Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बार-बार भटकता है मन? फोकस बढ़ाने के ये 5 तरीके इंटरनेट पर हैं हिट, डॉक्‍टर भी देते हैं अपनाने की सलाह

मन भटकता है और काम पर फोकस घट रहा है? जानें कुछ आसान उपाय जो इंटरनेट पर बहुत लोकप्र‍िय हैं और एक्‍सपर्ट भी इन्‍हें अपनाने की सलाह देते हैं। ये उपाय काम पर फोकस, तो बढ़ाते ही हैं साथ ही स्‍ट्रेस भी कम करते हैं।

आजकल की लाइफस्‍टाइल इतनी तेज हो गई है क‍ि क‍िसी एक चीज पर फोकस करना बहुत मुश्‍क‍िल हो गया है। क‍िसी भी काम को समय पर करने और उसके अच्‍छे पर‍िणामोंं के ल‍िए फोकस करना जरूरी है, लेक‍िन ध्‍यान क्षमता बढ़ाना उतना ही मुश्‍क‍िल है ज‍ितना द‍िल्‍ली का प्रदूषण को कम करना। हालांक‍ि ऐसा भी नहीं है क‍ि आज के समय में ध्‍यान करना असंभव है। युवाओं पर इंटरनेट और सोशल मीड‍िया पर बताए गए नुस्‍खे आजमाना ज्‍यादा अच्‍छा लगता है, तो आज हमने भी इंटरनेट से फोकस करने के उपाय ढूंढ न‍िकाले। एक्‍सपर्ट की मदद से समझते हैं क‍ि क्‍या ये उपाय वाकई फोकस बढ़ाने में मदद करते हैं या नहीं? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि उन्‍होंंने कई ऐसे मरीजों की ज‍िंदगी को बदला है जो फोकस न कर पाने के कारण परेशान थे। उन्‍होंने बताया क‍ि खराब जीवनशैली हमारी कार्य क्षमता को बुरा तरह से प्रभााव‍ित करती है। इसका असर एक जनरेशन से दूसरी जनरेशन पर भी हो सकता है। ध्‍यान क्षमता बढ़ाने के ल‍िए सबसे पहले यह समझना जरूरी है क‍ि हम गलती कहां कर रहे हैं? यह कहना मुश्‍क‍िल है क‍ि स्‍ट्रेस लो मत लो क्‍योंक‍ि ज‍िंदगी में उतार-चढ़ाव बने रहते हैं, पर हम उसे साथ लेते हुए भी अपनी सेहत और क्षमता को बेहतर बना सकते हैं। आगे जानेंगे फोकस बढ़ाने के कुछ ऐसे उपाय जो इंटरनेट पर भी काफी लोकप्र‍िय हैं।

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1. आध्यात्मिक शांति जरूरी है- Spritual Calmness Is Important

अगर आप ध्‍यान क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, तो आध्‍यात्‍म‍िक शांंत‍ि जरूरी है। इंटरनेट पर कई ऐसे आध्‍यात्‍म‍िक एक्‍सपर्ट्स और डॉक्‍टर्स हैं, जो आध्‍यात्‍म‍िक की ओर जाने की सलाह देते हैं। इसका संबंध क‍िसी जात‍ि या धर्म से नहीं बल्‍क‍ि मन की शांत‍ि से हैं। आप चाहे कोई भी धर्म या क‍िसी भी जात‍ि के क्‍यों न हों, पर ध्‍यान क्षमता बढ़ाने के ल‍िए आध्यात्मिकता का सहारा ले सकते हैं। कुछ देर मंत्रों का उच्‍चारण करने से या ध्‍यान करने से मन को सुकून म‍िलता है और फोकस बढ़ता है।

इंड‍ियन जर्नल ऑफ मेड‍िकल र‍िसर्च (Indian Journal Of Medical Research) के एक अध्‍ययन में जब प्रत‍िभाग‍ियों को व‍िशेष आध्‍यात्‍म‍िक प्रक्र‍ियाएं जैसे ध्‍यान और साधना करने के ल‍िए कहा गया और परीक्षण क‍िए गए, तो उनमें ध्‍यान केंद्र‍ित क्षमता में सुधार देखा गया। आध्‍यात्‍म‍िक अभ्‍यास से द‍िमाग की कार्यक्षमता और एकाग्रता में सकारात्‍मक बदलाव आए।

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2. हेल्‍दी डाइट से फोकस बढ़ाएं- Focus On Healthy Diet

