Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kapil Sharma , Group Director - Gastroenterology & Advanced Endoscopy

कैलोरी कम करके भी नहीं घट रहा वजन? डॉक्‍टर से जानें कारण

कई बार कैलोरी इंटेक कम करने के बाद भी लोगों की श‍िकायत होती है क‍ि वे वजन नहीं घटा पा रहे हैं। डॉक्‍टर से जानें इसके पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं?

जैसे ही लोग वजन कम करने के बारे में साेचते हैं, वे अपनी डाइट में कैलोरी इंटेक कम करना शुरू कर देते हैं। वेट लॉस के ल‍िए पोर्शन साइज या कैलोरी इंटेक कंट्रोल करना जरूरी भी है, लेक‍िन कई बार इस कोश‍िश के बावजूद कोई अच्‍छे पर‍िणाम हाथ नहीं आते। कई लोगों को इससे शुरुआत में फायदा भी मिलता है, लेकिन कुछ समय बाद वजन कम होना रुक जाता है। अगर आप भी डाइट पर हैं और कैलोरी कम करने के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा है, तो चल‍िए जानते हैं इसके पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Kapil Sharma, Gastroenterologist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

साल 2017 में Perspectives On Psychological Science में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, वजन को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ कैलोरी कम करना ही काफी नहीं है। वेट लॉस के लिए लंबे समय तक खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना भी जरूरी है। हम क्या खा रहे हैं, वह कितनी देर तक पेट भरा रखता है और शरीर उस भोजन से मिलने वाली ऊर्जा का इस्तेमाल कैसे करता है? इन बातों को भी समझना जरूरी है।

1. फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी की कमी

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केवल कैलोरी इंटेक घटाने से वजन कम नहीं होता, खासकर अगर आप पूरे द‍िन बैठकर काम करते हैं, तो यह आपके लि‍ए और भी बड़ी चुनौती हो सकती है। अगर फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी न के बराबर है, तो कैलोरी डेफ‍िस‍िट नहीं बनेगा, ज‍िसके मुताब‍िक कैलोरी इंटेक से ज्‍यादा कैलोरी बर्न होनी चाह‍िए।

क्‍या करें?

  • लंबे समय तक बैठने से बचें।
  • रोजाना 30 से 40 म‍िनट वॉक करें।
  • हफ्ते में कम से कम 150 म‍िनट फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी को दें।
  • अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाएं।

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2. नींद की कमी

नींद पूरी करके स‍िर्फ बॉडी र‍िलैक्‍स ही नहीं होती, बल्‍क‍ि इससे बॉडी फंक्‍शन भी बेहतर होते हैं। नींद हमारे हार्मोन्‍स को प्रभाव‍ित करती है। अगर नींद की कमी है, तो स्‍ट्रेस हार्मोन भी ट्र‍िगर हो सकता है ज‍िसके कारण अध‍िक भूख या ज्‍यादा कैलोरी कंज्‍यूम करने की इच्‍छा होने लगती है। इन कारणों के चलते वजन कम करना मुश्‍क‍िल हो सकता है।

क्‍या करें?

  • रोजाना पर्याप्‍त नींद लें और अपनी स्‍लीप साइक‍िल को बेहतर बनाएं।
  • सोने और उठने का समय फ‍िक्‍स करें और रात में स्‍क्रीन का इस्‍तेमाल करने से बचें।

3. स्वास्थ्य समस्याएं

अगर कैलोरी इंटेक कम करने के बाद भी वजन कम नहीं हो रहा है, तो इसके पीछे कुछ स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं भी ज‍िम्‍मेदार हो सकती हैं। जैसे- हाइपोथायराइड‍िज्‍म, PMOS वगैरह में वेट मैनेजमेंट मुश्‍क‍िल हो सकता है।

क्‍या करें?

अगर आप थायराइड या PMOS जैसी क‍िसी बीमारी का श‍िकार हो गए हैं, तो च‍िंता न करें, इसके बावजूद भी आप वजन कम कर सकते हैं, लेक‍िन तरीके में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। हेल्‍दी डाइट और एक्‍सरसाइज के साथ-साथ वेट लॉस के ल‍िए बीमारी का इलाज भी जरूरी है। थायराइड या PMOS का इलाज कराएं और दवाओं को द‍िनचर्या में शाम‍िल करके वेट लॉस लक्ष्‍य को जारी रखें। इस तरह वजन घटाने में आसानी होगी।

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4. ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेना

जो लोग अध‍िक स्‍ट्रेस में होते हैं वे वेट लॉस लक्ष्‍य को आसानी से पूरा नहीं कर पाते हैं। हर वक्‍त वजन कम करने के बारे में व‍िचार न करें। स्‍ट्रेस में व्‍यक्‍त‍ि इमोशनल ईट‍िंग का श‍िकार हो जाता है और ओवरईट‍िंग करने लगता है। इससे कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है।

क्या करें?

स्‍ट्रेस को कम करने के लिए रोजाना वॉक, योग, मेडिटेशन, डीप ब्रीद‍िंग एक्सरसाइज या अपनी पसंद की कोई आरामदायक एक्‍ट‍िव‍िटी को चुनें ताक‍ि मन और शरीर र‍िलैक्‍स हो सके।

5. प्रोटीन और फाइबर की कमी

कई बार जब शरीर में प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है, तो भी कैलोरी इंटेक घटाने के बावजूद वजन घटाना मुश्‍क‍िल हो सकता है।

क्‍या करें?

डाइट में पर्याप्‍त प्रोटीन स्रोत जैसे अंडा, दाल, पनीर, चना, राजमा वगैरह को शाम‍िल करें। फाइबर के ल‍िए साबुत अनाज, सब्‍ज‍ियां, फल, ओट्स वगैरह का सेवन करें। साथ ही, पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करना न भूलें।

डॉक्टर से संपर्क कब करें?

लगातार वजन बढ़ रहा है, अधि‍क थकान होती है, सांस फूलने लगती है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। अगर आप एक मह‍िला हैं और वजन कम नहीं होने के अलावा अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या है, तो यह PMOS का संकेत हो सकता है इसल‍िए डॉक्‍टर से संपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

कई बार कैलोरी इंटेक कम करने के बाद भी वजन नहीं घटता। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी की कमी, नींद की कमी, थायराइड या PMOS जैसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं, अध‍िक स्‍ट्रेस लेना और पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन और फाइबर को डाइट में शाम‍िल न करना। अगर सांस फूलना, थकान, तेजी से वजन बढ़ना, मह‍िलाओं में अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स जैसे लक्षण नजर आएं, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।

image credit: magnific

FAQ

  • कैलोरी इंटेक कैसे ट्रैक करें?

    कुछ समय तक भोजन और पेय की मात्रा को नोट करें। पैकेज्ड फूड लेबल पर कैलोरी की जानकारी देखें और हेल्‍दी व‍िकल्‍पों का चुनाव करें।
  • क्या वेट लॉस के लिए कैलोरी घटाना असरदार है?

    नहीं, केवल कैलोरी घटाने से वजन नहीं घटता। कैलोरी इंटेक कम करने के कारण पोषक तत्‍वों की कमी नहीं होनी चाह‍िए और न ही भूखा रहना चाह‍िए। वेट लॉस के ल‍िए संतुल‍ित डाइट लें और पोर्शन साइज कंट्रोल करें। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 03, 2026 20:06 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kapil Sharma

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