सर्दियों में बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, न्यूरोलॉजिस्ट से जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के टिप्स

सर्दियों में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा होता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, डॉ. अभिनव गुप्ता से जानें ब्रेन स्ट्रोक के बारे में सभी जरूरी जानका

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Nov 27, 2020
सर्दियों में बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, न्यूरोलॉजिस्ट से जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के टिप्स
मस्तिष्क में कई रक्त नलिकाएं (Blood Vessels) मौजूद होती हैं। यह नलिकाएं हृदय से मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने का कार्य करती हैं। मस्तिष्क की इन रक्त नलिकाओं में खून का थक्का जमने या किसी अन्य कारण से रक्त का संचार बाधित होता है, तो ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति बनती है। कई लोग ब्रेन हेमरेज (Brain Hemorrhage) और ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) को एक समझने की गलती कर बैठते हैं। लेकिन इन दोनों में फर्क होता है। ब्रेन हेमरेज मस्तिष्क के बाहर या अंदर खून की नलिकाएं फटने की वजह से होता है। इसके कारण मरीज को बेहोशी, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर मस्तिष्क में खून का संचार न होना ब्रेन स्ट्रोक कहलाता है। ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के दिमाग में ब्लड न पहुंचने की वजह से ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी होने लगती है, जिसके कुछ मिनटों में मस्तिष्क की कोशिकाएं मृत हो सकती हैं। इन दोनों की परिस्थियों में पैरालिसिस (Paralysis) होने का खतरा रहता है।
 
नोएडा के भावा न्यूरोसेंटर के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट और डायरेक्टर डॉक्टर अभिनव गुप्ता का कहना है कि सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक रहता है। दरअसल, सर्दियों में लोगों का ब्लड प्रेशर अन्य सीजन की तुलना में अधिक रहता है। इसके अलावा ठंडक अधिक होने की वजह से खून की धमनियां थोड़ी पतली हो जाती हैं, जिसकी वजह से नसों में ब्लड के प्रवाह में रुकावट आती है।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण (Symptoms of Brain Stroke) 

  • अचानक से शरीर के किसी एक भाग में कमजोरी होना
  • बोलने में परेशानी (जुबान लड़खड़ाना)
  • मुंह का अचानक टेढ़ा हो जाना
  • देखने में दिक्कत
  • चलने फिरने में परेशानी
  • दिमागी रूप से भ्रम की स्थिति
ये सभी लक्षण ब्रेन स्ट्रोक के हो सकते हैं। किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखने के करीब 3 घंटे से जितना पहले हो सके, डॉक्टर से संपर्क करें। वरना यह मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।  

किन कारणों से होता है ब्रेन स्ट्रोक (Causes of Brain Stroke) 

  • हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण
  • हार्ट की बीमारी
  • अधिक धूम्रपान
  • ब्लड शुगर की समस्या
  • ब्लड प्रेशर बढ़ना
  • सांस संबंधी समस्याएं 
डॉक्टर अभिनव ने बताया कि कोरोना के मरीजों में भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे समय में बचकर रहना ही हमारे लिए बेहतर है। 

किन कारणों से होता है ब्रेन स्ट्रोक? (Risk Factors of Brain Stroke)

 
डॉ. अभिनव बताते हैं कि पुरुषों को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। जिन लोगों के फैमिली हिस्ट्री में कोई हाई बीपी या फिर ब्लड शुगर की समस्या से ग्रसित है, तो ऐसे परिवार के लोगों को भी ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है। बढ़ती उम्र के साथ ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए 40 से 45 साल के बाद लोगों को हाई बीपी और ब्लड शुगर की जांच बीच-बीच में करानी चाहिए। 55-60 वर्ष के लोगों को ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है। हालांकि, कुछ मामलों में युवाओं में भी ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति देखी गई है।
इसके अलावा जो लोग किसी अन्य बीमारी से परेशान हैं, उन्हें भी ब्लड स्ट्रोक का खतरा रहता है। धूम्रपान करने वालों, हाई कोलेस्ट्रॉल शिकार और अस्थमा से पीड़ित मरीजों को ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है।

सर्दियों में क्यों बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा (Why Does Risk of Brain Stroke Increases in Winter)

 
डॉक्टर बताते हैं कि ब्रेन स्ट्रोक कभी भी हो सकता है, लेकिन सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसका कारण है कि सर्दियों में कम तापमान की वजह से हमारे शरीर की नसें सिकुड़ती हैं, जिसके कारण ब्लड पर दबाव पड़ता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन स्ट्रोक की परिस्थि पनपती है। इन कारणों से सर्दियों में अधिक होता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा -
 