फोकस बढ़ाने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट की अहम भूम‍िका है। Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि फोकस बढ़ाना चाहते हैं, तो डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन करें। गाय के दूध का सेवन फायदेमंद होता है। दूध का सेवन करने से तामसि‍क ओर राजस‍िक गुण घटते हैं और मन शांत रहता है ज‍िससे व्‍यक्‍त‍ि सकारात्‍मक सोच की ओर बढ़ता है और ध्‍यान क्षमता भी बढ़ती है।

3. प्रकृत‍ि के साथ समय बि‍ताएं- Spend Time With Nature

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फोकस को बढ़ाना है, तो पार्क में या गार्डन में समय ब‍िताएं। पेड़ की छांव में रहें। अगर इंसानों का इत‍िहास देखें, तो हम हमेशा प्रकृत‍ि के बीच रहने के ल‍िए बने हैं। कंक्रीट के बीच रहकर हमारी सेहत कभी बेहतर नहीं हो सकती। च‍िड़ि‍या की आवाज, पानी का शोर और पत्तों के ह‍िलने पर सरसराहट भरी आवाज हमारे मन पर अच्‍छा असर डालती है। इसल‍िए लोग समय न‍िकालकर प्राकृत‍िक जगहों पर जाना पसंद करते हैं। वहां जाकर सुकून महसूस होता है और ध्‍यान क्षमता बढ़ती है। साथ ही स्‍ट्रेस के लक्षण भी कम होते हैं।

4. सूर्योदय से पहले उठें- Get Up Before Sun Rise

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि गहरी नींद का समय रात में आठ से दो के बीच होता है। उस दौरान गहरी नींद आती है। सूर्योदय के साथ उठने की आदत से शरीर की बायोलॉज‍िकल क्‍लॉक बेहतर होती है। Dr. Shrey Sharma ने बताया यह अनुभव उन्‍होंने कई मरीजों और खुद के साथ भी अनुभव क‍िया है क‍ि सुबह जल्‍दी उठने से सकारात्‍मक ऊर्जा महसूस होती है और काम पर फोकस बढ़ता है।

5. एक समय पर एक ही काम पर फोकस करें- Focus On One Thing At One Time

अगर आप भी फोकस की कमी से परेशान हैं, तो गौर करें कहीं आप मल्‍टीटास्‍क‍िंग तो नहीं कर रहे हैं? एक ही समय पर एक से ज्‍यादा काम करने की आदत से ध्‍यान क्षमता कम होती है। आजकल की तेज लाइफस्‍टाइल हमें दो पल ठहरने का समय नहीं देती, लेक‍िन सुकून की यही कमी अन‍िद्रा, स्‍ट्रेस और फोकस कम होने जैसी समस्‍याओं का कारण बनती है। इसल‍िए मल्‍टीटास्‍क‍िंग से बचना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

फोकस बढ़ाने के ल‍िए मल्‍टीटास्‍क‍िंग से बचें, प्रकृत‍ि के साथ समय ब‍िताएं, हेल्‍दी डाइट खासकर म‍िल्‍क प्रोडक्‍ट्स का सेवन करें, सूर्योदय से पहले उठें और आध्यात्मिकता की मदद लें।

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FAQ

  • फोकस घटने के क्‍या कारण हैं?

    फोकस घटने के पीछे गलत खानपान, शारीर‍िक गत‍िव‍िध‍ि की कमी, स्‍ट्रेस, नींद की कमी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। फोकस घटने के कारण द‍िमाग जल्‍दी थक जाता है और एकाग्रता प्रभाव‍ित होती है।
  • फोकस बढ़ाने के ल‍िए क्‍या करें?

    फोकस बढ़ाने के ल‍िए नींद पूरी करें, प्राणायाम करें, मोबाइल का इस्‍तेमाल सीमि‍त करें, पौष्टिक आहार लें, न‍ियम‍ित एक्‍सरसाइज करें और एक ही काम पर ध्‍यान केंद्र‍ित करने की आदत बनाएं।
  • सूर्योदय से पहले उठने के क्‍या फायदे हैं?

    सूर्योदय से पहले उठने से मन शांत रहता है, शरीर की एनर्जी बढ़ती है, पाचन सुधरता है और द‍िनचर्या बेहतर होती है। सूर्योदय से पहले उठने से मानस‍िक और शारीर‍िक सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 04, 2026 14:43 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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    Published By : Yashaswi Mathur
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