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World stroke day 2021: क्या है स्ट्राेक और कितनी खतरनाक बीमारी है? जानें हार्ट और स्ट्राेक के बीच संबंध

Heart and Stroke : हृदय और स्ट्राेक एक-दूसरे से काफी हद तक जुड़े हुए हैं। इन दाेनाें के जाेखिम कारक भी एक ही है। जानें हार्ट और स्ट्राेक में संबंध-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Oct 26, 2021Updated at: Oct 26, 2021
World stroke day 2021: क्या है स्ट्राेक और कितनी खतरनाक बीमारी है? जानें हार्ट और स्ट्राेक के बीच संबंध

क्या हार्ट और स्ट्राेक के बीच काेई संबंध है (Relation Between Heart and Stroke)? कई लाेग हार्ट अटैक और स्ट्राेक काे एक ही मानते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। हृदय राेग और स्ट्राेक एक-दूसरे से काफी अलग हाेते हैं, लेकिन इन दाेनाें के बीच एक गहरा संबंध हाेता है जिससे ये जुड़े रहते हैं। दिल का दौरा (Heart Attack) और मस्तिष्क का दौरा (Stroke) दाेनाें अकसर एक ही स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हाेता है- इसमें हृदय राेग सबसे सामान्य है। स्ट्राेक और हार्ट डिसीज के जाेखिम कारक और बचाव के उपाय भी एक समान ही हाेते हैं। इसलिए इन दाेनाें के बीच गहरा संबंध माना जाता है। हर साल 29 अक्टूबर काे लाेगाें के बीच स्ट्राेक के प्रति जागरूकता फैलने के उद्देश्य से विश्व स्ट्राेक दिवस मनाया जाता है। विश्व स्ट्राेक दिवस 2021 (World stroke day 2021) के मौक पर स्ट्राेक और हार्ट के बीच के संबंध काे जानने के लिए हमने डॉक्टर नईम हसनफट्टा और डॉक्टर चेतन कुमार से बातचीत की-

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कोलंबिया एशिया अस्पताल व्हाइटफील्ड के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर चेतन कुमार (Dr. Chetan Kumar, Consultant – Neurologist at Columbia Asia Hospitals Whitefield) बताते हैं कि हृदय पूरे शरीर में रक्त पंप करता है। लेकिन कुछ स्थितियाें में हृदय में थक्के बनने लगते हैं, ताे ये थक्के हृदय से मस्तिष्क तक पहुंचते हैं जिससे स्ट्राेक हाे सकता है। इसके अलावा एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) होने से भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, जब धमनियों में पट्टिका का निर्माण होता है, तो यह मस्तिष्क और अन्य अंगों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर देता है।

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हृदय और स्ट्राेक में संबंध (Link Between Heart and Stroke)

हृदय और स्ट्राेक में गहरा संबंध हाेता है। क्याेंकि जब हृदय में रक्त के थक्के बनते हैं और ये मस्तिष्क तक पहुंचते हैं, ताे स्ट्राेक की स्थिति पैदा हाेती है। वॉकहार्ट अस्पताल, मुंबई सेंट्रल के सलाहकार कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नईम हसनफट्टा (Dr Naeem Hasanphatta, Consultant Cardiologist, Wockhardt Hospital, Mumbai central) बताते हैं कि हार्ट अटैक और स्ट्राेक दाेनाें एक-दूसरे से संबंधित हैं। क्याेंकि जिस व्यक्ति काे दिल की बीमारी या हृदय राेग है, उसे स्ट्राेक का खतरा अधिक हाेता है। वही दूसरी ओर जिन लाेगाें काे स्ट्राेक या लकवा हाेता है, उन्हें दिल की बीमारियां हाेने का जाेखिम अधिक रहता है।

डॉक्टर नईम हसनफट्टा बताते हैं कि कोरोनरी धमनी हृदय रोग और स्ट्रोक एक ही रोग स्पेक्ट्रम का हिस्सा हैं। दोनों रोगों में  'एथेरोस्क्लेरोसिस' है, जो रक्त वाहिकाओं में असामान्य कोलेस्ट्रॉल युक्त प्लाक के निर्माण के कारण होती है। यह प्लाक हृदय और मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करती है, जिससे रुकावट होती है। ये प्लेक अचानक टूट सकते हैं और रक्त के थक्के बनने का कारण बन सकते हैं, जिससे दिल का दौरा (हार्ट अटैक) या मस्तिष्क का दौरा (स्ट्राेक) पड़ सकता है। जानें हृदय या हार्ट और स्ट्राेक में संबंध-

1. हृदय वाल्व दोष, अनियमित दिल की धड़कन और बढ़े हुए हृदय चैंबर्स रक्त के थक्कों का कारण बन सकते हैं, जाे ढीले हो सकते हैं और तत्काल स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं। 

2. उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर होने से हृदय पर दबाव पड़ सकता है। इससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

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स्ट्राेक और हृदय राेग के समान जाेमिख कारक (Risk factors of stroke and heart disease)

स्ट्रोक होने पर व्यक्ति को हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर नईम हसनफट्टा बताते हैं हृदय और स्ट्राेक एक-दूसरे से इतने संबंधित हैं कि दाेनाें राेगाें के जाेखिम कारक एक समान ही है। 

  • धूम्रपान (Smoking)
  • उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर ( High Blood Pressure)
  • डायबिटीज या मधुमेह (Diabetes )
  • माेटापा (Obesity)
  • उच्चा काेलेस्ट्रॉल (High Cholesterol)
  • कोरोनरी धमनी रोग (coronary artery disease)

ऊपर बताए गए ये सभी स्ट्राेक और हृदय राेग के जाेखिम कारक हैं। साथ ही इन्हें कंट्राेल रखा जाए, ताे इन दाेनाें ही समस्याओं से बचा भी जा सकता है। हृदय राेग और स्ट्राेक के जाेखिम कारक और बचाव के उपाय दाेनाें समान ही है।  

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