ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही इस महिला ने छोड़ दी थी जिंदगी की उम्मीद, ड्रग ट्रायल में मिल गई कैंसर से मुक्ति

ब्रिटेन में डॉक्टरों ने ब्रेस्ट कैंसर की एक नई दवा का 51 वर्षीय भारतीय मूल की महिला पर ट्रायल किया, ट्रायल के बाद महिला अब कैंसर मुक्त हो गयी हैं।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 05, 2022Updated at: Jul 05, 2022
ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही इस महिला ने छोड़ दी थी जिंदगी की उम्मीद, ड्रग ट्रायल में मिल गई कैंसर से मुक्ति

New Drug for Breast Cancer: ब्रिटेन में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टरों नें नई दवा के सफल ट्रायल का दावा किया है। जानकारी के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही ब्रिटेन में रहने वाली एक भारतीय मूल की महिला को कुछ महीने पहले बता दिया गया था, कि उसकी जिंदगी अब बस कुछ महीनों की ही है। ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही 51 साल की इस महिला ने भी बीमारी से ठीक होने की पूरी उम्मीद छोड़ दी थी। इसके बाद कुछ ऐसा हुआ जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। बाद में महिला पर मैनचेस्टर क्लिनिकल रिसर्च फैसिलिटी (सीआरएफ) में दो साल तक इम्यूनोथेरेपी मेडिसिन का ट्रायल किया गया। इस ट्रायल के परिणाम बेहद चौंकाने वाले आए हैं। महिला पर हुई इस दवा के ट्रायल के बाद क्लिनिकल टेस्ट में ब्रेस्ट कैंसर का कोई सबूत नहीं मिला है। 

ट्रायल में शामिल होने से पहले खत्म हो गयी थी उम्मीद

ब्रिटेन में रह रही 51 वर्षीय भारतीय मूल की महिला को साल 2017 के नवंबर महीने में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होने का पता चला। ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने के बाद शुरुआत के छह महीने तक उनकी कीमोथेरेपी की गयी। कीमोथेरेपी के बाद अप्रैल 2018 में महिला का इलाज मास्टेकटोमी के जरिए किया गया। इन सबके बाद डॉक्टरों ने इलाज के लिए 15 रेडियोथेरेपी का ट्रीटमेंट महिला को दिया। इस इलाज के बाद महिला कैंसर से ठीक हो चुकी थी, लेकिन साल 2019 के अक्टूबर महीने में उन्हें फिर से कैंसर होने का पता चला। इस दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि वह अब कुछ महीनों तक ही जिंदा रह सकती हैं।

New Drug for Breast Cancer

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ब्रेस्ट कैंसर की नई दवा के ट्रायल में मिले अच्छे रिजल्ट

ऐसे समय में जब इलाज का कोई विकल्प उनके पास नहीं बचा था, तो उन्हें मैनचेस्टर क्लिनिकल रिसर्च फैसिलिटी (सीआरएफ) में शामिल होने का मौका मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला ने बताया कि, "जब मुझे इस क्लिनिकल ट्रायल में शामिल होने का ऑफर मिला उस समय मैंने यह सोचकर शामिल होने का निर्णय लिया, कि इससे कम से कम मैं किसी अच्छे काम में शामिल होकर आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ कर सकती हूं।" ट्रायल के दौरान शुरुआत में महिला को काफी परेशानियां हुईं लेकिन बाद में इलाज का फायदा दिखना शुरू हुआ।

क्या है ये ब्रेस्ट कैंसर की नई दवा?

ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही भारतीय मूल की 51 वर्षीय महिला पर एटेजोलिजुमेब नाम की दवा का ट्रायल किया गया। इस दवा के ट्रायल में सामने आए परिणाम बेहद चौंकाने वाले हैं। लगभग 2 सालों तक इस ट्रायल में शामिल महिला का अंत में जब क्लिनिकल टेस्ट किया गया तो वह कैंसर फ्री पायी गयीं। एटेजोलिजुमेब एक इम्यूनोथेरेपी दवा है, जिसे ब्रेस्ट कैंसर के लिए बहुत फायदेमंद बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दवा के ट्रायल में शामिल महिला अब कैंसर से मुक्त हो चुकी हैं। डॉक्टरों ने जानकारी देते हुए मीडिया को बताया है कि इस दवा का अभी और लोगों पर भी ट्रायल किया जाएगा। अगर यह दवा सभी ट्रायल में कामयाब होती है तो यह ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में गेमचेंजर साबित होगी।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में, ब्रेस्ट कैंसर मौत का सबसे बड़ा कारण है। ज्यादातर महिलाओं में सही समय पर ब्रेस्ट कैंसर का पता नहीं चल पाता है, जिसकी वजह से उन्हें इलाज में देरी होती है। ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआत में ब्रेस्ट में गांठ बनना या दर्द होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मेमोग्राफी जांच से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता लगता है। ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण दिखने पर आपको भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर डॉक्टर की सलाह और इलाज लेने से आप इस बीमारी से ठीक हो सकते हैं। अगर ब्रेस्ट कैंसर की इस नई दवा के रिजल्ट दूसरे ट्रायल में भी अच्छे आते हैं, तो महिलाओं के लिए यह उम्मीद की किरण साबित होगी।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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