मोटे हों या पतले Covid Vaccine सभी पर प्रभावी, लैंसेट की स्टडी में किया गया दावा

कोविड वैक्सीन के प्रभाव को लेकर लैंसेट में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि मोटे और पतले लोगों पर कोरोना वैक्सीन का प्रभाव समान है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 01, 2022Updated at: Jul 01, 2022
मोटे हों या पतले Covid Vaccine सभी पर प्रभावी, लैंसेट की स्टडी में किया गया दावा

कोरोना वायरस महामारी का कहर दुनियाभर के 111 देशों में लगातार जारी है। भारत में भी कोरोना के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना के 17,070 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान देश में कुल 23 मरीजों की मौत भी दर्ज की गयी है। आंकड़ों के अनुसार देश में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना से संक्रमित 14,413 मरीज ठीक हुए हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए। कोरोना वैक्सीन को लेकर लैंसेट में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक कोरोना की वैक्सीन सभी तरह के वजन वाले लोगों पर समान रूप से प्रभावी है।

मोटे या पतले सभी लोगों पर वैक्सीन का समान असर (Covid Vaccine Protects People of All Weight Range in Hindi)

द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार कोरोना के टीके सभी लोगों पर समान रूप से प्रभावी हैं। आपका वजन कम हो या ज्यादा इससे वैक्सीन के असर पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा है। इस स्टडी में अलग-अलग बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के लोगों पर कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर अध्ययन किया गया है। दरअसल इससे पहले यह बात कई शोध के हवाले से कही गयी थी, कि कोरोना वैक्सीन का असर मोटे लोगों पर कम वजन वाले लोगों की तुलना में कम पड़ रहा है। लैंसेट में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक अध्ययन के दौरान ऐसे कोई भी परिणाम सामने नहीं आए हैं।

Lancet Study on Covid Vaccine Efficacy

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1.2 करोड़ से ज्यादा लोगों के रिकॉर्ड का अध्ययन

इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने लगभग 1.2 करोड़ लोगों के रिकॉर्ड का अध्ययन किया है। विशेषज्ञों ने रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना महामारी के शुरुआती समय में मोटापे से ग्रसित लोगों को सेंसिटिव श्रेणी में रखा गया था। नतीजतन यूके जैसे देशों में वैक्सीनेशन के दौरान ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी थी, जिनकी बीएमआई 40 से ज्यादा थी। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद गंभीर रूप से बीमारी होने का जोखिम मोटे लोगों में पतले या संतुलित बीएमआई वाले लोगों की ही तरह से समान था। 

यूके में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक शोधकर्ता और अध्ययन में शामिल के कारमेन पियर्सन ने कहा, "हमें मिले परिणाम के मुताबिक कोविड वैक्सीन सभी तरह के लोगों पर समान रूप से प्रभावी है। अध्ययन में मिले परिणाम इस बात की पुष्टि करते हैं कि मोटे लोगों में भी वैक्सीन का प्रभाव उतना ही है जितना कम मोटे लोगों में होता है।" कोरोना की वैक्सीन न लगवाने लोगों की भी तुलना में कम बीएमआई और हाई बीएमआई वाले वैक्सीनेटेड लोगों में टीके का असर ज्यादा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक मोटे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का कारण ऑल्टर इम्यून रिस्पांस भी हो सकता है।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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