बारिश का मौसम हो या गर्मियों लोगों को अक्सर गले में दर्द या खराश की समस्या का सामना करना पड़ता है। दरअसल, गर्मियों के मौसम में तेज धूप और पसीने से प्यास अधिक लगती है। ऐसे में ठंडा पानी पीने की वजह से गले में दर्द और खराश की परेशानी होना बेहद आम बात है। इसके अलावा, सर्दी जुकाम, एलर्जी, वायरल इंफेक्शन या किसी विषय पर ज्यादा बोलने की वजह से भी व्यक्ति को गले से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शुरुआती दौर में ज्यादातर लोग घरेलू उपायों का ही सहारा लेते हैं। कुछ लोग अदरक और काली मिर्च की चाय पीते हैं तो कुछ ग्रीन टी को पीने से गले की सिकाई करते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में प्रश्न आता है कि कई गुणों से भरपूर लैवेंडर की चाय क्या गले की खराश में फायदेमंद हो सकती है। इस लेख में आगे मुरैना के सरकारी अस्पताल की आयुर्वेदिक डॉक्टर सोनल गर्ग से जानते हैं कि गले की खराश में लैवेंडर टी के क्या फायदे होते हैं?
गले की खराश में लैवेंडर टी के फायदे - Lavender Tea Benefits For Sore Throat In Hindi
लैवेंडर एक सुगंधित फूल है जिसे औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। लैवेंडर टी लैवेंडर फूलों को गर्म पानी में उबालकर बनाई जाती है। यह चाय हल्के बैंगनी रंग की होती है और इसमें एक खास तरह की मिठास और सुगंध होती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लैवेंडर टी में लिनालूल (Linalool) और लिनालिल एसीटेट (Linalyl Acetate) जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण प्रदान करते हैं। इससे गले की खराश में आराम मिल सकता है। आगे जानते हैं इसके कुछ अन्य फायदों के बारे में।
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (Anti-inflammatory Properties)
लैवेंडर में सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं। गले की खराश में अक्सर टॉन्सिल्स या गले की आंतरिक परत में सूजन आ जाती है। लैवेंडर टी पीने से यह सूजन धीरे-धीरे कम हो सकती है।
एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल प्रभाव
लैवेंडर के तेल और अर्क में बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता होती है। यदि गले की खराश बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण के कारण है, तो लैवेंडर टी उसको कम करने में मददगार हो सकती है।
मानसिक शांति प्रदान करें (Soothing Effect)
लैवेंडर की खुशबू और उसके प्राकृतिक यौगिक मानसिक शांति प्रदान करते हैं। यह तनाव को कम करता है और नींद को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है और रिकवरी तेज होती है।
गले को नमी प्रदान करना
गर्म लैवेंडर टी गले को नमी प्रदान करती है, जिससे गले की सूखी और जलन वाली परत को राहत मिलती है।
लैवेंडर टी कैसे बनाएं? - How To Make Lavender Tea In Hindi
- एक कप पानी को गैस पर उबालें।
- उसमें सूखे लैवेंडर फूल डालें और 5-7 मिनट के लिए ढककर रखें।
- चाय को छान लें और चाहें तो थोड़ा शहद मिला लें।
- धीरे-धीरे चाय को गर्म-गर्म पिएं।
- शहद में भी एंटीबैक्टीरियल और गले को कोट करने वाले गुण होते हैं, इसलिए यह संयोजन और अधिक प्रभावी हो जाता है।
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गले की खराश होने पर लैवेंडर टी दिन में दो बार पीना फायदेमंद हो सकता है। रात में पीने से नींद अच्छी आती है और शरीर को आराम मिलता है। ध्यान रखें कि अत्यधिक सेवन न करें, क्योंकि यह नींद या ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकती है। लैवेंडर टी एक प्राकृतिक, स्वादिष्ट और असरदार घरेलू उपाय है जो गले की खराश में राहत दे सकता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और शांतिदायक गुण इसे अन्य चायों से अलग बनाते हैं। यदि समस्या गंभीर हो या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।
FAQ
गले में खराश होना किसका संकेत है?
गले में खराश कई कारणों से हो सकती है, जिनमें वायरल संक्रमण (सर्दी, फ्लू, कोविड-19), बैक्टीरियल संक्रमण (स्ट्रेप थ्रोट), एलर्जी, या अन्य को शामिल किया जा सकता है।गले का इंफेक्शन कब गंभीर होता है?
अगर आपके गले में दर्द या सूजन के साथ-साथ बुखार हो रहा है, तो यह इस बात का संकेत है कि संक्रमण गंभीर हो गया है। आपके गले में इंफेक्शन के लक्षणों में सुधार नहीं होता तो ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।