Exercising The Same Muscles Daily Can Be Harmful: आज के दौर में लोगों के बीच में जहां एक ओर लाइफस्टाइल में बदलाव देखने को मिला है। वहीं, दूसरी ओर जिम और एक्सरसाइज करने वाले लोगों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। सेहतमंद रहने के लिए एक्सरसाइज और जिम जाना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, इसे करने का एक सही तरीका होता है। यदि आप किसी खास तरह की एक्सरसाइज (Exercise) को हर रोज करते हैं, तो इससे आपकी केवल एक ही अंग की मांसपेशियों पर असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि शरीर के एक ही अंग से जुड़ी मांसपेशियों की एक्सरसाइज की जाए तो इससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। मांसपेशियों को संतुलित और स्वस्थ रखने के लिए सही पैर्टन में एक्सरसाइज करना आवश्यक होता है। इस लेख में वीवा फिटनेस सेंटर के कोच साईं श्रीवास्तव से जानते हैं कि रोजाना एक ही मसल्स की एक्सरसाइज करने के सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं?
रोजाना एक ही मसल्स की एक्सरसाइज करने के क्या नुकसान हो सकते हैं? - Exercising The Same Muscles Daily Can Be Harmful For Body In Hindi
मांसपेशियों में थकान होना
एक ही अंग की मांसपेशियों के लिए हर दिन एक्सरसाइज करने से ओवरट्रेनिंग हो सकती है। इससे संबंधित अंग के मांसपेशियों में थकान हो सकती है। साथ ही, मांसपेशियों को दोबारा रिपेयर होने से अधिक समय लग सकता है। जब आप एक ही मांसपेशियों के लिए रेगूलर एक्सरसाइज करते हैं तो इससे उनके ब्रेक होने के जोखिम अधिक होता है। इससे मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है।
इंजरी का जोखिम
एक्सपर्ट के अनुसार एक ही एक्सरसाइज को रोजाना करने से संबंधित मसल्स की इंजरी का जोखिम बढ़ सकता है। लगातार एक ही मसल्स का उपयोग करने से उसमें दर्द, ऐंठन और सूजन हो सकती है। जैसे यदि आप हर दिन बाइसेप्स की एक्सरसाइज करते हैं तो इससे हाथों में ऐंठन, खिंचाव और चोट का खतरा हो सकता है।
मांसपेशियों की ग्रोथ में रुकावट आना
एक्सरसाइज से मसल्स टूटती है और वह कुछ समय के बाद बनती हैं, इस क्रम में आपकी मांसपेशियों की ग्रोथ होती है। लेकिन, जब आप रोजाना एक ही एक्सरसाइज को बार-बार करते हैं तो इससे उस जगह की मांसपेशी को ग्रोथ होने का निर्धारित समय नहीं मिल पाता है। इससे मांसपेशी की ग्रोथ में रुकावट आ सकती है।
संबंधित अंग का मूवमेंट प्रभावित होना
जब व्यक्ति किसी एक ही अंग की एक्सरसाइज करता है तो इससे अन्य मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है। यह असंतुलन शरीर के पोश्चर को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, संबंधित अंग का मूवमेंट भी प्रभावित होता है। ऐसे में आपको सप्ताह में हर दिन अलग-अलग अंगों की एक्सरसाइज को रुटीन में शामिल करना चाहिए।
मानसिक रूप से थकान होना
एक ही एक्सरसाइज को बार-बार करने से जब आपके संपूर्ण शरीर को फायदा नहीं होगा, तो ऐसे में आपको मानसिक थकान महसूस हो सकती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि व्यक्ति को अपनी एक्सरसाइज रूटीन में नई-नई चीजों को शामिल करना चाहिए। इससे आपका एक्सरसाइज में उत्साह बना रहता है।
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एक्सरसाइज रुटीन में आप हर रोज अलग-अलग अंगों की एक्सरसाइज को शामिल कर सकते हैं। एक्सरसाइज के बाद संबंधित मांसपेशियों को आराम करने और रिपेयर करने में निर्धारित समय की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप अपने जिम ट्रेनर या एक्सरसाइज एक्सपर्ट से पर्सनल एक्सरसाइज रुटीन बनवा सकते हैं। जिम और एक्सरसाइज को ट्रेनर की देखरेख में करें।