड टेस्‍ट की मदद से ट्यूमर की गंभीरता का अनुमान म‍िलता है। हालांक‍ि केवल ब्‍लड टेस्‍ट से सारकोमा की पुष्टि नहीं होती, लेक‍िन इससे शरीर में इंफेक्‍शन, सूजन जैसे लेवल का पता चलता है।

5. बायोप्सी- Biopsy For Cancer Detection

बायोप्सी सारकोमा की पुष्टि के लिए सबसे जरूरी जांच है। बायोप्सी दो तरह से की जाती है- निडल बायोप्सी (सुई से टिशू निकालना) और सर्जिकल बायोप्सी (छोटे ऑपरेशन द्वारा टिशू निकालना)। बायोप्‍सी में ट्यूमर का एक नमूना लेकर लैब में जांच की जाती है ताकि यह पता चल सके कि ट्यूमर कैंसर वाला है या नहीं और उसका प्रकार क्या है।

6. बोन स्कैन टेस्‍ट- Bone Scan Test For Cancer Detection

बोन स्‍कैन टेस्‍ट की मदद से शरीर के अन्‍य ह‍िस्‍सों की हड्ड‍ियों में मौजूद कैंसर की पहचान होती है। बोन स्‍कैन टेस्‍ट में रेडियोएक्टिव डाई यूज की जाती है, जो क‍ि कैंसर वाले भाग में जाकर इकट्ठा हो जाती है और स्‍कैन में साफ रूप से द‍िखाई देती है।

7. पीईटी स्कैन- PET Scan For Cancer Detection

पीईटी स्कैन की मदद से ट्यूमर की एक्टिविटी का पता चलता है। पीईटी स्कैन से यह भी पता चलता है कि कैंसर की कोशिकाएं कितनी एक्‍ट‍िव हैं और शरीर के कौन-कौन से हि‍स्‍से को प्रभावित कर रही हैं। पीईटी स्‍कैन की मदद से कैंसर के इलाज में मदद म‍िलती है।

सारकोमा की पुष्टि के ल‍िए डॉक्‍टर एमआरआई, सीटी स्‍कैन, बायोप्‍सी, पीईटी स्‍कैन वगैरह करवाने की सलाह दे सकते हैं। अगर आपको हड्ड‍ी में दर्द हो या कैंसर का कोई भी असामान्‍य लक्षण नजर आए, तो इलाज में देरी न करें और तुरंत डॉक्‍टर से चेकअप करवाएं।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

यह विडियो भी देखें

FAQ

  • सारकोमा किसका कैंसर है?

    सारकोमा हड्डियों और सॉफ्ट टिशू जैसे मांसपेशियों, नसों, फैट और ब्‍लड वैसल्‍स का कैंसर है। यह शरीर के किसी भी भाग में विकसित हो सकता है और बच्चों व युवाओं में यह पाया जाता है।
  • सरकोमा कितनी तेजी से फैल सकता है?

    सारकोमा की ग्रोथ उसकी टाइप पर निर्भर करती है। कुछ प्रकार जैसे यूइंग और सिंविअल सारकोमा तेजी से बढ़ते हैं और आसपास के अंगों या फेफड़ों तक जल्दी फैल सकते हैं। समय पर इलाज जरूरी होता है।
  • सरकोमा रोग के लक्षण क्या हैं?

    सारकोमा के लक्षणों में दर्द रहित सूजन या गांठ, लगातार बढ़ता दर्द, चलने या उठने में दिक्कत, रात में तेज दर्द, थकान और बुखार शामिल हो सकते हैं। हड्डी कमजोर होने से अचानक फ्रैक्चर भी हो सकता है।

 

 

 

Read Next

12 घंटे की लंबी सर्जरी के बाद रजनी ने स्टेज 3 ओरल कैंसर को दी मात, परिवार के सपोर्ट से जिंदगी की नई शुरुआत की

Disclaimer

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

  • Nov 21, 2025 19:58 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

TAGS