
ठंडी सुबह का मौसम, हल्की धूप की लहरें और पार्क की पगडंडियों पर धीरे-धीरे चलते लोग, यह नजारा सर्दियों में आम है लेकिन इन्हीं लोगों में कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनके कदम हर सुबह एक सवाल के साथ उठते हैं कि क्या आज चलना ठीक रहेगा? कहीं ज्यादा चलने से घुटनों में दर्द न बढ़ जाए? अगर आपके घर में कोई बुज़ुर्ग हैं या आप खुद घुटनों की अर्थराइटिस से जूझ रहे हैं, तो यह चिंता बिलकुल आम है। क्योंकि सर्दियों का मौसम अपने साथ सिर्फ ठंड ही नहीं लाता, बल्कि जकड़न, सूजन, और जोड़ों का दर्द भी ले आता है। हर कदम के साथ घुटनों से आने वाली आवाज कई बार मन में डर पैदा कर देती है। डॉक्टरों के पास भी सर्दियों में घुटनों के दर्द की शिकायतें बढ़ जाती हैं। लोग पूछते हैं, ''डॉक्टर साहब, वॉकिंग करूं या रुक जाऊं? कितनी दूरी तक चलना सुरक्षित है? क्या ज्यादा चलने से कार्टिलेज खराब हो सकता है?'' इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के नेविगेशन और रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. कीर्ति पलाडुगु (Dr Kirthi Paladugu, Sr. Consultant Arthroscopy Surgeon (Knee & Shoulder), Navigation & Robotic Joint Replacement Surgeon, Yashoda Hospitals, Hyderabad) से बात की
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घुटनों के अर्थराइटिस में रोज कितनी देर वॉक करना सही है? - How Much Walking Is Safe For People With Knee Arthritis
डॉ. कीर्ति पलाडुगु बताते हैं, ''घुटने के आर्थराइटिस वाले ज़्यादातर लोगों के लिए दिन में लगभग 6,000 कदम चलना एक अच्छा टारगेट है। इस लेवल की एक्टिविटी मोबिलिटी बनाए रखने में मदद करती है और लंबे समय तक विकलांगता का खतरा कम करती है।''
जो लोग अभी शुरुआत कर रहे हैं, उनके लिए दिन में 3,000 कदम चलना भी एक अच्छी शुरुआत है। जरूरी बात यह है कि धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं और अपने घुटनों की सुनें। डॉ. कीर्ति पलाडुगु आमतौर पर मरीजों को 10-15 मिनट के छोटे गैप में चलने की सलाह देते हैं, खासकर शुरुआती हफ्तों में।
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कुछ संकेत बताते हैं कि शरीर को आराम चाहिए। अगर वॉकिंग करते समय या उसके बाद तेज दर्द महसूस होने लगे, घुटने लाल या गर्म होने लगें, सूजन बढ़ जाए, पैर में झनझनाहट या कमजोरी आए तो तुरंत रुक जाना चाहिए और अगले 24-48 घंटों तक वॉकिंग में कमी करनी चाहिए। डॉक्टर सलाह देते हैं कि दर्द ज्यादा हो, तो एक्सरसाइज रोक देना ही बेहतर है।

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कौन सी वॉकिंग सबसे सुरक्षित है? - Which walking is the safest
घुटनों में अर्थराइटिस होने पर सामान्य सड़क पर चलने से ज्यादा फायदा सॉफ्ट सतहों पर चलने से होता है, जैसे-
- पार्क की घास
- रबर ट्रैक
- घर के अंदर फ्लैट फर्श
कंकड़-पत्थर या ढलान वाली सड़कें घुटनों पर ज्यादा दबाव डालती हैं, इसलिए शुरुआती स्टेज वाले मरीजों को इन्हें अवॉइड करना चाहिए।
निष्कर्ष
घुटनों में अर्थराइटिस होने के बाद वॉकिंग बंद करने के बजाय इसे सही तरीके से और संतुलित मात्रा में करना सबसे समझदारी भरा कदम है। आमतौर पर 10-20 मिनट की हल्की वॉक, दिन में एक से दो बार, सुरक्षित मानी जाती है लेकिन हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए अपनी क्षमता को समझते हुए दूरी धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए। सही जूते, सही सतह और सही तकनीक अपनाने से वॉकिंग दर्द को कम करने, घुटनों की गतिशीलता बढ़ाने और जीवन की क्वालिटी सुधारने में बड़ा योगदान दे सकती है।
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Nov 27, 2025 17:28 IST
Modified By : Akanksha TiwariNov 27, 2025 17:28 IST
Modified By : Akanksha TiwariNov 24, 2025 09:06 IST
Published By : Akanksha Tiwari