शरीर की एनर्जी पूरे दिन एक जैसी नहीं रहती। कुछ समय शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है, तो कुछ समय आराम और क्रिएटिविटी के लिए बेहतर माना जाता है। अगर व्यक्ति अपने काम, खानपान और आराम को इस आयुर्वेदिक घड़ी के हिसाब से प्लान करे, तो वह ज्यादा फोकस्ड और एनर्जेटिक महसूस कर सकता है। यही कारण है कि आजकल कई लोग आयुर्वेदिक रूटीन को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार सही समय पर सही काम करने से शरीर पर कम दबाव पड़ता है और मानसिक संतुलन भी बेहतर बना रहता है। इससे न सिर्फ प्रोडक्टिविटी बढ़ सकती है, बल्कि नींद, पाचन और मूड पर भी अच्छा असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं आयुर्वेदिक क्लॉक के अनुसार दिनचर्या कैसे प्लान की जा सकती है? आयुर्वेदिक घड़ी के बारे में जानने के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

सुबह छह से दस बजे तक- कफ का समय
- यह समय एक्सरसाइज, सेल्फ-केयर, घर के काम करने के लिए देना चाहिए।
- इस दौरान नाश्ता भी करना होता है।
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सुबह दस से दोपहर दो बजे तक- पित्त का समय
- इस दौरान सन एनर्जी ज्यादा होती है।
- इस दौरान ज्यादा फोकस वाले काम कर सकते हैं जैसे ऑफिस का काम या अन्य जरूरी काम।
- इस दौरान दिन का सबसे हैवी मील लें।
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दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक- वात का समय
- यह क्रिएटिव समय होता है।
- इस दौरान लिखना, ब्रेन एक्टिविटी या कोई नई चीज सीखने वाली एक्टिविटीज करनी चाहिए।
- इस दौरान 15 से 20 मिनट पावर नैप भी ले सकते हैं।
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शाम को छह बजे से रात दस बजे तक- कफ का समय
- इस दौरान शरीर को रिलैक्स रखने की जरूरत होती है।
- इस दौरान मेडिटेशन कर सकते हैं।
- इस दौरान परिवार के साथ समय बिताएं।
- इस दौरान दिन का सबसे लाइट मील लें।
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रात को दस बजे से रात दो बजे तक- आराम का समय
- यह सोने का सबसे अच्छा समय होता है।
- इस दौरान शरीर को डिटॉक्स करना चाहिए।
- इस दौरान जगने से बचना चाहिए।
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रात दाे बजे से सुबह छह बजे तक- अध्यात्म का समय
- रात दाे बजे से सुबह छह बजे तक अध्यात्म और मानसिक शांति का समय होता है। इस दौरान अध्यात्मिक कार्य कर सकते हैं।
- इस दौरान मेडिटेशन और प्राणायाम करना चाहिए।
निष्कर्ष:
आयुर्वेदिक घड़ी के अनुसार दिनचर्या अपनाने से शरीर और दिमाग दोनों बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। सही समय पर काम, भोजन, आराम और नींद लेने से फोकस और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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May 21, 2026 19:56 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 21, 2026 19:56 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma