Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta

प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में डाइट में शामिल करें केसर, एक्सपर्ट से जानें सेवन का सही तरीका

Kesar Is Good For Pregnancy Third Trimester: प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में केसर को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि केसर को डाइट में शामिल करने के फायदों के बारे में।
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प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में डाइट में शामिल करें केसर, एक्सपर्ट से जानें सेवन का सही तरीका

Is Saffron Safe During Pregnancy: आपने सुना होगा कि कई प्रेग्नेंट महिलाएं गोरा-चिट्टा बच्चा पाने के लिए प्रेग्नेंसी में केसर का सेवन करती हैं। कहते हैं केसर से बच्चा खूबसूरत होता है और उसके गाल भी लाल होते हैं। हालांकि, यह तो नहीं कहा जा सकता है कि वाकई केसर का सेवन करने से बच्चा गोरा होता है या नहीं? लेकिन सच्चाई यह है कि केसर में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। विशेषकर, प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में इसे अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाने से कई तरह के फायदे मिलते हैं। इस लेख में Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से हम जानेंगे कि तीसरी तिमाही में केसर खाने से किस तरह के फायदे मिलते हैं और इसे डाइट का हिस्सा कैसे बनाएं।


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प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में केसर का सेवन कैसे करें?- How To Eat Saffron In Pregnancy Third Trimester

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  1. केसर के 2-3 धागों को एक गिलास दूध में अच्छी तरह उबाल लें।
  2. सोने से पहले इस दूध का सेवन करें।
  3. आप चाहें, तो केसर के धागे को गुनगुने पानी में मिक्स करके भी पी सकती हैं।
  4. रोजाना केसर का सेवन करना है तो महज 2-3 केसर के धागे पर्याप्त होते हैं।

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प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में केसर का सेवन करने के फायदे- Kesar Benefits For Pregnancy Third Trimester

पाचन क्षमता में सुधार

प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में केसर का सेवन करने से पाचन क्षमता में सुधार होता है। असल में प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही तक आते-आते गर्भ में पल रहे शिशु का भार काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर के अन्य ऑर्गन पर दबाव बढ़ने लगता है। ऐसा ही डाइजेस्टिव सिस्टमक के साथ भी होता है। नतीजतन, कब्ज या पाचन संबंधी अन्य समस्याएं होने लगती हैं। वहीं, जब आप नियमित रूप से केसर का सेवन करते हैं, तो ब्लोटिंग, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्या कम होती है और पाचन क्षमता बेहतर होती है।

मूड बेहतर होता है

प्रेग्नेंसी का सफर शुरू होने के बाद ही महिलाओं के मूड में बार-बार बदलाव हाने लगते हैं। कभी उन्हें अपनी प्रेग्नेंसी में एंग्जाइटी महसूस होती है, तो कभी लगता है कि डिप्रेशन हो रहा है। कभी-कभी वे बहुत ज्यादा चिड़चिड़ी हो जाती हैं। इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से दूध में डालकर केसर का सेवन करें। इससे सेरोटोनिन हार्मोन का फ्लो बेहतर होता है और मूड एन्हैंस होता है। NCBI की रिपोर्ट से भी इस बात का पता चलता है कि केसर का सेवन करने से एंग्जायटी कम होती है।

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मॉर्निंग सिकनेस में कमी

वैसे तो प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में ही महिलाओं को मॉर्निंग सिकने की दिक्कतें होती हैं, लेकिन ऐसी महिलाओं की संख्या भी कम नहीं जिन्हें गर्भावस्था की तीनों में तिमहा में मॉर्निंग सिकनेस की समस्या बनी रहती है। ऐसे में उल्टी, मतली परेशान करती हैं। वहीं, जब आप केसर को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाते हैं, तो इससे मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से राहत मिलती है।

बेहतर नींद में मदद

कहने की जरूरत नहीं है कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में महिलाओं के लिए अच्छी और गहरी नींद लेना काफी मुश्किल हो जाता है। कई महिलाएं तो सही तरह से पीठ के बदल नहीं लेट पाती हैं, क्योंकि पेट में खिंचाव होने लगता है। ऐसे में नींद भी बाधित होती है। विशेषज्ञों की मानें, तो प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में केसर का सेवन करने से नींद की क्वालिटी में सुधार होता है। यह गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए बहुत जरूरी है।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कहने की बात ये है कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में केसर खाना पूरी तरह सेफ है और इसमें मौजूद पोषक तत्व गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए काफी लाभकारी माने जाते हैं। यहां तक कि गर्भवती महिला के स्वास्थ्य में भी सुधार होता है, जैसे मूड बेहतर होता है, बेहतर नींद आती है और मतली, उल्टी जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। हां, इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपको केसर सूट न करे, तो इसे अपनी डाइट का हिस्सा न बनाएं। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में इसे खाने की सलाह नहीं दी जाती है। इससे यूटराइन कॉन्ट्रैक्शन का रिस्क बढ़ता है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या मैं तीसरी तिमाही में केसर ले सकती हूं?

    गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में केसर को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें दर्द निवारक गुण होते हैं, जो मांसपेशियों के अत्यधिक संकुचन को कम करने और जोड़ों को आराम देने में मदद कर सकता है।
  • 3 महीने की गर्भवती के लिए सबसे अच्छा खाना कौन सा है?

    अगर आप प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में हैं, तो आपको बैलेंस्ड डाइट लेना चाहिए, ताकि आप सभी जरूरी पोषक तत्वों को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकें। इस समयावधि में आप पालक, ब्रोकोली, हरी सब्जियां, दालें आदि डाइट का हिस्सा बनाएं। आयरन के लिए अनार, गुड़, हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं और। अन्य पोषक तत्वों के लिए केला, आलू, अंडा, दूध, दही को भी डाइट में शामिल करें।
  • गर्भवती महिला को सुबह उठकर खाली पेट क्या खाना चाहिए?

    गर्भावस्था के दौरान महिलाएं सुबह खाली पेट फलों जैसे केला, सेब, संतरे, का सेवन कर सकती हैं। अगर आप नाश्ते की बात कर रहे हैं, तो इसमें दलिया, पोहा, उपमा, उबले अंडे, और साबुत अनाज खा सकते हैं।

 

 

 

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  • Current Version

  • Jan 03, 2026 10:00 IST

    Published By : Meera Tagore

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