शरीर पर उभरी हुई गांठ (Lipoma) को दूर करने में कारगर है ये 2 आयुर्वेदिक तरीके, जानें गांठ को हटाने का तरीका

जब किसी व्यक्ति को अपने शरीर के किसी हिस्से में फूला हुआ महसूस हो और थोड़े दिन में वह जगह सख्त रूप ले ले और आपके हल्के से स्पर्श से भी उस जगह पर दबाव बनने लगे तो समझ लीजिए कि उस हिस्से में गांठ बनने लगी है। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Oct 24, 2019 10:07 IST
शरीर पर उभरी हुई गांठ  (Lipoma) को दूर करने में कारगर है ये 2 आयुर्वेदिक तरीके, जानें गांठ को हटाने का तरीका

लिपोमा यानी की एक ऐसी तरह की चर्बी वाली गांठ, जो हमारे शरीर के किसी भी अंग या फिर हिस्से पर उभरी हुई दिखाई देती है। यह हमारी त्वचा और अंदरूनी मांसपेशियों की परत के बीच बनती है और ये कंधे, गर्दन, पीठ, हाथ और पैर किसी भी हिस्से पर हो सकती है। आपको बता दें कि इस गांठ में सामान्य तौर पर दर्द नहीं होता लेकिन जब गांठ का आकार बढ़ने लगता है तो इसमें दर्द होना शुरू हो जाता है और लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देता है। वाली गांठ का रूप ले लेती है। आमतौर पर शरीर के किसी हिस्से में गांठ का बनना 40 से 60 साल के बीच की उम्र में होता है। शरीर के किसी हिस्से पर लिपोमा की समस्या को बड़ी आसानी से पहचाना जा सकता है। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना जरूरी है कि लिपोमा किसी प्रकार का कैंसर नहीं है।

जब किसी व्यक्ति को अपने शरीर के किसी हिस्से में फूला हुआ महसूस हो और थोड़े दिन में वह जगह सख्त रूप ले ले और आपके हल्के से स्पर्श से भी उस जगह पर दबाव बनने लगे तो समझ लीजिए कि उस हिस्से में गांठ बनने लगी है। इस बात को भी समझना बेहद जरूरी है कि लिपोमा यानी की शरीर के किसी हिस्से में बनी गांठ सिर्फ एक ही नहीं बल्कि किसी व्यक्ति के शरीर पर दो से तीन जगह भी हो सकती है। आपको बता दें कि लिपोमा किसी प्रकार का कैंसर नहीं है और अगर इसमें दर्द हो रहा है तो इसे हटाया भी जा सकता है। आमतौर पर इसे हटाने के लिए सर्जरी का प्रयोग किया जाता है। लेकिन आयुर्वेदिक तरीके से भी इसे हटाया और कम किया जा सकता है।

लिपोमा के लक्षण 

  • गर्दन, कंधे, पीठ, पेट, हाथ और जांघों में त्वचा के नीचे उभार आना। 
  • उंगली का दबाव पड़ने पर इधर-उधर होने लगती है। 
  • आमतौर पर इनका आकार 2 इंच (5 सेंटीमीटर) से कम होता है, लेकिन यह समय के साथ बढ़ भी सकती है।

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लिपोमा यानी की गांठ शुरू में छोटे आकार की होती हैं लेकिन धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ने लगता है। आकार बढ़ने पर आप डॉक्टर से ऑपरेशन की सलाह के मुताबिक इसे हटा भी सकते हैं। लिपोमा तब हमारे लिए चिंता का सबब बन जाता है जब यह अपनी स्थिति के आस-पास की नसों पर दबाव बनाते हुए रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है। शायद आपको इस बारे में न पता हो कि लिपोमा यानी की गांठ को आयुर्वेदिक तरीके से भी हटाया जा सकता है और बिना ऑपरेशन के इस समस्या से छुटकारा पाया जाता है।

शरीर पर बनी गांठ को हटाने के लिए अपनाएं ये 2 आयुर्वेदिक तरीके

30 ग्राम कचनार की ताजा और सूखी छाल

  • शरीर के किसी हिस्से पर बनी गांठ को हटाने के लिए सबसे कारगर तरीकों में से एक है कचनार की ताजा और सूखी छाल। इसके लिए आपको करना ये है कि एक गिलास पानी और एक चम्मच गोरखमुंडी (पिसी हुई) को कचनार के साथ-साथ कूट लें।
  • उसके बाद कुटी हुई कचनार को पानी में लगभग दो मिनट तक के लिए उबालें।
  • जब आपका यह मिश्रण अच्छी तरह से उबल जाए तब इसमें गोरखमुंडी मिला दें और फिर 1 मिनट तक इसे उबालें।
  • अब इस पानी को छानें और दिन में दो बार इस पानी का सेवन करें। नियमित रूप से करीब 25 दिन तक ऐसा करने से गांठ निकल जाती है।

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आकडे का दूध

शरीर के किसी हिस्से पर लिपोमा या फिर गांठ को ठीक करने के लिए आकडे का दूध बेहद फायदेमंद है। इसके लिए आपको करना ये है कि आकडे के दूध में मिट्टी को मिलाएं और फिर इस दूध का लेप प्रभावित हिस्से पर उभरी गांठ पर लगाएं। नियमित रूप से ऐसा करने से आपको दर्द के साथ-साथ इसे हटाने में भी मदद मिलेगी।

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