Fri Sep 11, 2026 | 08:36 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या मेनोपॉज के बाद महिलाएं करवा चौथ का व्रत कर सकती हैं? फॉलो करें ये 5 जरूरी टिप्स

Karwa Chauth After Menopause: मेनोपॉज के बाद महिलाएं करवा चौथ का व्रत कर सकती हैं। हालांकि, स्वास्थ्य सही न हो, तो बेहतर होगा कि आप करवा चौथ का व्रत करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।

Health Risks Of Fasting After Menopause: जल्द ही करवा चौथ आने वाला है। हर महिला के मन में अलग किस्म का हर्षोल्लास है। हर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद जीवन की कामना के लिए करवा चौथ के दिन व्रत करती हैं। इसमें हर उम्रवर्ग की महिलाएं शामिल होती हैं। फिर चाहे वह युवा हों या मध्यउम्र की या फिर अधेड़ और बुजुर्ग महिला। सामान्यतौर पर देखा जाता है कि कम उम्र महिलाओं को करवा चौथ का निर्जला व्रत करने में दिक्कत नहीं आती है, लेकिन जब हम उन मेनोपॉज हो चुकी महिलाओं की बात करते हैं, तो यह दिमाग में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या उनके लिए व्रत करना आसान होता है? खासकर, करवा चौथ जैसा निर्जला व्रत करने के दौरान मेनोपॉज के बाद महिलाओं को किस-किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख में हम यही जानेंगे कि क्या मेनोपॉज के बाद महिलाएं करवा चौथ का व्रत कर सकती हैं? अगर हां, तो उन्हें करवा चौथ का व्रत करते हुए किस-किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। इस बारे में जानने के लिए हमने Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

क्या मेनोपॉज के बाद महिलाएं करवा चौथ का व्रत कर सकती हैं?- Is It Safe To Keep Karwa Chauth Dry Fast After Menopause

डॉ. शोभा गुप्ता का कहना है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं को निर्जला व्रत नहीं करना चाहिए। यह उनकी सेहत के लिए सही नहीं होता है। असल में, मेनोपॉज के बाद महिलाओं की इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो जाती है। ऐसे में अगर वे निर्जला व्रत करती हैं यानी पूरा दिन न खाना और न ही पानी पीने की वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। यह किसी भी महिला के लिए सही नहीं है। यहां तक कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च (NIH) में प्रकाशित एक रिपोर्ट से भी ये बात साबित होती है। हालांकि, करवा चौथ का व्रत करना है या नहीं, यह पूरी तरह मेनोपॉज हो चुकी महिलाओं की इच्छा और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। अगर वे फिजिकली फिट हैं और उन्हें किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या नहीं है, तो वे इस व्रत को कर सकती हैं।

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मेनोपॉज के बाद करवा चौथ व्रत क्यों नहीं करना चाहिए?

डिहाइड्रेशन का रिस्क

करवा चौथ के व्रत में महिलाएं लंबे समय तक एक घूंट पानी भी नहीं पीती हैं। यही बात इसे कठिन व्रत बनाती है। मेनोपॉज के बाद महिलाएं स्वास्थ्य के लिहाज से काफी कमजोर हो चुकी होती हैं। वहीं, अगर लंबे समय तक वे पानी नहीं पीती हैं, तो उनकी बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है। डिहाइड्रेशन की वजह से सिरदर्द, चक्कर आना, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स इंबैलेंस होना जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। यहां तक कि करवा चौथ में निर्जला व्रत रखने की वजह से कुछ गंभीर मामलों में मिर्गी के दौरे भी पड़ सकते हैं।

मेडिकल कंडीशन का बिगड़ना

आमतौर पर मेनोपॉज के बाद महिलाओं को किसी न किसी तरह की मेडिकल कंडीशन हो जाती है। इसमें डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं शामिल हैं। अगर मेनोपॉज हो चुकी महिला की मेडिकल कंडीशन पहले से ही सही नहीं है, तो उन्हें करवा चौथ के बाद व्रत करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में निर्जला व्रत करने से मेडिकल कंडीशन बिगड़ सकती है यानी लक्षण बद से बदतर हो सकती है।

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हार्ट संबंधी समस्या

अगर मेनोपॉज हो चुकी महिलाओं को हार्ट संबंधी समस्या है, तो उन्हें भी करवा चौथ का व्रत नहीं करना चाहिए। इससे हार्ट संबंधी समस्या बढ़ सकती है। वास्तव में निर्जला व्रत करने की वजह से हार्ट को पंप करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। यह कंडीशन सही नहीं है। इससे महिला का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

थकान और कमजोरी

जैसा कि पहले ही जिक्र किया है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में संक्रमण से लड़ने की उनकी क्षमता पहले से ही कमजोर हो जाती है। ऐसे में अगर वे करवा चौथ में निर्जला व्रत करती हैं, तो इस स्थिति में वे बहुत जल्दी थकान और कमजोरी महसूस करने लगती हैं। दिन के आखिर तक उनकी सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ने लगता है।

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मेनोपॉज के बाद करवा चौथ का व्रत करने के लिए टिप्स- Karwa Chauth Fast Precautions For Menopausal Women

  1. करवा चौथ का व्रत करने से पहले अपनी हेल्थ कंडीशन समझें।
  2. अगर स्वास्थ्य समस्या है, तो बेहतर होगा कि डॉक्टर से मिलें।
  3. सरगी में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और फ्लूइड इनटेक ज्यादा रखें।
  4. मेनोपॉज के बाद करवा चौथ का व्रत करते हुए दिन भर में शारीरिक श्रम वाले काम न करें।
  5. अगर सेहत सही नहीं है, तो मेनोपॉज के बाद करवा चौथ का व्रत न करें।

निष्कर्ष

कुला मिलाकर, कहने का मतलब यह है कि मेनोपॉज के बाद करवा चौथ का व्रत करते हुए महिलाओं को सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। अगर सेहत सही न हो, तो उन्हें इस व्रत को सांकेतिक रूप से सेलिब्रेट करना चाहिए। हां, अगर आप यह व्रत करना चाहती हैं, तो इसके लिए कुछ दिनों पहले से ही अपनी बॉडी को तैयार कर सकती हैं, ताकि करवा चौथ के व्रत के दौरान भूख और प्यास कम लगे। इसके अलावा, व्रत करते हुए ऐसा कुछ न करें, जिससे थकान और कमजोरी महसूस हो।

All Image Credit: Freepik

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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