इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है और क्यों है फायदेमंद? डॉ स्वाती बाथवाल से जानें इस डाइट की खास बातें और डाइट सैंपल

Intermittent Fasting: यहां आप डायटीशियन स्‍वाती बथवाल से इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में सबकुछ विस्‍तार से जानें। 

Sheetal Bisht
Written by: स्वाती बाथवालPublished at: Jun 11, 2020Written by: Sheetal Bisht
इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है और क्यों है फायदेमंद? डॉ स्वाती बाथवाल से जानें इस डाइट की खास बातें और डाइट सैंपल

एक आधुनिक दुनिया में मेटाबॉलिज्‍म को बढ़ावा देने के लिए, हमें हर 2 से 3 घंटे की बीच कुछ न कुछ खाना खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्‍या हर कुछ घंटों में खाना खाने से हमें मेटाबॉल्जिम को बढ़ाने में मदद मिलती है? यह अब भी एक सवाल है... इस बात का तो पता नहीं कि हर 3 घंटे में कुछ न कुछ खाने से मेटाबॉल्जिम बढ़ेगा या नहीं, लेकिन यह तय है कि बार-बार खाने से दिन भर की कैलोरी की खपत बढ़ जाएगी। 

Intermittent Fasting

हर कुछ घंटों में खाने के बजाय हर 3 घंटे खानाचाहिए। भोजन की अधिकता हमारे शरीर में विशेष रूप से अंगों के आसपास अतिरिक्त वसा का निर्माण करके हमें मेटाबॉलिक स्‍ट्रेस की ओर जाता है और यह इंसुलिन प्रतिरोध को भी बढ़ाता है। जब हम अपने शरीर को सीमित मात्रा में भोजन प्रदान करते हैं, तो हमारा शरीर शारीरिक और मानसिक रूप से उच्च स्तर काम करने के लिए तैयार होता है। खाने से ब्रेक कुछ लोगों को अपने जीवन में भोजन की भूमिका निभाने को समझने में मदद करता है। फास्टिंग या उपवास एक व्यक्ति की समग्र स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करता है। आपके द्वारा फॉलो की जाने वाली कोई भी क्रैश डाइट के साथ आप लंबे समय तक नहीं रह पाएंगे। यहां तक कि एक प्रतिबंधित उपवास का भी लंबे समय तक पालन करना संभव नहीं है। इसलिए यह मौका है कि आप इसे बदलें और इंटरमिटेंट फास्टिंग के साथ आगे बढ़ें। इंटरमिटेंट फास्टिंग आपके समय और आपके खाने के पैटर्न में बदलाव है। 

जब हम खाना बंद कर देते हैं, तो 12 घंटे से 36 घंटे तक कार्बोहाइड्रेट फ्यूल होता है। इसलिए हमारा शरीर ऊर्जा के स्रोत के लिए वसा पर स्विच करता है, इसे हम "मेटाबॉलिक स्विच" कहते हैं। यही कारण है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान आपको अनुशंसित 16 घंटे के उपवास की सलाह दी जाती है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग क्‍या है?

इंटरमिटेंट फास्टिंग खाना खाने का एक पैर्टन है, जिसमें व्‍यक्ति 12-16 घंटे तक खाना खाए बिना रहता है और खाना खाने का समय केवल 6 या फिर 8 घंटे का होता है। यहां हम आपको एक सामान्‍य इंटरमिटेंट फास्टिंग डाइट प्‍लान बता रहे हैं, जिसका पालन करके कोई भी इंटरमिटेंट फास्टिंग डाइट पर स्विच करके इसकी शुरूआत कर सकता है। यहां नीचे इंटरमिटेंट फास्टिंग डाइट प्‍लान है, जिसे आप वजन घटाने के लिए भी ट्राई कर सकते हैं: 

Intermittent Fasting Plan Sample

फास्टिंग के समय आप क्‍या खा और पी सकते हैं? 

इंटरमिटेंट फास्टिंग में जब आप फास्टिंग यानि उपवास में होते हैं, जिसमें कि आपको 16 घंटे तक उपवास करना होता है। इसमें बिना किसी चीनी या गुड़ के साथ सादा पानी, कैमोमाइल चाय, गुलाब की चाय, अदरक की चाय, काली चाय आदि की चाय पीने की अनुमति होती है। इसके अलावा, आप ताजी सब्जियों का जूस भी पी सकते हैं। इन 16 घंटों के दौरान आपको किसी कैलोरी से पैक स्‍नैक्‍स और यहां तक कि सब्जियों और फलों की भी अनुमति नहीं होती है। 

इसे भी पढ़ें: डायटीशियन से जानें क्‍या है पेगन डाइट प्‍लान और उसके फायदे- नुकसान

इंटरमिटेंट फास्ट के लिए शुरुआती गाइड क्या है? 

शुरुआती समय में लोगों के लिए यह सुझाव दिया जाता है कि आप अपने अंतिम खाने से 12 घंटे तक उपवास का लक्ष्य रखें और इसे 14 घंटे तक बनाएं रखने की कोशिश करे और फिर इसे 16 घंटे तक धकेलें। धीरे-धीरे अपनी आप फास्टिंग यानि उपवास / नॉन-ईटिंग स्टेज को बढ़ाएं और सिरदर्द से बचने के लिए खूब पानी पिएं, जिससे आप अपने आपको हाइड्रेट रखें। 

इंटरमिटेंट फास्ट कितनी बार करना चाहिए? 

