Is Walking Good For Arthritis in Feet in Hindi: वॉकिंग करना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, बल्कि रोजाना केवल 20 से 30 मिनट की वॉक करके आप बड़ी-बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं। खुद को फिट और रोग मुक्त रखने के लिए आपको अपने रेगुलर रूटीन में वॉकिंग यानि पैदल चलने को जरूर शामिल करना चाहिए। अगर आप जोड़ों के दर्द सूजन और किसी प्रकार की असहजता से परेशान हैं तो ऐसे में आपको वॉकिंग जरूर करनी चाहिए।
पैर के अर्थराइटिस से पीड़ित कुछ मरीजों में अक्सर यह सवाल रहता है कि उन्हें वॉकिंग करनी चाहिए या नहीं? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो इस लेख को जरूर पढ़ें। जी हां, वॉकिंग करना अर्थराइटिस की समस्या में काफी फायदेमंद होता है। पैर का अर्थराइटिस होने पर वॉकिंग करना एक सुरक्षित और अच्छी एक्सरसाइज के तौर पर देखी जाती है। यह एक प्रकार की लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज है। आइए दिल्ली के होम्योपैथी क्लीनिक के डॉ. पंकजॉ अग्रवाल से जानते हैं इसके बारे में। (Is Walking Good For Arthritis in Feet in Hindi) -
क्या वॉकिंग करना पैर के अर्थराइटिस में फायदेमंद होता है?
डॉक्टर के मुताबिक अगर आपको पैर का अर्थराइटिस है तो ऐसे में ब्रिस्क वॉक या पैदल चलना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। बल्कि, ज्यादातर मामलों में डॉक्टर आपको वॉकिंग करने के सलाह देते हैं, जिससे जोड़ों के ल्यूब्रिकेंट्स और ब्लड सर्कुलेशन (How to Increase Blood Circulation) बेहतर रहें। हालांकि, ज्यादा एक्सरसाइज या वॉकिंंग करना कई बार आपके पैर के अर्थराइटिस को और ज्यादा गंभीर कर सकता है। इस दौरान वॉकिंग करते समय आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आप लोगों को हार्ड या सख्त जगहों पर चलन से परहेज करना चाहिए।
वॉकिंग अर्थराइटिस के लिए कैसे फायदेमंद है?
वॉकिंग करना अर्थराइटिस के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होता है। वॉकिंग करने से आपको जोड़ों और शरीर का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है साथ ही जोड़ों में ल्यूब्रिकेंट्स भी बढ़ता है, जिससे जोड़ों की सूजन और दर्द कम होता है। पैदल चलने से आपके जोड़ों की जकड़न कम (Tips to Reduce Joint Stiffness in Hindi) होने के साथ ही उनकी गतिशीलता भी बढ़ती है। the Arthritis Foundation के मुताबिक वॉकिंग करने से आपका वजन नियंत्रित रहता है, जिससे जोड़ों पर कम प्रेशर पड़ता है और अर्थराइटिस की समस्या कम होती है। वॉकिंग करने से शरीर में सिनोवियल फ्लूड बढ़ता है, जिससे ल्यूब्रिकेंट्स नरिश होते हैं और अर्थराइटिस से राहत मिलती है। अगर आपको चलने-फिरने में कठिनाई होती है तो ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
अर्थराइटिस में वॉकिंग करते समय ध्यान रखें ये बातें
- अगर आपने हाल ही में कोई सर्जरी कराई है तो ऐसे में वॉकिंग करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।
- पैर का अर्थराइटिस होने पर आपको तेज चलने के बजाय धीमी गति (Walking Benefits For Arthritis in Hindi) से वॉकिंग करनी चाहिए।
- ज्यादा दर्द होने या पैर में सूजन आने पर वॉकिंग करने से बचें।
- खुर्द या सख्त जगह पर वॉकिंग करने से बचें। इससे आपको पैर में दर्द हो सकता है।
- ऐसे में आप लोगों को जूतों का सही चुनाव करना चाहिए।
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पैर के अर्थराइटिस से बचने के तरीके
- पैर का अर्थराइटिस होने से बचने के लिए आपको अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए।
- पैर के अर्थराइटिस से बचने के लिए आपको नियमित तौर पर हल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए।
- इससे बचने के लिए आपको वजन घटाने के साथ-साथ आइस और हीट थेरेपी कर सकते हैं।
- इससे बचने के लिए आपको अपने खान-पान को लेकर एक्टिव रहना चाहिए। ऐसे में आपको नट्स, फ्रूट्स और सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- ऐसे में आपको स्मोकिंग और शराब पीने से परहेज करना चाहिए।
- इसके लिए आपको स्ट्रेस लेन से बचने के साथ-साथ खुद को हाइड्रेट भी करना चाहिए।
FAQ
अर्थराइटिस में कौन सा व्यायाम करना चाहिए?
अर्थराइटिस होने पर आप लोगों को लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज करनी चाहिए। ऐसे में आप साइकिलिंग, एरोबिक्स, भुजंगासन और स्विमिंग कर सकते हैं। यह सभी एक्सरसाइज करना आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।क्या वॉकिंग करना अर्थराइटिस में नुकसानदायक होता है?
अर्थराइटिस होने पर वॉकिंग करना बिलकुल नुकसानदायक नहीं होता है। लेकिन, कई मामलों में ज्यादा एक्सरसाइज या वॉकिंग करना आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।क्या ज्यादा चलने से गठिया हो सकता है?
जी हां, कुछ मामलों में जरूरत से ज्यादा वॉकिंग करने से गठिया की समस्या हो सकती है। हालांकि, ऐसा कुछ ही लोगों के साथ हो सकता है। ऐसे में लिगामेंट्स और जोड़ों पर प्रेशर पड़ता है, जिससे गठिया के लक्षण और बढ़ सकते हैं।