कर्चुर के इस्तेमाल से फेफड़ों की सूजन को करें कम, जानें इसके अन्य 12 फायदे और उपयोग करने का तरीका

कर्चुर कई आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है। इसके इस्तेमाल से आपके स्वास्थ्य को कई फायदे हो सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में-

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Aug 25, 2021 13:55 IST
कर्चुर के इस्तेमाल से फेफड़ों की सूजन को करें कम, जानें इसके अन्य 12 फायदे और उपयोग करने का तरीका

कर्चुर एक बहुत ही दुर्लभ जड़ी-बूटी है। इसमें कई आयुर्वेदिक औषधीय गुण मौजूद होते हैं। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल कई बीमारियों को दूर (Karchur Health Benefits ) करने के लिए किया जाता है। इसे काली हल्दी के नाम से भी जाना जाता है। गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि कर्चुर की तासीर गर्म होती है। इसके इस्तेमाल से रक्त के विकारों को दूर किया जा सकता है। साथ ही यह बवासीर, खांसी, हिक्का, शूल, दुर्गंध, उल्टी जैसी समस्याओं को दूर करने में लाभकारी होते हैं। साथ ही आप शरीर में मौजूद बैक्टीरिया को रोकने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चलिए विस्तार से जानते हैं कर्चूर के फायदे (Karchur Health Benefits ) और नुकसान- 

1. गले की गांठ से दिलाए राहत

कर्चूर का तना गले की गांठ से राहत दिलाने में असरकारी होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए कर्चूर के तनों को अच्छे से पील लें। अब इस लेप को अपने गले की क्षयज ग्रंथि पर लगाएं। इससे गले की गांठ और सूजन कम होती है। साथ ही गले के दर्द से आपको राहत मिलता है।

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2. सांसों की बदबू को करे कम

सांसों में बदबू आने से काफी ज्यादा असहज महसूस होता है। अगर आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं, तो इसके लिए कर्चुर के तनों से काढ़ा तैयार कर लें। अब इस काढ़े से गरारा और कुल्ला करें। इससे मुंह की दुर्गंध दूर हो सकती है। साथ ही सांसों से आने वाली बदबू से आप मुक्ति पा सकते हैं। 

3. दांतों की परेशानी से दिलाए राहत

दांतों की कैविटी, दांतों में दर्द या फिर दांतों से जुड़ी अन्य परेशानी से राहत दिलाने में कर्चूर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए कर्चुर के टुकड़ों को दांतों के बीच दबाकर रखें। इससे दांतों का दर्द, सूजन और दांतों से जुड़ी अन्य बीमारियां दूर हो सकती हैं। 

4. खांसी से दिलाए राहत

बदलते मौसम में खांसी-जुकाम होना आम बात है। अगर आप खांसी से परेशान हैं, तो कर्चूर आपकी इस परेशानी को कम कर सकता है। इसके लिए कर्चूर के 1-2 छोटे-छोटे टुकड़ों को अपने मुंह में रखें। धीरे-धीरे इसे चूसने से खांसी की समस्या से लाभ मिलेगा।

5. फेफड़ों के सूजन को करे कम

फेफड़ों के सूजन को कम करने के लिए कर्चुर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए कर्चूर को अच्छी तरह पीस लें। अब इसे अपनी छाती पर लगाएं। नियमित रूप से इस लेप को छाती में लगाने से फेफड़ों की सूजन को कम किया जा सकता है। 

6. खाने की इच्छा बढ़ाए

अगर आपको या आपके बच्चे की खाने की इच्छा कम हो रही है, तो इस स्थिति में कर्चुर का सेवन करना आपके लिए असरकारी हो सकता है। इसके लिए कर्चुर के काढ़े में 1-2 काली मिर्च, 1 टुकड़ा मुलेठी और आधा चम्मच मिश्री मिलाएं। इस काढ़े को पीने से आपका भूख बढ़ेगा। साथ ही शरीर की कमजोरी भी दूर हो सकती है।

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7. बवासीर रोगियों के लिए फायदेमंद

बवासीर की परेशानी होने पर कर्चुर को पीसकर अपने मस्सों पर लगाएं। इससे बवासीर में काफी लाभ मिलेगा। इसके इस्तेमाल से मस्सों से ब्लड निकलता, दर्द होना जैसी परेशानी से राहत मिल सकता है।

8. जोड़ों के दर्द को करे कम

गठिया या फिर यूरिक एसिड से ग्रसित मरीजों को जोड़ों में काफी ज्यादा दर्द महसूस होता है। इस स्थिति में आप कर्चूर को पीसकर अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे आपको जोड़ों के दर्द से काफी ज्यादा राहत मिल सकता है।

9. साइनस की परेशानी करे दूर

साइनस रोगियों के लिए भी कर्चूर काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए कर्चूर का रस लें। इसे सिंदूर के कल्क में पकाएं। बाद में इसमें थोड़ा सा सरसों तेल मिक्स करके नाक के आसपास लगाएं। इससे साइनस की समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकता है।

10. मुंहासों से दिलाए छुटकारा

स्किन पर होने वाली समस्याओं जैसे- पिंपल्स, फोड़े-फुंसी, दाग-धब्बे, झुर्रियां इत्यादि समस्याओं से राहत दिलाने में कर्चुर गुणकारी हो सकता है। इसके लिए कर्चुर को पीसकर इसे अपने चेहरे पर लगाएं। इससे पिंपल्स और उसके दाग कुछ ही दिनों में कम हो जाएंगे।

11. चोट या मोच को करे कम

चोट या मोच लगने पर कर्चुर असरकारी साबित हो सकता है। इसके लिए कर्चुर के गांठों को अच्छे से पीस लें। अब इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे मोच की वजह से दर्द और सूजन से राहत मिल सकता है। 

12. नाक बंद की समस्या से राहत

नाक बंद होने पर कर्चूर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आपके श्वसन के विकारों को कम करे श्वसन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में सहायक है। इसके लिए कर्चुर के चूर्ण को सरसों तेल में मिलाकर इसे सूंघें। इससे नाक बंद की परेशानी से राहत मिल सकता है।

कैसे करें कर्चूर का सेवन

आयुर्वेद में कर्चुर के तनों का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। इसका सेवन हमेशा आयुर्वेदाचार्यों के परामर्श अनुसार ही करें। एक दिन में 10 से 30 मिली ग्राम काढ़ा, 2 से 3 ग्राम चूर्ण और 2 से 3 पत्तियों से अधिक इसका सेवन न करें। इससे आपकी समस्या बढ़ सकती है। 

कर्चुर के नुकसान (Side Effects of Karchur)

कर्चुर का सेवन अधिक मात्रा में करने से बचें। अगर आप इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो आपको निम्न परेशानी हो सकती है।

  • स्किन एलर्जी
  • पेट से जुड़ी समस्या
  • गर्भवती महिलाओं को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • बवासीर इत्यादि।

कर्चूर स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन ध्यान रखें कि इसका इस्तेमाल ज्यादा न करें। इससे आपके सेहत पर विपरीत असर पड़ सकता है। इसलिए डॉक्टर के परामर्श अनुसार ही इसका सेवन या इस्तेमाल करें। इसके अलावा कर्चूर को स्तनपान के दौरान लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Image Credit - Pixabay and IndiaMart

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