इंटरमिटेंट फास्ट आप 30 दिनों के लिए हर दिन अभ्यास कर सकते हैं। यह वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए 60 दिन और जो लोग वजन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं या दीर्घायु और बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह अभ्यास करना चाहते हैं, वे सप्ताह में 2 दिन इस अभ्यास को कर सकते हैं। 

इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे क्‍या हैं? 

वैज्ञानिक सबूत हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम करने में मदद और उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने में मददगार है। इसके अलावा, यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार, मस्तिष्क के कार्यों में सुधार और किसी व्यक्ति के जीवन काल को बढ़ाने में सहायक है। इंटरमिटेंट फास्टिंग शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करती है और इंसुलिन प्रतिरोध में सुधार करती है, जिससे ब्‍लड शुगर कंट्रोल रहता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग डायबिटीज और जीवनशैली से संबंधित कई स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मददगार है।  

Intermittent Fasting Benefits

वजन घटाने में कैसे मददगार है इंटरमिटेंट फास्टिंग? 

हमारा शरीर पाचन प्रक्रिया में 70-80% आवश्यक ऊर्जा खर्च करता है और हमारे शरीर को ठीक करने के लिए केवल 20% ऊर्जा बची रहती है। इसलिए जब आप उपवास कर रहे होते हैं, तो आप अपने शरीर को मरम्मत के लिए ऊर्जा देते हैं। यह सीरम इंसुलिन के स्तर को नीचे लाता है जिसका अर्थ है- यह इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है, जो वसा को कम करने में मदद करता है। कुछ निश्चित समय के लिए खाना खाने से कैलोरी को सीमित करने और भूख को कम करने में मदद मिलती है और एक्‍सट्रा स्नैक्स से कैलोरी की मात्रा को कम करता है। 

इसे भी पढ़ें: भरपेट और मनपसंद खाना खाकर भी घटाएं तेजी से वजन, जानें अंतराल उपवास (Intermittent Fasting) के फायदे

क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग के कोई दुष्प्रभाव है? 

जब तक आप हाइड्रेटेड रहते हैं और अपने खाने में पौष्टिक चीजों और अच्छी तरह से संतुलित भोजन को खाते है,  तब तक आपको कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। इसलिए समझना चाहिए, यह एक कैलोरी पर रोक लगाने वाला डाइट प्‍लान नहीं है, बल्कि यह एक खाने के पैटर्न के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग किसी अन्य फास्टिंग से कैसे अलग है? 

हम ड्राई फास्टिंग, 24 घंटे का उपवास, एकादशी व्रत, सोमवर व्रत और बहुत कुछ सुनते हैं। इंटरमिटेंट फास्टिंग यानि रुक-रुक कर उपवास, खाने के पैटर्न रमजान के समान है। अधिकांश उपवास मे कैलोरी पर रोक या होती है लेकिन इंटरमिटेंट फास्टिंग खाने के समय को सीमित करता है। कुछ उपवास कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से परहेज करते हैं, जबकि इंटरमिटेंट फास्टिंग खाने के सेवन को सीमित नहीं करता है, जब तक कि खाना संतुलित और पौष्टिक होता है। आमतौर पर, लोग अगले दिन अधिक खाते हैं, जब वे आमतौर पर उपवास करते हैं लेकिन इंटरमिटेंट फास्टिंग में भूख और क्रेविंग कम होती है।  

इसे भी पढ़ें: क्या दिन में एक बार खाना खाकर आपके लिए वजन घटाना हेल्दी है? जानें इसके 3 फायदे

कब इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचना चाहिए? 

इंसुलिन, कैंसर, वजन बढ़ाने में असमर्थ, स्तनपान कराने वाली माताओं, गर्भवती महिला, जैसे कुछ दवाओं पर निर्भर लोगों, जिनका ब्‍लड प्रेशर कम होता है, उन्‍हें इससे बचना चाहिए। हमेशा  इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने से पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श लें। इसके अलावा, यदि आप अस्वस्थ हैं, तो आपको किसी भी प्रकार के उपवास से बचना चाहिए। जरूरी बात कि आप हमेशा रात को हल्‍का खाना खाएं क्‍यों भारी भोजन खाने से थकान हो सकती है ।

इंटरमिटेंट फास्टिंग में खाने के समय कौन से खाद्य पदार्थ खाने चाहिए? 

आप खाने में फल, सब्जियां, बाजरा, जई, ब्राउन राइस, दाल, लीन चिकन, अंडे, नट्स, दूध और दूध से बने उत्पाद खा सकते हैं। 

नोट:- मैं सुझाव देना चाहूंगी कि अंडरएक्टिव थायरॉयड वाले लोग भी इंटरमिटेंट फास्टिंग कर सकते हैं। लेकिन मेरा सुझाव है कि यदि आपके पास कोई चिकित्सकीय समस्‍या है,  हैं, तो कृपया अपने डॉक्‍टर की सलाह ले और उसके बाद ही किसी डाइट पर स्विच करें। 

Read More Article On Healthy Diet In Hindi 

Disclaimer