Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

आयुर्वेद में बेहद लाभकारी माना जाता है सेज, जानें इसके फायदे, नुकसान और सेवन का तरीका

आयुर्वेद में सेज एक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है, जो वात-कफ दोष को संतुलित करती है। इसलिए आइए इस लेख में आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानते हैं सेज के फायदे, नुकसान और सेवन के तरीके के बारे में।

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कोविड-19 के बाद से लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं। फिट रहने और बीमारियों से बचाव के लिए लोग अलग-अलग तरह की जड़ी-बूटियों और घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है, जिन्हें हम किसी न किसी रूप में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इसी तरह आयुर्वेद में सेज नाम की भी जड़ी बूटी है, जो आपकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी के लिए सेज का इस्तेमाल बीमारियों से बचाव के लिए लाभकारी होता है। इसलिए, आइए आज के इस लेख में हम हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं आयुर्वेद में सेज के फायदे, नुकसान और अन्य चीजों के बारे में।

सेज क्या है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, सेज एक औषधीय पौधा है, जिसे इंग्लिश में Sage और वैज्ञानिक भाषा में Salvia officinalis के रूप में जाना जाता है। यह मुख्य रूप से यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों के आसपास पाया जाता है, लेकिन आजकल भारत में भी इसका उपयोग औषधी और हर्बल मेडिसीन के रूप में बढ़ गया है सेज की पत्तियां काफी  खुशबूदार होती हैं और इन्हीं पत्तियों का इस्तेमाल चाय, काढ़ा, गोलियां, कैप्सूल और तेल के रूप में किया जाता है। आयुर्वेद में सेज को एक वात-कफ शामक औषधि मानी जाती है, यानी यह वात और कफ दोष को शांत करने में काफी फायदेमंद होती है।

सेज की तासीर क्या होती है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि, सेज की तासीर उष्ण यानी गर्म होती है। इसकी गर्म तासीर के कारण यह शरीर की ठंड, भारीपन और कफ को कम करने में फायदेमंद मानी जाती है। ऐसे में जिन लोगों में वात और कफ दोनों ही असंतुलित होता है, उनके लिए सेज खासतौर पर लाभकारी होता है। हालांकि इसकी उष्ण तासीर के कारण पित्त प्रकृति वाले लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: सेज (Sage) है सेहत के लिए इन 7 तरीकों से फायदेमंद है, जानें इस्तेमाल का तरीका

सेज के फायदे क्या हैं?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, आयुर्वेद में सेज का सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है:

1. वात-कफ दोष शांत होता है

सेज आमतौर पर वात और कफ शामक माना जाता है, जहां शरीर में बलगम, खांसी, जकड़न और सूजन होती है, वहां यह बहुत फायदेमंद साबित होता है। खासतौर पर रेस्पिरेटरी डिजीज जैसे सर्दी, खांसी, ब्रोंकाइटिस और गले की समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

2. श्वसन तंत्र के लिए फायदेमंद

सेज की चाय, गार्गल या स्टीम इनहेलेशन गले की खराश, टॉन्सिल, आवाज बैठने और इंफेक्शन जैसी सांस से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाता है। इसका सेवन सूजन को भी कम करने में मदद करता है।

3. पाचन और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है

सेज का सेवन आपके पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करता है। इसके साथ ही मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है जो गैस, अपच, ब्लोटिंग और भूख न लगने जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में फायदेमंद होता है।

4. नर्वस सिस्टम के लिए फायदेमंद

नर्वस सिस्टम पर दबाव पड़ने के कारण अक्सर लोगों को उदासी, डिप्रेशन, अकेलापन या मानसिक थकान महसूस होती है। ऐसे में सेज का सेवन आपके नर्वस सिस्टम को सपोर्ट करता है और मन को भी स्थिर करने में मदद कर सकता है।

5. महिलाओं की समस्याओं में लाभकारी

आयुर्वेद में माना जाता है कि सेज का सेवन वात-कफ को संतुलित करता है और महिलाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे अनियमित पीरियड्स, दर्द या हार्मोनल असंतुलन से राहत दिलाने में मदद करता है।

6. सूजन और दर्द में राहत

सेज का सेवन करने से शरीर के सूजन को कम करने में मदद करता है। सेज में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, इसलिए गाउट, रूमेटिक डिसऑर्डर और जोड़ों के दर्द में भी यह काफी उपयोगी माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: सेज की पत्तियां से कंट्रोल करें कोलेस्ट्रॉल और मोटापा, जानें सेज के पत्ते के 8 फायदे और कुछ नुकसान

सेज के नुकसान क्या हैं?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि, सेज का सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं जैसे:

  • ज्यादा मात्रा में इसका सेवन पेट में जलन, एसिडिटी या मुंह सूखने की समस्या हो सकती है।
  • गर्म तासीर होने के कारण आपके शरीर में पित्त दोष बढ़ सकता है।
  • ज्यादा मात्रा में लंबे समय तक सेवन करने से सिरदर्द या चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन करने से बचें।

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सेज का सेवन कैसे करना चाहिए?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा ने बताया कि सेज का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते है, जैसे:

  • सेज की चाय: 1 कप गर्म पानी में 1 चम्मच सूखी सेज की पत्तियां डालकर 5 से 7 मिनट तक इसे उबालें।
  • गार्गल: सेज की पत्तियों का काढ़ा बनाकर आप इस पानी से गले में गरारे कर सकते हैं।
  • स्टीम इनहेलेशन: सेज की पत्तियों का इस्तेमाल आप स्टीम इनहेलेशन के रूप में भी कर सकते हैं, जिसके लिए गर्म पानी में सेज की पत्तियां डालकर भाप लें।  
  • कैप्सूल या गोलियां: आयुर्वेद में सेज का सेवन आप कैप्सूल या गोलियों के रूप में भी डॉक्टर की सलाह पर कर सकते हैं।

सेज किसे नहीं खाना चाहिए?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा की माने तो सेज का इस्तेमाल हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है, इसलिए, कुछ लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए, जिसमें:

  • पित्त प्रकृति वाले लोगों को
  • प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को
  • मिर्गी के मरीजों के लिए
  • बहुत ज्यादा एसिडिटी या अल्सर होने पर

निष्कर्ष

सेज का इस्तेमाल आयुर्वेद में एक प्रभावशाली हर्ब के रूप में होता है, जो वात-कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। इसका नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन सांस से जुड़ी बीमारियों, पाचन, नर्वस सिस्टम और सूजन से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में काफी उपयोगी होता है। हालांकि, इसका सेवन ज्यादा मात्रा और गलत तरीके से करने से बचें, ताकि इसके कारण किसी तरह के साइड इफेक्ट को होने से रोका जा सके।
Image Credit: Freepik 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 25, 2026 13:35 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jan 25, 2026 13:35 IST

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    Published By : Katyayani Tiwari
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