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Quitting Gutkha: गुटखा छोड़ने के 24 घंटे के भीतर शरीर पर पड़ता है ये असर, जानें एक्सपर्ट की राय

1 फरवरी को पेश हुए बजट के अनुसार, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों पर अतरिक्त एक्साइज ड्यूटी शुरू हो गई है, जिसके कारण इसकी कीमते बढ़ गई हैं। ऐसे में इनको छोड़ने से स्वास्थ्य को कई लाभ मिल सकते हैं। आइए लेख में जानें -

Health Changes 24 Hours After Quitting Gutkha In Hindi: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया है। जिसके अनुसार, सिगरेट, गुटखा और तंबाकू जैसे उत्पादों पर अतरिक्त एक्साइज ड्यूटी सोमवार से शुरू हो गई है, जिससे इनकी कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में गुटखा और तंबाकू खाने वाले और सिगरेट पीने वाले लोगों के लिए ये एक अच्छी खबर तो नहीं है। इस स्थिति में अच्छे स्वास्थ्य और पैसों की बचत के लिए गुटखा छोड़ना ही लोगों के फायदेमंद हो सकता है। वहीं, गुटखा और तंबाकू का सेवन करना कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। गुटखा छोड़ने के 24 घंटों में ही स्वास्थ्य में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं। ऐसे में आइए आरबीएच जयपुर के सीके बिरला हॉस्पिटल्स के पल्मोनोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. हर्षिल अलवानी (Dr. Harshil Alwani, Consultant - Pulmonology, CK BIRLA HOSPITALS, RBH Jaipur) से जानें गुटखा छोड़ने के 24 घंटे बाद शरीर कैसे बदलता है?

गुटखा छोड़ने के 24 घंटे बाद शरीर कैसे बदलता है? - Health Changes 24 Hours After Quitting Gutkha In Hindi

डॉ. हर्षिल अलवानी बताते हैं कि, “जैसे ही कोई व्यक्ति तंबाकू या गुटखा छोड़ता है, शरीर लगभग तुरंत ठीक होना शुरू हो जाता है। पहले 24 घंटों के अंदर, शरीर में कई पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलते हैं, खासकर लंग्स और हार्ट से जुड़े।"

ऑक्सीजन लेवल होता है बेहतर

डॉ. हर्षिल अलवानी आगे कहते हैं कि "तंबाकू या गुटखा छोड़ने से व्यक्ति के खून में कार्बन मोनोऑक्साइड का लेवल कम होने लगता है, जिससे ऑक्सीजन का लेवल नॉर्मल के करीब आ जाता है, जिससे जरूरी अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।"

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body changes after quitting gutkha 24 hours in hindi 01 (5)

हार्ट और लंग्स में होता है सुधार

तंबाकू या गुटखा को छोड़ने से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट स्थिर होने लगते हैं, जिससे अचानक दिल पर पड़ने वाले दबाव का खतरा कम हो जाता है। वहीं, फेफड़े (लंग्स) फंसे हुए बलगम और जहरीले कणों को साफ करना शुरू कर देते हैं, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है और सीने में जकड़न कम हो जाती है।

गंध और स्वाद में सुधार

तंबाकू या गुटखा को छोड़ने से कई लोगों को स्वाद और गंध में भी धीरे-धीरे सुधार महसूस होने लगता है क्योंकि डैमेज नर्व एंडिंग ठीक होने लगती हैं। सांस की नली में जलन और सूजन कम होने लगती है, जिससे अचानक सांस फूलने और खांसी की संभावना कम हो जाती है।

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नींद की गुणवत्ता में होता है सुधार

गुटखा और तंबाकू छोड़ने से नींद की क्वालिटी और एनर्जी लेवल में सुधार होता है क्योंकि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है, जिससे शरीर एक्टिव और एनर्जेटिक महसूस होने लगता है। हालांकि व्यक्ति को तंबाकू या गुटखा की तलब हो सकती है, लेकिन ये शुरुआती शारीरिक बदलाव संकेत देते हैं कि शरीर पॉजिटिव तरीके से प्रतिक्रिया दे रहा है।

डॉ. हर्षिल अलवानी के अनुसार, "यहां तक कि गुटखा और तंबाकू-मुक्त पहले 24 घंटे भी एक शक्तिशाली याद दिलाते हैं कि किसी भी स्टेज पर इनको छोड़ने से फेफड़ों के स्वास्थ्य, हार्ट के कामों और लाइफ की ओवरऑल क्वालिटी में काफी सुधार हो सकता है।”

निष्कर्ष

गुटखा और तंबाकू छोड़ने के 24 घंटों के अंदर व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन लेवल में सुधार आने, हार्ट और लंग्स में सुधार आने, गंध और स्वाद में सुधार, नींद की गुणवत्ता के बेहतर होने और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन के बेहतर होने जैसे लाभ मिलते हैं। ऐसे में अच्छी स्वास्थ्य और पैसों की बचत के लिए गुटखा और तंबाकू को छोड़ना सबसे अच्छा विकल्प है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • गुटखा खाने से कौन-कौन सी बीमारी होती है?

    गुटखा खाने से मसूड़ों की बीमारियां होने, दांतों के खराब होने, हार्ट से जुड़ी समस्या, हाई ब्लड प्रेशर, सांस फूलने, स्ट्रोक, ओरल कैंसर और मुंह में संक्रमण होने जैसी स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं।
  • क्या तंबाकू खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

    तंबाकू या गुटखा खाने और अधिक स्मोकिंग करने से व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल के स्तर बढ़ने, शरीर में ब्लड सर्कुलेश ठीक से न होने और हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
  • गुटखा की जगह क्या खाएं?

    गुटखा खाने के बजाए सौंफ, अजवाइन, लौंग, इलायची और ड्राई आंवला जैसी चीजों का सेवन किया जा सकता है। इसमें बहुत से पोषक तत्व और गुण होते हैं, जिससे स्वास्थ्य में सुधार और कई तरह की समस्याओं से बचाव करने में मदद मिल सकती है, लेकिन ध्यान रहे, इनमें से किसी भी चीज से एलर्जी होने पर उसका सेवन करने से बचें।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 04, 2026 13:29 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Feb 04, 2026 13:29 IST

    Published By : Priyanka Sharma

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