 
  • सर्दी के सीजन में हमारी लाइफस्टाइल में काफी सारे बदलाव नजर आते हैं। सर्दी लगने की वजह से लोग लंबे समय तक बेड पर पड़े रहते हैं, जिसके कारण शारीरिक एक्टिविटी काफी कम हो जाती है। सर्दियों में एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि लोगों का चलना फिरना भी काफी कम हो जाता है। ऐसे में शरीर में ब्लड प्रेशर हाई होता है और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
  •  सर्दियों में भूख अधिक लगना भी ब्रेन स्ट्रोक के कारण है। एक्सरसाइज की कमी और बाहरी तापमान में गिरावट के कारण शरीर को सामान्य तापमान पर रखना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। इसलिए शरीर अपने तापमान सामान्य रखने के लिए अधिक भोजन करता है। क्योंकि भोजन को पचाने के लिए शरीर को कार्य करना पड़ता है। ऐसे में शरीर को एनर्जी और गर्मी मिलती है। इसलिए सर्दी में गर्मी की तुलना में अधिक भूख लगती है। इस मौसम में मीठा, घी और तेल जैसी चीजों के खाने की इच्छा काफी ज्यादा बढ़ती है। इन कारणों से शरीर का वजन तेजी से बढ़ता है। वजन बढ़ने की वजह से भी ब्लड प्रेशर हाई होता है। ब्लड शुगर से ग्रसित लोगों के लिए सर्दी का मौसम चुनौती भरा सीजन होता है। डाइट अधिक और एक्सरसाइज कम करने की वजह से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा रहता है।
  • अधिक वजन के लोगों को भी सर्दियों में ब्लड स्ट्रोक का खतरा रहता है।
  • कुछ व्यक्ति सर्दियों में खुद को गर्म करने के बहाने अधिक स्मोक करने लगते हैं, धूम्रपान भी स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है।
  • जो लोग शराब पीते हैं, वे सर्दियों में खुद को गर्म करने के बहाने अधिक शराब का सेवन करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा हाई हो जाता है और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
  • कम पानी पीना भी ब्रेन स्ट्रोक का कारण हो सकता है। सर्दियों में ज्यादातर लोग प्यास न लगने की वजह से दिन में कम पानी पीते हैं, जिसकी वजह से उनके शरीर में डिहाइड्रेशन की शिकायत होने लगती है। शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए शरीर में उचित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में अगर आप पानी का सेवन नहीं करते हैं, तो यह आपके लिए नुकसान दे हो सकता है। कम पानी पीने से खून गाढ़ा होने की संभावना रहती है।

सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक से खुद का कैसे करें बचाव (Prevetion of Brain Stroke in Winter)  

  • फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान दें। सुबह उठकर एक्सरसाइज और मॉर्निग वॉक करने की आदत डालें। इसके अलावा अपने शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर की जांच हर रोज करें। ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर से ग्रसित लोगों के लिए एरोबिक एक्सरसाइज बेस्ट होती हैं इसलिए उन्हें जॉगिंग और डांस करना चाहिए। इसके अलावा आउटडोर गेम्स खेलें।अधिक उम्र वालों को नियमित रूप से लाइट वॉक और ब्रिस्क वॉक करना चाहिए।
  • डॉ. अभिनव कहते हैं कि सर्दियों में खानपान में तेल, घी और मीठा खाने की इच्छा ज्यादा होती है, लेकिन इन सभी चीजों पर कंट्रोल करें। अगर आपको मीठा खाने की इच्छा हो रही है, तो संतरा और सेब जैसे फलों को खाएं। इससे मीठा खाने की इच्छा कम होगी।
  • दिनभर के खाने को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें। कभी भी एक साथ अधिक ना खाएं। अपने डाइट को 6-8 हिस्सों में बांटे।
  • सर्दियों में धूप निकलने पर धूप में बाहर बैठें। अगर आप बाहर नहीं जा रहे हैं, जो घर के अंदर योगासन करें। इससे आपके शरीर में गर्मी आएगी।
  • अगर आप शराब और धूम्रपान का सेवन करते हैं, तो इस आदत को आज ही छोड़ दें। यह आपकी समस्या को बढ़ा सकता है।
  • सर्दियों में भी अधिक पानी पीने की कोशिश करें। अगर आपको प्यास नहीं लग रही है, तो अपने पानी पीने के समय को सेट करें। इसके लिए आप अलार्म भी सेट कर सकते हैं। दिन में हर एक 2 घंटे के बीच 1 से  गिलास पानी जरूर पिएं। पानी ठंडा पीने की इच्छा नहीं है, तो हल्का गुनगुना करें। इससे आपका वजन भी कंट्रोल में रहेगा।
  • बढ़ते वजन को कम करने की कोशिश करें।
  • कोरोनाकाल में कोरोना से जुड़ी सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें।
 

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