Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

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आयुर्वेद में सूरज के हिसाब से खाने का समय तय करने की सलाह क्यों दी जाती है? जानें फायदे

आयुर्वेद में सूर्य के अनुसार भोजन करने की सलाह दी जाती है ताकि पाचन शक्ति बेहतर हो और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से बचाव हो सके। आइए जानते हैं सूरज के अनुसार भोजन करना क्यों जरूरी है। 

आयुर्वेद में भोजन न सिर्फ पेट भरने का साधन होता है, बल्कि हमारी सेहत का एक आधार माना जाता है। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार अगर भोजन का समय नेचर और सूरज की गति के हिसाब से किया जाए तो शरीर की पाचन शक्ति बेहतर होती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव हो सकता है। दरअसल, हमारे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक सूरज की रोशनी से प्रभावित होती है। ऐसे में खाना पचने का असर भी इसके खाने के समय पर निर्भर करता है। आइए इस लेख में हम हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि सूरज के अनुसार खाने का समय तय करने के क्या फायदे होते हैं?

आयुर्वेद में सूरज के अनुसार भोजन करना क्यों जरूरी है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि आयुर्वेद के अनुसार शरीर में मौजूद अग्नि यानी पाचन शक्ति का कनेक्शन सूरज से होता है। जिस तरह दोपहर के समय सूरज सबसे ज्यादा तेज होता है, उसी तरह शरीर की पाचन क्षमता भी इस समय सबसे ज्यादा मजबूत मानी जाती है। इसलिए, दिन का मुख्य भोजन दोपहर में करने की सलाह दी जाती है, ताकि खाना आसानी से पच सके।

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सुबह का नाश्ता कब करें?

आयुर्वेदाचार्यों डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार सूर्योदय के कुछ समय बाद हल्का और पौष्टिक नाश्ता करना चाहिए। सुबह के समय शरीर धीरे-धीरे एक्टिव होता है। इसलिए बहुत भारी भोजन करने से आलस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, आप अपने नाश्ते में फल, दलिया, पोहा या अन्य हल्के फूड्स शामिल कर सकते हैं, जो आपके पाचन के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं।

दोपहर का भोजन होता है सबसे जरूरी 

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार दोपहर 12 से 2 बजे के बीच भोजन करना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इस समय पाचन अग्नि सबसे ज्यादा तेज होती है, जिससे भोजन अच्छी तरह पच जाता है और शरीर को ज्यादा पोषण मिलता है। हैवी और संतुलित भोजन करने के लिए दोपहर का समय सबसे बेहतर माना जाता है।

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सूर्यास्त के बाद हल्का भोजन करें

आयुर्वेद के अनुसार सूर्यास्त के बाद शरीर की पाचन क्षमता धीरे-धीर कम होने लगती है, जिस कारण खाना पचाने में समस्या हो सकती है। इसलिए, रात का भोजन हमेशा हल्का होना चाहिए और 8 बजे से पहले कर लेना चाहिए। देर रात हैवी फूड खाने से गैस, एसिडिटी, मोटापा और नींद से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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सूरज के अनुसार खाना खाने के फायदे

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि सूरज के अनुसार खाना खाने से आपको कई तरह के फायदे मिल सकते हैं, जैसे-

  • पाचन तंत्र मजबूत रहता है
  • वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है
  • शरीर में एनर्जी लेवल बेहतर रहती है
  • नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है
  • गैस, अपच और एसिजिटी जैसी समस्याएं कम होती हैं
  • शरीर की नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक संतुलित रहती है

निष्कर्ष

सूरज के अनुसार भोजन का समय तय करना आयुर्वेद में लाइफस्टाइल से जुड़ी एक अहम आदत है। सही समय पर और सही मात्रा में भोजन करने से न सिर्फ पाचन बेहतर होता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है। इसलिए, हेल्दी लाइफ के लिए और भोजन के सही पाचन के लिए सूरज के अनुसार भोजन करना बहुत जरूरी और फायदेमंद है।
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FAQ

  • रात का डिनर कितने बजे तक कर लेना चाहिए?

    रात का डिनर सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए, ताकि खाने को पचने के लिए सही समय मिल सके।
  • 1 दिन में कितनी बार भोजन करना चाहिए?

    एक हेल्दी व्यक्ति को दिन भर में 3 बार भोजन करना चाहिए यानी नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना। शरीर में एनर्जी को बनाए रखने के लिए आप इसके बीच में 1 या 2 हल्के स्नैक्स शामिल कर सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 31, 2026 12:41 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 31, 2026 12:41 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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