20-30 की उम्र में पीठ और घुटनों में दर्द का कारण हो सकता है हड्डियों की कमजोरी, जानें उपाय

20-30 साल की जवान उम्र में अगर आपको हड्डियों में दर्द की शिकायत है, तो इसका अर्थ है आपकी हड्डियां कमजोर हैं। जानें इन्हें मजबूत बनाने के उपाय।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 19, 2020
20-30 की उम्र में पीठ और घुटनों में दर्द का कारण हो सकता है हड्डियों की कमजोरी, जानें उपाय

आमतौर पर माना जाता है कि 20-30 साल की उम्र में व्यक्ति सबसे सेहतमंद होता है क्योंकि इस उम्र तक व्यक्ति की इम्यूनिटी भी अच्छी तरह विकसित हो जाती है और शरीर का विकास भी अधिकतम सीमा तक हो चुका होता है। 20-30 साल की उम्र में अगर किसी व्यक्ति को हड्डियों की कमजोरी की समस्या हो, तो ये परेशानी की बात है। आमतौर पर हड्डी की बीमारियों को बुढ़ापे की बीमारियां माना जाता है। मगर आजकल बड़ी संख्या में युवाओं में भी ये समस्याएं देखी जाने लगी हैं। ऐसे तमाम आपको अपने आसपास मिल जाएंगे, जिन्हें पीठ में दर्द, कमर में दर्द, घुटनों में दर्द आदि की शिकायत आए दिन बनी रहती है। हड्डियों में होने वाले इस दर्द का कारण हड्डियों की कमजोरी हो सकती है। मगर 20-30 की उम्र तो कोई हड्डियों के कमजोर होने की उम्र नहीं है। फिर ऐसा क्या है, जिसके कारण इस उम्र में भी लोग हड्डी के रोगों का शिकार हो रहे हैं?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि युवाओं में कुछ गलत आदतों के कारण आजकल हड्डियों की कमजोरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आइए आपको बताते हैं कौन सी हैं ये गलतियां और इन्हें सुधारकर कैसे आप अपनी हड्डियों की मजबूती वापस पा सकते हैं।

युवाओं की ये गलतियां करती हैं हड्डियां कमजोर

  • जंक फूड्स का सेवन
  • सोडा ड्रिंक्स का सेवन
  • गतिहीन जीवनशैली (sedentary lifestyle)
  • डेस्क जॉब
  • एक्सरसाइज की कमी
  • कैल्शियम की कमी
  • धूप में समय न बिताना
  • एल्कोहल और सिगरेट की लत आदि

हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए क्या करें?

हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आपको अपने लाइफ स्टाइल में थोड़े बहुत बदलाव करने पड़ेंगे, जिससे आपकी हड्डियों का क्षरण रोका जा सके और उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व मिल सकें। इसके लिए निम्न तरीके अपनाएं।

कैल्शियम और विटामिन डी वाले आहार लें

हड्डियो को मजबूत बनाने के लिए आपके शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी का संतुलन होना बहुत जरूरी है। कैल्शियम के लिए आप दूध और दूध से बने दूसरे प्रोडक्ट्स जैसे- पनीर, दही, छाछ, योगर्ट, चीज आदि खा सकते हैं। इसके अलावा मशरूम, दालों, हरी पत्तेदार सब्जियों, नट्स और बीजों में भी अच्छी मात्रा में कैल्शियम होता है। विटामिन डी आपको खाद्य पदार्थों से बहुत कम मात्रा में मिलता है। चूंकि सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। इसलिए हड्डियों की समस्याओं को दूर करने के लिए आपको रोजाना थोड़ा समय धूप में भी बिताना चाहिए।

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जरूर करें

बिना एक्सरसाइज के आपकी हड्डियों को खराब होने से कोई नहीं रोक सकता है। अगर आप बिल्कुल गतिहीन जीवन जिएंगे, तो आपकी हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाएंगी और फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए रोजाना थोड़ी बहुत एक्सरसाइज जरूर करें। अगर आपके पास एक्सरसाइज का समय नहीं है, तो घर में या आसपास के पार्क में थोड़ी देर टहलें। इसके अलावा दिनभर की कई गतिविधियों से आप अपनी हड्डियों को स्वस्थ रख सकते हैं, जैसे- साइकलि चलाएं, सीढ़ियां चढ़ें, स्विमिंग करें, कोई खेल खेलें, जॉगिंग करें आदि।

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वजन न बढ़ने दें

जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा होता है, उन्हें भी हड्डियों की बीमारियों की संभावना बहुत ज्यादा होती है। अधिक वजन का सबसे ज्यादा असर घुटने की हड्डियों पर पड़ता है। इसलिए आप देखेंगे कि जिन लोगों को कम उम्र में घुटनों का दर्द है, अक्सर उनका वजन सामान्य से ज्यादा होता है। दरअसल शरीर का वजन जितना ज्यादा होगा, आपके घुटनों पर उतना ज्यादा भार होगा। इसलिए अगर आप अपनी हड्डियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपने वजन को कंट्रोल में रखें।

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