Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बाल झड़ने की वजह बन रहा है पित्त दोष? आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट ने बताए इसे संतुल‍ित करने के उपाय

बाल तेजी से झड़ रहे हैं और वजह समझ नहीं आ रही? आयुर्वेद के अनुसार इसका कारण पित्त दोष हो सकता है। जानें हरितकी, त्रिफला, भृंगराज, ध्यान और सही डाइट से पित्त संतुलित कर बालों को मजबूत बनाने के असरदार उपाय।

आजकल कम उम्र में ही बालों का तेजी से झड़ना एक आम समस्या बन गई है। लोग तरह-तरह के शैंपू, सीरम और ट्रीटमेंट अपनाते हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा असर नहीं मिलता। आयुर्वेद के अनुसार, इसका एक बड़ा कारण शरीर में पित्त दोष (Pitta Dosha) का असंतुलन भी हो सकता है। जब पित्त बढ़ता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ जाती है, जिससे स्कैल्प ड्राई और कमजोर हो जाती है। इससे हेयर फॉल, समय से पहले सफेद बाल और डैंड्रफ जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ सही डाइट, लाइफस्टाइल और कुछ आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर पित्त को संतुलित किया जा सकता है। आइए जानते हैं पित्त दोष को कंट्रोल करके बालों को हेल्दी बनाने के पांच असरदार उपाय। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. हरितकी से पित्त कम करें- Reduce Pitta with Haritaki

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma के अनुसार, हरीतकी (हरड़) एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसे आयुर्वेद में त्रिदोष नाशक माना गया है, खासतौर पर यह पित्त को संतुलित करने में मदद करती है। यह शरीर की गर्मी को कम करती है और टॉक्सिन्स बाहर निकालती है। रोज रात को गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच हरितकी चूर्ण लेने से लिवर हेल्दी रहता है, ब्लड साफ होता है और बालों की जड़ों को पोषण मिलता है।

2. तला-भुना और मसालेदार खाना छोड़ें- Avoid Fried, Junk & Excess Spices

पित्त बढ़ने का सबसे बड़ा कारण गलत खानपान है। ज्यादा तला-भुना, जंक फूड, मिर्च, काली मिर्च, ज्‍यादा नमक और मसालों का सेवन शरीर में गर्मी बढ़ाता है। इससे स्कैल्प ड्राई होती है और हेयर फॉल तेज हो जाता है। पित्त दोष को शांत करने के लिए ठंडी तासीर वाले फूड जैसे खीरा, नारियल पानी, घी, दही (सीमित मात्रा में), मौसमी फल और हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करें।

3. ध्यान से पित्त को शांत करें- Meditation For Pitta Balance

ज्यादा तनाव, चिड़चिड़ापन और नींद की कमी भी पित्त दोष को बढ़ाती है। रोज 10-15 मिनट ध्यान (Meditation), प्राणायाम और गहरी सांस लेने की आदत अपनाने से दिमाग शांत रहता है, स्ट्रेस कम होता है और हार्मोन बैलेंस रहते हैं। इसका सीधा फायदा बालों पर भी पड़ता है और हेयर फॉल धीरे-धीरे कम होने लगता है।

4. त्रिफला और भृंगराज का सेवन करें- Triphala & Bhringraj For Hair & Liver

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Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma के अनुसार, 2 ग्राम भृंगराज के साथ 2 ग्राम त्रिफला लेने से पित्त संतुलित होता है। 2 ग्राम भृंगराज को दिन में दो बार भोजन के बाद भी ले सकते हैं। यह एक बेहतरीन लिवर टॉनिक है और साथ ही बेस्ट हेयर टॉनिक भी माना जाता है। इससे खून साफ होता है, बालों की ग्रोथ बढ़ती है और हेयर फॉल कंट्रोल होता है।

5. गुस्सा करने से बचें- Control Anger To Control Pitta

बार-बार गुस्सा करना पित्त दोष को सबसे तेजी से बढ़ाता है। इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है, ब्लड प्रेशर और हेयर फॉल दोनों की शिकायत हो सकती है। शांत स्वभाव अपनाना, पॉजिटिव सोच, योग और मेडिटेशन के जरिए गुस्से पर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। जब मन शांत रहेगा, तो शरीर और बाल दोनों हेल्दी रहेंगे।

निष्कर्ष:

अगर आपके बाल बिना किसी बड़ी वजह के लगातार झड़ रहे हैं, तो सिर्फ बाहरी प्रोडक्ट्स पर निर्भर न रहें। हो सकता है इसके पीछे पित्त दोष का असंतुलन जिम्मेदार हो। सही डाइट, आयुर्वेदिक उपाय, मेडिटेशन और लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप पित्त को संतुलित कर सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 05, 2025 18:51 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 05, 2025 18:51 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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